देश के सबसे उग्र, दिलचस्प और निर्णायक चुनावी रणक्षेत्रों में से एक पश्चिम बंगाल की राजनीति में साल 2026 के विधानसभा चुनावों की शुरुआत हो चुकी है। इस बार WEST BENGAL ELECTION 2026 इसलिए भी खास है क्योंकि यह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की 15 वर्षीय सत्ता के भविष्य और मुख्य विपक्षी दल भाजपा के बढ़ते प्रभाव और अन्य राजनैतिक दलों की ताकत का भी लिटमस टेस्ट है।
निर्वाचन आयोग ने राज्य की सभी 294 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रमों की घोषणा कर दी है। मतदान दो चरणों में संपन्न होगा। पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को 152 सीटों पर और दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को 142 सीटों के लिए होगा। इस बार 7 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे और मतगणना 4 मई 2026 को होगी। इसके साथ ही पश्चिम बंगाल में मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट लागू हो चुका है।
WEST BENGAL ELECTION 2026 में कौन-कौन है मैदान में?
MAMATA BANERJEE के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने 291 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। सहयोगी BGPM को तीन पहाड़ी सीटें दी गई हैं। पार्टी ने 50% महिला उम्मीदवारों को टिकेट दिए है। इस बार ममता बनर्जी खुद भवानीपुर सीट से मैदान में हैं।

WEST BENGAL ELECTION 2026 में मुख्य विपक्ष के रूप में BJP ने 292 सीटों पर उम्मीदवार घोषित किए हैं। नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी भवानीपुर और नंदीग्राम दोनों से चुनाव लड़ रहे हैं। PM मोदी और अमित शाह सक्रिय प्रचार कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार BJP का फोकस उत्तर बंगाल पर है।
कांग्रेस और वाम मोर्चा WEST BENGAL ELECTION 2026 में इस बार अकेले लड़ रही है, बंगाल में दशकों पुराना वाम गठबंधन टूट गया है। कांग्रेस ने अधीर रंजन चौधरी के नेतृत्व में 284 से ज्यादा उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। वहीं दूसरी तरफ वाम मोर्चा 2021 में शून्य सीटों के बाद comeback की कोशिश में लगा हुआ है।
क्या हैं WEST BENGAL ELECTION 2026 के बड़े मुद्दे?
- SIR विवाद: WEST BENGAL ELECTION 2026 में इस बार मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) में 58 लाख से ज्यादा नाम हटाए गए। एक तरफ जहां TMC का आरोप है कि महिलाओं और अल्पसंख्यकों के नाम काटे गए। वहीं BJP का कहना है कि डुप्लिकेट और फर्जी नाम हटाए गए। यह मुद्दा चुनावी बहस का सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है।
- मालदा घटना: अप्रैल में मालदा में SIR की सुनवाई कर रहे न्यायिक अधिकारियों को घेर लिया गया। सुप्रीम कोर्ट ने इसे चुनाव बाधित करने की साजिश बताया। चुनाव आयोग ने जांच NIA को सौंपी और कोलकाता पुलिस के कई अधिकारियों को भी सस्पेंड किया था।
- एंटी-इनकंबेंसी: विपक्ष का कहना है कि 15 साल की सत्ता के बाद TMC के खिलाफ जनता में नाराजगी है। भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था के मुद्दे को लेकर विपक्ष हमलावर है। इसके अलावा युवा मतदाताओं में रोजगार की कमी भी WEST BENGAL ELECTION 2026 का एक बड़ा मुद्दा बनी हुई है।

2021 से 2026 तक का सफर
साल 2021 के विधानसभा चुनाव में TMC ने 215 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी। BJP 77 सीटों के साथ मुख य विपक्ष बनी थी। कांग्रेस 9 और वाम मोर्चा शून्य पर सिमट गया था। अभी विधानसभा में TMC के पास करीब 223 सीटें हैं। PM मोदी कूचबिहार से प्रचार शुरू कर चुके हैं। WEST BENGAL ELECTION 2026 में इस बार BJP का नारा है- ‘पलटना दरकार, चाई भाजपा सरकार’। वहीं ममता बनर्जी ने मतदाताओं से SIR के खिलाफ बदला लेने की अपील की है।
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