सभी के सैंपल ओमिक्राॅन जांच के लिए भेजे, संक्रमित छात्रों में नहीं हैं किसी तरह के कोई भी लक्षण

नैनीताल (संवाददाता, योगेश दुम्का): उत्तराखंड में मैदान के साथ ही पहाड़ी इलाकों में भी कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे हैं। अब आवासीय स्कूलों में भी कोरोना के मामलों ने चिंता बढ़ा दी है। एक दिन पहले भवाली-अल्मोड़ा हाईवे स्थित गंगरकोट सुयालबाड़ी के जवाहर नवोदय विद्यालय में 85 विद्यार्थी कोरोना पॉजिटिव पाए गए। क्षेत्र के राजकीय प्राथमिक विद्यालय सौनगांव में तैनात शिक्षक की भी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इससे क्षेत्र में हडकंप मचा हुआ है। सभी पाॅजीटिव पाए गए छात्रों के सैंपल ओमिक्राॅन जांच के लिए भी भेजे गए हैं। गौर करने वाली बात यह है कि इन छात्रों में किसी भी प्रकार के लक्षण भी नहीं हैं।

सभी को अलग-अलग जगह आइसोलेट कर दिया गया है। बुधवार और गुरुवार को 11 छात्र-छात्राओं के साथ विद्यालय के प्रधानाचार्य की रिपोर्ट भी संक्रमित आई थी, जिन्हें अलग-अलग हॉस्टल में आइसोलेट किया गया है। इनकी देखभाल डॉक्टरों की टीम कर रही है। सीएचसी गरमपानी के कोविड सैंपल प्रभारी मदन गिरी गोस्वामी ने बताया कि विद्यालय के 85 विद्यार्थी कोरोना संक्रमित आए है। विद्यालय के 70 प्रतिशत बच्चे बुखार, खासी और नाक बंद से पीड़ित हैं। वहीं राप्रावि सौनगांव में तैनात दूसरे शिक्षक भी कोरोना संक्रमित आए हैं। क्षेत्र में लगातार कोरोना संक्रमण बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग की टीम भी सकते में आ गई है। वहीं प्रशासन भी क्षेत्र में बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए लोगों को मास्क, सैनिटाइजर और सामाजिक दूरी बनाने को लेकर जागरूक कर रहा है। कोश्याकुटौली के एसडीएम राहुल साह का कहना है कि नवोदय विद्यालय को माइक्रो कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया है।

जवाहर नवोदय विद्यालय के हॉस्टल में रहने वाले 450 बच्चों की सैंपलिंग के बाद 85 बच्चे पॉजिटिव पाए गए हैं। एक बार फिर बच्चों की सैंपलिंग की जाएगी। जांच परिणाम आने के बाद बच्चों को घर भेजा जाएगा। संक्रमित पाए गए बच्चों में कोरोना के कोई लक्षण नहीं हैं। प्रधानाचार्य को विद्यालय बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। कोरोना संक्रमित बच्चों की निगरानी के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से डॉक्टरों की टीम गठित की गई है।

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