TCS on Foreign Remittance की वजह से विदेश पैसे भेजते वक्त अक्सर पूरी रकम अकाउंट से नहीं जाती, कुछ हिस्सा टैक्स के तौर पर पहले ही कट जाता है। 1 अप्रैल 2026 से Budget 2026 के तहत TCS on Foreign Remittance की दरों में बड़ी राहत भी दी गई है, खासकर पढ़ाई और इलाज के लिए भेजे जाने वाले पैसों पर। इस आर्टिकल में हम समझेंगे कि TCS on Foreign Remittance कब लगता है, LRS का पूरा नियम क्या है, और यह पैसा वापस कैसे मिलता है।
TCS on Foreign Remittance क्या है?
जब कोई भारतीय निवासी RBI की Liberalised Remittance Scheme यानी LRS के तहत विदेश पैसा भेजता है, तो बैंक एक तय प्रतिशत TCS काटकर सरकार के पास जमा कर देता है। यह कोई अतिरिक्त टैक्स नहीं है, बल्कि एडवांस टैक्स की तरह है जिसे ITR फाइल करते वक्त अपनी कुल टैक्स देनदारी के खिलाफ एडजस्ट किया जा सकता है।
₹10 लाख की सीमा- किस पर लागू होती है
TCS on Foreign Remittance को समझने के लिए सबसे पहले इस ₹10 लाख की सीमा को समझना जरूरी है।TCS on Foreign Remittance की छूट सीमा एक वित्त वर्ष में एक PAN पर ₹10 लाख है। यह सीमा सभी बैंकों और सभी मकसद के रेमिटेंस को मिलाकर तय होती है, अलग-अलग बैंक में अलग सीमा नहीं मिलती।
Budget 2026 से TCS on Foreign Remittance की नई दरें क्या हैं?
विदेशी टूर पैकेज पर अब पहले रुपये से ही सीधे 2% TCS लगता है, कोई छूट सीमा नहीं है। खुद के पैसों से पढ़ाई या इलाज के लिए भेजी गई रकम पर ₹10 लाख से ऊपर सिर्फ 2% TCS लगता है, जो पहले 5% था। एजुकेशन लोन से भेजी गई रकम पर कोई TCS नहीं लगता, यह पूरी तरह छूट में रहती है। निवेश, गिफ्ट या रिश्तेदारों के खर्च जैसे बाकी मकसद पर ₹10 लाख से ऊपर अब भी 20% की दर बिना किसी बदलाव के जारी है।
क्रेडिट कार्ड से विदेश खर्च पर क्या नियम है?
विदेश में इंटरनेशनल क्रेडिट कार्ड से किया गया खर्च अभी LRS के दायरे में नहीं आता, इसलिए इस पर कोई TCS नहीं कटता। यह छूट कब तक जारी रहेगी, यह अभी साफ नहीं है, इसलिए बड़ी रकम खर्च करने से पहले ताजा नियम जरूर चेक करें।
TCS वापस कैसे मिलता है?
बैंक की तरफ से मिलने वाला Form 27D और Form 26AS में दिखने वाला क्रेडिट ही TCS वापस पाने के मुख्य दस्तावेज हैं। ITR फाइल करते वक्त इसे क्लेम किया जा सकता है, ठीक वैसे ही जैसे Section 87A Tax Rebate जैसी दूसरी छूटें भी ITR के जरिए ही मिलती हैं।
किन गलतियों से बचें
रेमिटेंस के वक्त PAN जरूर दें, वरना ज्यादा दर से TCS कट सकता है। रिफंड सिर्फ PAN से लिंक और पहले से वेरिफाइड बैंक अकाउंट में ही आता है, इसलिए अकाउंट पहले से वेरिफाई कर लें। AIS में दिखने वाला TCS आंकड़ा अपने रिकॉर्ड से मिलाकर जरूर जांच लें।
विदेश जाकर UPI International Payments इस्तेमाल करने वालों को भी यह टैक्स नियम समझना जरूरी है।
ज्यादा आधिकारिक जानकारी के लिए Income Tax Department की वेबसाइट पर भी जा सकते हैं।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. TCS on Foreign Remittance कब लगता है?
एक वित्त वर्ष में ₹10 लाख से ज्यादा की LRS रकम भेजने पर यह लागू होता है।
2. Budget 2026 में क्या बदलाव हुआ?
पढ़ाई और इलाज पर TCS 5% से घटाकर 2% कर दिया गया, टूर पैकेज पर फ्लैट 2% बिना सीमा के लागू हुआ।
3. क्या यह पैसा वापस मिलता है?
हां, यह एडवांस टैक्स की तरह है और ITR फाइल करके पूरा वापस या एडजस्ट किया जा सकता है।
4. क्या एजुकेशन लोन पर भी TCS लगता है?
नहीं, लोन से भेजी गई रकम पूरी तरह TCS से मुक्त है।
5. निवेश या गिफ्ट पर कितना TCS लगता है?
₹10 लाख से ऊपर 20% की दर लागू होती है, इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ।
उपरोक्त जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है। सटीक टैक्स प्लानिंग के लिए किसी प्रमाणित चार्टर्ड अकाउंटेंट से सलाह जरूर लें।

