उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात एक निजी स्लीपर बस में भीषण आग लगने से बड़ा हादसा हो गया। इस दुर्घटना में 9 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य यात्री घायल हुए हैं। हादसा जेवर क्षेत्र में दयानतपुर गांव के पास हुआ। आग इतनी तेजी से फैली कि कई यात्रियों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। कुछ यात्रियों ने खिड़कियों से कूदकर अपनी जान बचाई।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की बात भी सामने आई है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घायलों के समुचित इलाज और प्रभावित परिवारों को हरसंभव मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
दिल्ली से महोबा जा रही थी बस
पुलिस के मुताबिक हादसे के समय बस दिल्ली से महोबा की ओर जा रही थी। इसमें करीब 30 से 35 यात्री सवार थे। घटना रात करीब 11 बजे से 11:30 बजे के बीच यमुना एक्सप्रेसवे पर हुई। ज्यादातर यात्री उस समय सो रहे थे।
रिपोर्टों के अनुसार बस में आग लगने के बाद कुछ ही समय में पूरा वाहन लपटों से घिर गया। यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। कई लोगों ने खिड़कियों और दरवाजे के रास्ते बाहर निकलने की कोशिश की। घने धुएं और तेजी से फैलती आग के कारण बस के अंदर फंसे यात्रियों को गंभीर मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
जलने की गंध आने के बाद मचा हड़कंप
हादसे से जुड़ी पुलिस शिकायत में एक यात्री ने दावा किया कि आग लगने से पहले बस के ड्राइवर केबिन की तरफ से जलने की गंध आ रही थी। यात्रियों ने कथित तौर पर ड्राइवर और कंडक्टर को इसकी जानकारी दी और बस रोककर जांच करने को कहा।
शिकायत के अनुसार, कुछ यात्रियों ने इस गंध को लेकर चिंता जताई थी, लेकिन थोड़ी देर बाद ड्राइवर की सीट के आसपास आग की लपटें दिखाई देने लगीं। इसके बाद आग तेजी से बस के अन्य हिस्सों में फैल गई। हालांकि, आग वास्तव में किस वजह से लगी और शुरुआती चेतावनी के बाद क्या कार्रवाई की गई, इसकी विस्तृत जांच अभी जारी है।
रेस्क्यू टीमों ने 30 यात्रियों को सुरक्षित निकाला
आग की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और राहत दल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों के अनुसार करीब 30 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। कुछ यात्रियों को झुलसने और धुएं के कारण परेशानी हुई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग के दौरान बस के अंदर धुआं तेजी से भर गया था। एक यात्री ने बताया कि वह सो रहा था, तभी किसी ने उसे जगाकर बस में आग लगने की जानकारी दी। इसके बाद यात्रियों ने किसी तरह बाहर निकलने की कोशिश की। कुछ यात्रियों ने बताया कि भीड़ और धुएं के कारण बस से बाहर निकलना आसान नहीं था।
करीब 30 मिनट में आग पर काबू
दमकल की टीमों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का अभियान शुरू किया। रिपोर्टों के मुताबिक करीब 30 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। हादसे के कारण यमुना एक्सप्रेसवे पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ, लेकिन राहत एवं बचाव कार्य पूरा होने के बाद आवाजाही बहाल कर दी गई।
CM योगी ने जताया दुख, मुआवजे का ऐलान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर शोक व्यक्त करते हुए अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य तेज करने तथा घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। सरकार की ओर से मृतकों के परिवारों के लिए 2 लाख रुपये और घायलों के लिए 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की गई है।
मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों को प्रशासन की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए हैं।
आगे और समाचार पढ़े:
- Gyanesh Kumar CEC विवाद: SIR रिपोर्ट ने क्यों मचाई हलचल, जानें कांग्रेस, BJP और चुनाव आयोग का पक्ष
- 3 दिन की बैंक हड़ताल से पहले रविवार को खुलेंगी बैंक शाखाएं, ग्राहकों को क्या जानना जरूरी
आग के कारणों की जांच जारी
फिलहाल हादसे की सटीक वजह स्पष्ट नहीं हुई है। पुलिस और संबंधित विभाग आग लगने के कारणों की जांच कर रहे हैं। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आग बस के किस हिस्से से शुरू हुई, कितनी तेजी से फैली और क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था।
इस हादसे ने एक बार फिर लंबी दूरी की स्लीपर बसों में फायर सेफ्टी, आपातकालीन निकास और यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की जिम्मेदारी और आग के वास्तविक कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल प्रशासन का फोकस घायलों के इलाज, मृतकों की पहचान और उनके परिजनों तक सहायता पहुंचाने पर है।

