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FourthFourth Generation Computer ने कैसे बदल दी कंप्यूटर की दुनिया? जानें इसके बारे में सबकुछ

आज हम जिस लैपटॉप या स्मार्टफोन का इस्तेमाल कर रहे हैं, उसकी नींव कई दशक पहले रखी गई थी, जब कंप्यूटर का साइज कमरे जितना बड़ा हुआ करता था। इसी सफर का एक बड़ा मोड़ था Fourth Generation Computer, जिसने कंप्यूटर को इतना छोटा और तेज बना दिया कि वह हर घर तक पहुंच सका। इस पोस्ट में आसान भाषा में समझेंगे कि Fourth Generation Computer क्या है, इसकी खासियत क्या है और यह पुरानी पीढ़ियों से किस तरह अलग है।

Fourth Generation Computer क्या है?

Fourth Generation Computer उस दौर के कंप्यूटर को कहा जाता है, जिनमें माइक्रोप्रोसेसर का इस्तेमाल होने लगा था। इससे पहले की पीढ़ियों में अलग-अलग सर्किट और चिप्स को जोड़कर कंप्यूटर बनाया जाता था, जबकि इस पीढ़ी में पूरा प्रोसेसिंग यूनिट एक ही छोटी चिप में समा गया। इस बदलाव ने कंप्यूटर की साइज को काफी छोटा कर दिया, साथ ही स्पीड और परफॉर्मेंस में भी बड़ा उछाल आया।

Fourth Generation Computer कैसे काम करता था?

इसमें एक ही सिलिकॉन चिप पर हजारों से लेकर लाखों तक इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट फिट किए गए, जिससे पूरा कंप्यूटर एक छोटी माइक्रोचिप के जरिए काम करने लगा। इसी माइक्रोप्रोसेसर को कंप्यूटर का दिमाग कहा जाता है, जो सारे कैलकुलेशन और इंस्ट्रक्शन को प्रोसेस करता है।

इस पीढ़ी में मेमोरी और स्टोरेज टेक्नोलॉजी भी काफी बेहतर हो गई, जिससे कंप्यूटर एक साथ ज्यादा डेटा संभाल पाने लगे। इसी दौर में पर्सनल कंप्यूटर की शुरुआत भी हुई, जिससे आम लोग भी घर या ऑफिस में कंप्यूटर इस्तेमाल कर पाने लगे। ग्राफिकल यूजर इंटरफेस और माउस जैसी चीजें भी इसी पीढ़ी में आम होने लगीं, जिससे कंप्यूटर इस्तेमाल करना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया।

इसके फायदे

सबसे बड़ा फायदा यह था कि कंप्यूटर का साइज कमरे जितना बड़ा होने की बजाय डेस्क पर फिट होने लायक हो गया, जिससे इसे घर और छोटे ऑफिस में भी रखना मुमकिन हुआ। इसकी कीमत भी पहले के मुकाबले काफी कम हो गई। स्पीड और एफिशिएंसी में भी बड़ा सुधार हुआ, जिससे कंप्यूटर पहले से कहीं ज्यादा जटिल काम कम समय में कर पाने लगे। इससे बिजनेस, एजुकेशन और रिसर्च, हर क्षेत्र में कंप्यूटर का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा।

इसका असर आज तक कैसे दिख रहा है?

आज इस्तेमाल होने वाले लगभग सभी डिवाइस, चाहे वह लैपटॉप हों या स्मार्टफोन, इसी माइक्रोप्रोसेसर आधारित सोच पर आगे बढ़े हैं। बस अब यह प्रोसेसर पहले से कहीं ज्यादा छोटा, तेज और पावरफुल हो चुका है। इस पीढ़ी ने ही आगे चलकर पर्सनल कंप्यूटिंग, इंटरनेट और आधुनिक सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री की नींव रखने में बड़ी भूमिका निभाई।

Fourth Generation Computer माइक्रोप्रोसेसर चिप का क्लोज-अप

Frequently Asked Questions (FAQ)

Fourth Generation Computer और मौजूदा कंप्यूटर में क्या फर्क है?
मौजूदा कंप्यूटर उसी माइक्रोप्रोसेसर टेक्नोलॉजी पर आधारित हैं, लेकिन अब प्रोसेसर पहले से कहीं ज्यादा एडवांस, तेज और छोटे हो चुके हैं।

इस पीढ़ी की शुरुआत कब मानी जाती है?
आमतौर पर 1970 के दशक की शुरुआत से इस पीढ़ी की गिनती की जाती है, जब पहला माइक्रोप्रोसेसर बाजार में आया था।

क्या इसी दौर में पर्सनल कंप्यूटर आम हुए थे?
हां, इसी पीढ़ी के दौरान पर्सनल कंप्यूटर धीरे-धीरे घरों और ऑफिस तक पहुंचने लगे थे।

क्या इस पीढ़ी के कंप्यूटर आज भी इस्तेमाल होते हैं?
सीधे तौर पर वही पुराने मॉडल अब इस्तेमाल नहीं होते, लेकिन उनकी बुनियादी टेक्नोलॉजी आज के कंप्यूटर में भी मौजूद है।

पहला माइक्रोप्रोसेसर किस कंपनी ने बनाया था?
पहला कमर्शियल माइक्रोप्रोसेसर Intel ने बनाया था, जिसे इस पीढ़ी की शुरुआत का सबसे बड़ा मील का पत्थर माना जाता है।

आगे और समाचार पढ़ें:

Fourth Generation Computer से जुड़ी जानकारी के अलावा, टेक्नोलॉजी से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें: Non Volatile Memory, जिसमें बताया गया है कि डेटा बिजली बंद होने के बाद भी कैसे सुरक्षित रहता है; Optical Computing, जिसमें बताया गया है कि रोशनी से डेटा प्रोसेसिंग कैसे की जाती है; और Nanotechnology, जिसमें बताया गया है कि बेहद छोटे स्तर पर मैटीरियल कैसे डिजाइन किया जाता है।

उपरोक्त जानकारी गूगल और विभिन्न वेबसाइट/समाचार माध्यमों से ली गई है। सटीकता की गारंटी नहीं है।

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