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Demat Account का AMC Charge क्या है? हर साल कितना कटता है

Demat Account AMC Charges के बारे में बहुत से निवेशकों को तब पता चलता है जब बिना कोई ट्रेड किए भी अकाउंट से पैसा कट जाता है।

2026 में डिस्काउंट ब्रोकर्स और पारंपरिक ब्रोकर्स के बीच Demat Account AMC Charges को लेकर बहुत बड़ा फर्क बन चुका है।

इस आर्टिकल में हम समझेंगे कि Demat Account AMC Charges क्या हैं, BSDA में कितना कटता है, और इससे कैसे बचा जाए।

Demat Account AMC Charges क्या हैं?

यह वह सालाना फीस है जो ब्रोकर आपका डीमैट अकाउंट मेंटेन करने के लिए लेता है।

यह फीस तब भी लगती है जब पूरे साल एक भी ट्रेड न किया गया हो, यही बात ज्यादातर निवेशकों को हैरान करती है।

पारंपरिक ब्रोकर्स में उदाहरण के लिए SBI पहले साल के बाद ₹750 सालाना Demat Account AMC Charges लेता है।

BSDA में Demat Account AMC Charges कितना लगता है?

SEBI ने छोटे निवेशकों के लिए Basic Service Demat Account यानी BSDA कैटेगरी बनाई है।

अगर होल्डिंग ₹4 लाख तक है, तो AMC पूरी तरह जीरो रहता है।

₹4 लाख से ₹10 लाख के बीच होल्डिंग पर करीब ₹8.33 प्लस GST प्रति महीना यानी सालाना करीब ₹100 चार्ज लगता है।

₹10 लाख से ज्यादा होल्डिंग पर नॉन-BSDA रेट लागू होता है, जो व्यक्ति के लिए ₹25 प्लस GST प्रति महीना यानी सालाना करीब ₹300 तक जाता है।

Zero AMC ब्रोकर्स — क्या सच में फ्री है?

Zerodha, Groww, Upstox और Dhan जैसे डिस्काउंट ब्रोकर्स अब ज्यादातर Zero AMC ऑफर करते हैं।

हालांकि कुछ ब्रोकर्स Zero AMC के बदले प्रति ऑर्डर ज्यादा ब्रोकरेज चार्ज करके यह घाटा पूरा कर लेते हैं।

इसलिए सिर्फ Demat Account AMC Charges ही नहीं, बल्कि पूरा ब्रोकरेज ढांचा भी देखकर फैसला लेना समझदारी है।

Demat Account AMC Charges से कैसे बचें?

अगर होल्डिंग ₹10 लाख से कम है, तो पक्का करें कि ब्रोकर आपको BSDA रेट पर ही बिल कर रहा है।

SEBI ने ब्रोकर्स को यह अपने आप लागू करने का निर्देश दिया है, फिर भी कई बार यह चूक जाता है, इसलिए बिलिंग खुद जरूर चेक करें।

जो डीमैट अकाउंट सालों से इस्तेमाल नहीं हो रहा, उसे बंद करा दें, वरना बेकार में हर साल AMC कटता रहेगा।

AMC कैसे चेक करें और ब्रोकर कैसे बदलें?

अपने ब्रोकर के अकाउंट स्टेटमेंट में चार्जेज सेक्शन देखकर Demat Account AMC Charges पता चल जाते हैं।

अगर ब्रोकर बदलना हो, तो CDSL के Easiest पोर्टल से अब बिना फिजिकल फॉर्म भरे भी ट्रांसफर हो जाता है।

निवेश से मिलने वाली रकम को समझदारी से निकालने के लिए Systematic Withdrawal Plan भी एक अच्छा विकल्प हो सकता है।

निवेश से जुड़े दूसरे चार्ज जैसे Mutual Fund Exit Load को भी पहले से समझ लेना फायदेमंद रहता है।

ज्यादा जानकारी के लिए SEBI की वेबसाइट पर भी जा सकते हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

1. Demat Account AMC Charges क्या हैं? यह डीमैट अकाउंट मेंटेन करने के लिए ब्रोकर द्वारा ली जाने वाली सालाना फीस है।

2. क्या ट्रेड न करने पर भी AMC लगता है? हां, यह चार्ज ट्रेडिंग एक्टिविटी से जुड़ा नहीं है, हर साल अपने आप लागू होता है।

3. BSDA में कितना AMC लगता है? ₹4 लाख तक होल्डिंग पर जीरो, ₹4-10 लाख के बीच करीब ₹100 सालाना।

4. क्या Zero AMC ब्रोकर्स पूरी तरह फ्री होते हैं? नहीं, कई बार वे इसकी भरपाई ज्यादा ब्रोकरेज चार्ज करके करते हैं।

5. पुराना डीमैट अकाउंट इस्तेमाल न हो तो क्या करें? उसे बंद करा देना बेहतर है, वरना बेकार AMC कटता रहेगा।

उपरोक्त जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है। सटीक चार्जेज ब्रोकर और समय के हिसाब से बदल सकते हैं, अपने ब्रोकर से पुष्टि जरूर करें।

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