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बिहार में नाबालिगों से बदसलूकी का मामला: वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने 3 आरोपियों को पकड़ा, 4 की तलाश तेज

बिहार के जमुई जिले में नाबालिग छात्र-छात्रा के साथ कथित बदसलूकी और छेड़छाड़ का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की है। पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि वीडियो के आधार पर करीब सात संदिग्धों की पहचान की गई है और चार अन्य की तलाश में छापेमारी जारी है।

वायरल वीडियो से सामने आया मामला

बिहार के जमुई जिले में दो नाबालिगों के साथ कथित बदसलूकी का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। घटना 19 सितंबर की शाम की बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, एक नाबालिग लड़का और लड़की कोचिंग से लौट रहे थे। इसी दौरान सदर थाना क्षेत्र में कुछ युवकों ने दोनों को कथित तौर पर रास्ते में रोक लिया।

घटना से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला चर्चा में आया। पुलिस के मुताबिक, वीडियो में कई लोग दोनों नाबालिगों को घेरते और उनके साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार करते नजर आते हैं। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू की।

वीडियो में क्या दिखाई दिया?

पुलिस और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, घटना के दो वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं। इनमें एक वीडियो करीब 1 मिनट 2 सेकंड और दूसरा करीब 35 सेकंड का बताया गया है।

रिपोर्टों के मुताबिक, वीडियो में कुछ युवक नाबालिग लड़की से उसका नाम और पता पूछते दिखाई देते हैं। उसके साथ कथित रूप से अनुचित व्यवहार किए जाने की बात भी सामने आई है। एक अन्य हिस्से में लड़की को सड़क पर खींचे जाने का दृश्य दिखाई देने की बात कही गई है। लड़के के साथ भी कथित तौर पर मारपीट और बदसलूकी की गई।

पुलिस का कहना है कि पूरी घटना करीब 20 मिनट तक चली होने की जानकारी सामने आई है, हालांकि सोशल मीडिया पर उपलब्ध वीडियो घटना के केवल कुछ हिस्सों को दिखाते हैं। वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि PTI द्वारा नहीं की गई थी।

बिहार पुलिस ने वाहन नंबर से पीड़ितों को खोजा

जमुई के पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल के अनुसार, घटना के तुरंत बाद पीड़ितों या उनके परिवार की ओर से पुलिस में शिकायत नहीं की गई थी। रविवार तक पुलिस के पास कोई औपचारिक शिकायत नहीं पहुंची थी।

इसके बाद जब वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तो पुलिस ने उसमें दिखाई दे रहे एक वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर की मदद से पीड़ितों का पता लगाया। पुलिस ने दोनों नाबालिगों से संपर्क कर उनके बयान लिए और मामले की जांच आगे बढ़ाई।

यह पहलू इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पुलिस के अनुसार घटना के दो दिन बाद तक मामला औपचारिक रूप से पुलिस के सामने नहीं आया था।

POCSO और BNS के तहत FIR दर्ज

पुलिस ने मामले में FIR दर्ज कर ली है। चूंकि पीड़ितों में नाबालिग शामिल हैं, इसलिए मामले में पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के प्रावधान लगाए गए हैं। इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत भी कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि FIR में शुरुआत में किसी आरोपी का नाम दर्ज नहीं था। जांचकर्ताओं ने वीडियो फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान शुरू की।

करीब सात लोगों की पहचान, तीन गिरफ्तारबिहार

पुलिस के अनुसार, वीडियो के आधार पर करीब सात लोगों की पहचान की गई है। इनमें से तीन को गिरफ्तार कर लिया गया है। बाकी आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की टीमों द्वारा संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।

जांच की निगरानी के लिए सब-डिविजनल पुलिस ऑफिसर दीप्ति मोनाली के नेतृत्व में विशेष जांच टीम यानी SIT गठित की गई है। टीम का उद्देश्य घटना में शामिल सभी संदिग्धों की पहचान करना और उनकी कथित भूमिका की जांच करना है।

वीडियो को सोशल मीडिया से हटाने की कोशिश

पुलिस ने घटना के वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटाने के लिए भी कदम उठाए हैं। अधिकारियों का कहना है कि नाबालिगों की पहचान और उनकी निजता की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है।

ऐसे मामलों में वायरल वीडियो को दोबारा साझा करने से पीड़ितों की पहचान उजागर होने का खतरा रहता है। इसलिए सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से भी ऐसे संवेदनशील वीडियो को आगे प्रसारित नहीं करने की अपील की गई है।

राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी लिया संज्ञान

मामले पर राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने भी स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने बिहार के पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी तथा मामले की समयबद्ध और निष्पक्ष जांच की मांग की है। आयोग ने वीडियो फुटेज का इस्तेमाल कर कथित आरोपियों की पहचान करने पर भी जोर दिया है।

इससे मामले की गंभीरता और पीड़ितों की सुरक्षा को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान गया है।

जांच के दौरान किन बातों पर नजर?

फिलहाल पुलिस वीडियो की सत्यता, घटना का पूरा क्रम और इसमें शामिल प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका की जांच कर रही है। इसके अलावा पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना के दौरान मौके पर कौन-कौन मौजूद था और किस व्यक्ति ने क्या भूमिका निभाई।

किसी आरोपी की गिरफ्तारी अपने आप में दोष सिद्ध होने के बराबर नहीं है। आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी।

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निष्कर्ष

जमुई में नाबालिग छात्र और छात्रा से कथित बदसलूकी के मामले ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद व्यापक ध्यान खींचा है। पुलिस ने वीडियो के आधार पर करीब सात संदिग्धों की पहचान की है, जिनमें से तीन को गिरफ्तार किया जा चुका है। चार अन्य की तलाश जारी है।

POCSO और BNS के तहत FIR दर्ज होने के साथ SIT मामले की जांच कर रही है। राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी मामले का संज्ञान लेकर त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। अब जांच का मुख्य फोकस सभी आरोपियों की पहचान, उनकी भूमिका और उपलब्ध साक्ष्यों के सत्यापन पर है।

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PandeyAbhishek
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Abhishek Pandey is a skilled news editor with 4-5 years of experience in the field, he covers mostly political, world news, sports and etc.
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