PM मोदी ने पाकिस्तान से जुड़े आतंकवाद के मुद्दे पर कड़ा संदेश देते हुए कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति अब स्पष्ट है। बालाकोट एयरस्ट्राइक से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक भारत ने बार-बार यह संदेश दिया है कि देश पर आतंकी हमला करने वालों को जवाब मिलेगा। पीएम मोदी ने यह बात रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में कही। उनका यह बयान 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक की 10वीं वर्षगांठ से ठीक पहले आया है।
सर्जिकल स्ट्राइक की 10वीं वर्षगांठ पर PM मोदी का संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने 28-29 सितंबर 2016 को भारतीय सेना द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक को भारत की आतंकवाद विरोधी नीति में एक महत्वपूर्ण पड़ाव बताया। उन्होंने कहा कि उस कार्रवाई ने दुनिया को भारत की नई आतंकवाद-रोधी नीति का उदाहरण दिखाया।
पीएम मोदी के मुताबिक, उस समय भारतीय सैनिकों ने नियंत्रण रेखा (LoC) पार कर आतंकी ठिकानों के खिलाफ कार्रवाई की थी। उन्होंने इसे लंबे समय से आतंकवादी हमलों का सामना कर रहे भारत की निर्णायक प्रतिक्रिया बताया।
2016 की सर्जिकल स्ट्राइक उरी में भारतीय सेना के शिविर पर हुए आतंकी हमले के बाद की गई थी। सरकारी और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उरी हमले में 17 भारतीय सैनिकों की मौत हुई थी। इसके बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकियों के लॉन्च पैड को निशाना बनाने की कार्रवाई की थी।
बालाकोट से ऑपरेशन सिंदूर तक का जिक्र
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में पिछले एक दशक की प्रमुख आतंकवाद विरोधी कार्रवाइयों का उल्लेख करते हुए बालाकोट एयरस्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर को भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि इन कार्रवाइयों के जरिए भारत ने यह संदेश दिया है कि अगर आतंकवादी भारत को निशाना बनाने की कोशिश करेंगे तो उन्हें जवाब का सामना करना पड़ेगा।
2019 में पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के प्रशिक्षण शिविर को निशाना बनाने की कार्रवाई की थी। वहीं, 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। भारत सरकार के अनुसार, इस ऑपरेशन में पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत क्षेत्र में मौजूद आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया।
PM मोदी का ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर जोर
मोदी ने कहा कि भारत आज आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक को भारत की आतंकवाद विरोधी नीति में एक नए दृष्टिकोण का प्रतीक बताया।
उनके अनुसार, पहले आतंकवादी हमलों के बाद भारत को लंबे समय तक आतंकवाद का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब देश की नीति में जवाबी कार्रवाई का तत्व अधिक स्पष्ट दिखाई देता है। यह प्रधानमंत्री का आतंकवाद के खिलाफ भारत की वर्तमान रणनीति का वर्णन है।
उन्होंने 2008 के दिल्ली सीरियल ब्लास्ट और मुंबई के 26/11 आतंकी हमले का भी उल्लेख किया। पीएम ने कहा कि एक समय देश में सिलसिलेवार धमाकों की घटनाएं आम होती जा रही थीं। उनके मुताबिक, आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति में इसके बाद महत्वपूर्ण बदलाव आए हैं।
PM मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर को बताया नया मानक
ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने पहले भी कहा था कि यह आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति में एक नया मानक स्थापित करता है। सरकार के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य आतंकी ढांचे और उसके प्रमुख ठिकानों को निशाना बनाना था।
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी उनके पिछले संबोधन में कहा गया था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत क्षेत्र में आतंकी ठिकानों पर सटीक कार्रवाई की। सरकार ने इसे आतंकवाद के खिलाफ भारत की जवाबी नीति का हिस्सा बताया था।
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भारत-पाकिस्तान संबंधों में आतंकवाद अहम मुद्दा
भारत और पाकिस्तान के संबंधों में आतंकवाद लंबे समय से एक प्रमुख विवाद का विषय रहा है। नई दिल्ली पाकिस्तान पर सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देने का आरोप लगाती रही है, जबकि पाकिस्तान इन आरोपों को खारिज करता है।
सितंबर 2026 में विदेश मंत्रालय ने भी कहा था कि पाकिस्तान को सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ विश्वसनीय और ठोस कार्रवाई करनी होगी, तभी उसके बयानों को अंतरराष्ट्रीय समुदाय गंभीरता से ले सकेगा।
पीएम मोदी का ताजा बयान ऐसे समय आया है जब 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक को 10 साल पूरे हो रहे हैं। उनके संबोधन में बालाकोट और ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र इस बात को रेखांकित करता है कि सरकार आतंकवाद के खिलाफ अपनी नीति को पिछले एक दशक की विभिन्न सैन्य कार्रवाइयों की निरंतरता के रूप में प्रस्तुत कर रही है।

