असम की राजनीति में एक नया अध्याय जुड़ गया है, क्योंकि हिमांता बिस्वा शरमा के साथ भारतीय जनता पार्टी और NDA ने लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की है। गुवाहाटी के खानापारा वेटरनरी कॉलेज ग्राउंड में आयोजित इस भव्य समारोह में प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह , रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कई बड़े NDA नेता मौजूद रहे। इस शपथ ग्रहण समारोह ने असम की राजनीति में भाजपा की मजबूत पकड़ को फिर से साबित कर दिया।
हिमांता बिस्वा शरमा के शपथ ग्रहण समारोह में उमड़ा जनसैलाब
गुवाहाटी के खानापारा मैदान में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में भारी संख्या में समर्थक पहुंचे। सुरक्षा के लिए मल्टी-लेयर सिक्योरिटी, ट्रैफिक डायवर्जन और बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई थी। समारोह सुबह 11:40 बजे शुरू हुआ, जहां राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने हिमंता बिस्वा सरमा को मुख्यमंत्री पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस मौके पर NDA शासित राज्यों के कई मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री भी मौजूद रहे।
हिमांता बिस्वा शरमा बने असम के दूसरी बार मुख्यमंत्री
हिमंता बिस्वा सरमा लगातार दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री बने हैं। वह राज्य के पहले गैर-कांग्रेसी नेता बन गए हैं जिन्होंने लगातार दो कार्यकाल हासिल किए हैं। भाजपा नेतृत्व ने उनकी लोकप्रियता और प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए उन्हें फिर से मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी है। NDA गठबंधन ने 126 सदस्यीय विधानसभा में 102 सीटें जीतकर ऐतिहासिक बहुमत हासिल किया।
हिमांता बिस्वा शरमा के शपथ ग्रहण समारोह में इन मंत्रियों ने भी ली शपथ

असम शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री के साथ चार मंत्रियों ने भी शपथ ली। इनमें भाजपा के अजन्ता नियोग और रमेश्वर तेली शामिल हैं, जबकि NDA सहयोगी दल AGP से अतुल बोरा और BPF से चरण बोरो को भी मंत्रिमंडल में जगह मिली। यह गठबंधन राजनीति का बड़ा संकेत माना जा रहा है, जिसमें भाजपा ने अपने सहयोगियों को भी अहम स्थान दिया है।
शपथ ग्रहण समारोह में PM Modi की मौजूदगी बनी खास
प्रधानमंत्री Narendra Modi की मौजूदगी ने शपथ ग्रहण समारोह को और खास बना दिया। प्रधानमंत्री ने इसे पूर्वोत्तर भारत के विकास के लिए महत्वपूर्ण क्षण बताया। गृह मंत्री Amit Shah और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा की मौजूदगी ने यह संकेत दिया कि भाजपा असम और पूर्वोत्तर में अपनी राजनीतिक पकड़ को और मजबूत करना चाहती है।
असम की हिमांता बिस्वा शरमा सरकार का विकास पर जोर
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि नई सरकार का मुख्य लक्ष्य चुनावी वादों को पूरा करना और विकास योजनाओं को तेजी से लागू करना होगा। उन्होंने कहा कि पिछला कार्यकाल केवल “ट्रेलर” था और अब NDA 3.0 सरकार असम में बड़े स्तर पर इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश और रोजगार के अवसर पैदा करेगी।
असम की नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह का विपक्ष ने किया बहिष्कार
जहां भाजपा और NDA नेताओं ने समारोह को ऐतिहासिक बताया, वहीं कांग्रेस ने इस समारोह का बहिष्कार किया। कांग्रेस नेताओं ने इसे “महंगा राजनीतिक आयोजन” करार दिया और आरोप लगाया कि जनता के पैसे का अत्यधिक इस्तेमाल किया गया। हालांकि भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे लोकतंत्र का उत्सव बताया।
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हिमांता बिस्वा शरमा और असम की नई राजनीतिक दिशा
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह केवल एक शपथ ग्रहण कार्यक्रम नहीं, बल्कि पूर्वोत्तर भारत में भाजपा की बढ़ती ताकत का प्रतीक है। हिमंता बिस्वा सरमा ने अपने पहले कार्यकाल में कानून व्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश के क्षेत्र में कई बड़े फैसले लिए थे। अब दूसरी पारी में उनसे और अधिक आक्रामक विकास मॉडल की उम्मीद की जा रही है।
असम में शपथ ग्रहण समारोह के जरिए NDA ने दिया बड़ा संदेश
इस समारोह के जरिए NDA ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पूर्वोत्तर भारत उसकी राजनीति का महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। भाजपा ने असम में लगातार तीसरी बार सरकार बनाकर यह दिखाया है कि उसकी संगठनात्मक ताकत और नेतृत्व पर जनता का भरोसा कायम है। आने वाले वर्षों में असम देश की राजनीति और विकास दोनों में अहम भूमिका निभा सकता है।

