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दिल्ली की हवा हुई जहरीली, नोएडा-ग्रेटर नोएडा में AQI 773 तक पहुंचने का दावा; जानें अपने इलाके का हाल

दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। सर्दियों की शुरुआत के साथ ही राजधानी दिल्ली और आसपास के शहरों की हवा जहरीली होने लगी है। सुबह और शाम के समय कई इलाकों में धुंध और स्मॉग की मोटी चादर दिखाई दे रही है। लोगों को सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में भी प्रदूषण को लेकर चिंता बढ़ गई है। कुछ रिपोर्टों में AQI 773 तक पहुंचने का दावा किया गया है, हालांकि इस आंकड़े की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।

दिल्ली में प्रदूषण का स्तर गंभीर, कई इलाकों में AQI 400 पार

शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 की सुबह दिल्ली के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) गंभीर श्रेणी में दर्ज किया गया। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, राजधानी का औसत AQI 389 रहा। वहीं, रोहिणी में 473 और पंजाबी बाग में 464 तक प्रदूषण का स्तर पहुंच गया।

इसके अलावा आरके पुरम में AQI 441, अलीपुर में 435, सोनिया विहार में 435, ओखला फेज-2 में 426 और नॉर्थ कैंपस में 424 दर्ज किया गया। आईटीओ में भी AQI 420 रहा। इन आंकड़ों से साफ है कि राजधानी के कई इलाकों में लोगों को साफ हवा नसीब नहीं हो रही है।

नोएडा-ग्रेटर नोएडा में भी बिगड़े हालात दिल्ली

दिल्ली के साथ-साथ नोएडा और ग्रेटर नोएडा में भी प्रदूषण का असर देखने को मिल रहा है। नोएडा में 6 नवंबर की सुबह AQI 313 दर्ज किया गया, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है। ग्रेटर नोएडा में भी वायु गुणवत्ता को लेकर चिंता बनी हुई है।

हालांकि, AQI 773 का आंकड़ा आधिकारिक मॉनिटरिंग डेटा से सत्यापित नहीं है। लोगों को सलाह दी जाती है कि वे अपने इलाके का ताजा AQI केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आधिकारिक पोर्टल पर जरूर चेक करें।

क्या होता है AQI और कब मानी जाती है हवा जहरीली?

AQI यानी एयर क्वालिटी इंडेक्स के जरिए हवा में मौजूद प्रदूषकों के स्तर को मापा जाता है। इसके आधार पर लोगों को बताया जाता है कि उनके आसपास की हवा कितनी साफ या प्रदूषित है।

AQI की श्रेणियां इस प्रकार हैं:

  • 0 से 50: अच्छी हवा
  • 51 से 100: संतोषजनक
  • 101 से 200: मध्यम
  • 201 से 300: खराब
  • 301 से 400: बेहद खराब
  • 401 से 500: गंभीर

जब AQI 300 के पार पहुंचता है तो लोगों की सेहत पर इसका बुरा असर पड़ सकता है। वहीं, 400 से अधिक AQI की स्थिति विशेष रूप से चिंताजनक होती है।

प्रदूषित हवा से सेहत को कितना नुकसान?

लगातार प्रदूषित हवा में सांस लेने से शरीर पर कई तरह के नकारात्मक प्रभाव पड़ सकते हैं। हवा में मौजूद PM2.5 और PM10 जैसे सूक्ष्म कण सांस के जरिए फेफड़ों तक पहुंच जाते हैं।

इससे खांसी, गले में जलन, आंखों में पानी, सांस लेने में परेशानी और सीने में जकड़न जैसी समस्याएं हो सकती हैं। अस्थमा, हृदय रोग और सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए यह स्थिति अधिक खतरनाक हो सकती है।

बच्चों और बुजुर्गों को भी प्रदूषण से विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। लंबे समय तक खराब हवा के संपर्क में रहने से स्वस्थ लोगों की सेहत भी प्रभावित हो सकती है।

आखिर क्यों बढ़ रहा है दिल्ली-NCR में प्रदूषण?

दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण बढ़ने के पीछे कई कारण हैं। वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल, औद्योगिक उत्सर्जन और कचरा जलाने जैसी गतिविधियां प्रदूषण बढ़ाती हैं।

इसके अलावा सर्दियों में हवा की गति कम होने और वातावरण में नमी बढ़ने से प्रदूषक कण जमीन के करीब जमा रह सकते हैं। इससे स्मॉग की स्थिति बनती है और प्रदूषण लंबे समय तक बना रहता है।

जहरीली हवा से बचने के लिए क्या करें?

बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए लोगों को अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

  1. AQI ज्यादा होने पर सुबह और शाम की आउटडोर एक्सरसाइज से बचें।
  2. जरूरी काम से बाहर निकलते समय अच्छी फिटिंग वाला N95 मास्क पहनें।
  3. बच्चों और बुजुर्गों को लंबे समय तक बाहर न रहने दें।
  4. घर में धूल और धुएं का प्रवेश कम रखें।
  5. अस्थमा के मरीज अपनी निर्धारित दवाएं और इनहेलर साथ रखें।
  6. सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द या लगातार खांसी होने पर डॉक्टर से संपर्क करें।

अपने इलाके का AQI कैसे चेक करें?

अपने शहर और आसपास के इलाके में प्रदूषण का ताजा स्तर जानने के लिए CPCB के आधिकारिक पोर्टल (https://airquality.cpcb.gov.in/) पर जा सकते हैं। यहां दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम समेत विभिन्न मॉनिटरिंग स्टेशनों के आंकड़े देखे जा सकते हैं।

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फिलहाल राहत के आसार पर नजर

दिल्ली-एनसीआर में बढ़ता वायु प्रदूषण आम लोगों के लिए बड़ी चिंता बन गया है। आने वाले दिनों में मौसम, हवा की गति और प्रदूषण नियंत्रण के उपायों पर हालात निर्भर करेंगे। ऐसे में प्रशासन के साथ-साथ आम नागरिकों की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। साफ हवा के लिए जरूरी है कि प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर रोक लगे और लोग भी पर्यावरण संरक्षण में अपनी भूमिका निभाएं।

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PandeyAbhishek
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Abhishek Pandey is a skilled news editor with 4-5 years of experience in the field, he covers mostly political, world news, sports and etc.
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