आज यानि एक अप्रैल को सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म वॉट्सएप पर एक WAR LOCKDOWN NOTICE प्रसारित हुआ, जिसने देश के विभिन्न हिस्सों में आम जनता के बीच भ्रम और घबराहट की स्थिति पैदा कर दी। इस वायरल नोटिस को इस तरह तैयार किया गया था कि यह पहली नजर में पूरी तरह से आधिकारिक सरकारी दस्तावेज प्रतीत हो रहा था।
इसमें अशोक चक्र और भारत सरकार के मंत्रालयों जैसे प्रतीकों का उपयोग किया गया था, ताकि इसकी विश्वसनीयता पर लोग संदेह न करें। हालांकि, बाद में जांच और आधिकारिक प्रतिक्रिया के माध्यम से यह स्पष्ट हो गया कि यह केवल अप्रैल फूल के अवसर पर किया गया एक मजाक था।
वायरल नोटिस का स्वरूप और लोगों की प्रतिक्रिया
मंगलवार को प्रसारित हुए इस तथाकथित सरकारी आदेश का फॉर्मेट और इस्तेमाल की गई भाषा बिल्कुल आधिकारिक शैली में रखी गई थी। इस पीडीएफ दस्तावेज का शीर्षक ‘WAR LOCKDOWN NOTICE’ दिया गया था और इसे एक इमरजेंसी चेतावनी के रूप में पेश किया गया।

WAR LOCKDOWN NOTICE में यह सुझाव दिया गया था कि युद्ध से संबंधित परिस्थितियों के कारण देश में लॉकडाउन लागू किया जा रहा है और नागरिकों से तुरंत सावधानी बरतने की अपील की गई। दस्तावेज के विश्वसनीय दिखने के कारण कई सोशल मीडिया यूजर्स ने बिना इसकी सत्यता की जांच किए इसे तेजी से फॉरवर्ड करना शुरू कर दिया।
केंद्रीय मंत्री ने अफवाहों का खंडन किया
WAR LOCKDOWN NOTICE मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने लॉकडाउन से जुड़ी तमाम खबरों को पूरी तरह से निराधार और झूठा करार दिया। उन्होंने आधिकारिक तौर पर बयान जारी कर कहा कि सरकार के स्तर पर किसी भी तरह के लॉकडाउन के प्रस्ताव पर कोई विचार नहीं किया जा रहा है और न ही ऐसा कोई मामला विचाराधीन है।
केंद्रीय मंत्री ने इस प्रकार की अफवाहें फैलाने को गैर-जिम्मेदाराना और समाज के लिए नुकसानदायक बताया। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे शांति बनाए रखें और बिना पुष्टि के ऐसी किसी भी भ्रामक जानकारी को साझा न करें।
अप्रैल फूल के मजाक के रूप में तैयार किया गया WAR LOCKDOWN NOTICE
जब कुछ सजग लोगों और तकनीकी विशेषज्ञों ने इस वायरल पीडीएफ दस्तावेज को खोलकर देखा, तो इसकी असलियत सामने आई। इस दस्तावेज के भीतर ‘April Fool’ लिखा हुआ था और साथ में एक हंसता हुआ इमोजी दिया गया था।
इससे यह साफ हो गया कि यह केवल एक अप्रैल यानी अप्रैल फूल डे के दिन लोगों को परेशान करने या उनके साथ मजाक करने के उद्देश्य से तैयार किया गया था। जिन लोगों ने घबराहट में केवल हेडलाइन और सरकारी प्रतीकों को देखकर इसे शेयर किया था, वे सच्चाई जानकर दंग रह गए।

अफवाह फैलने के पीछे के संभावित कारण
विशेषज्ञों का मानना है कि इस WAR LOCKDOWN NOTICE के इतनी तेजी से फैलने के पीछे कई समसामयिक कारण थे। हाल के दिनों में ईरान से जुड़े अंतरराष्ट्रीय तनाव और हॉरमुज जलडमरूमध्य में सप्लाई बाधित होने की आशंकाओं के कारण लोग पहले से ही वैश्विक स्थिति को लेकर चिंतित थे।
इसके अतिरिक्त, भारत में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतों में हो रही वृद्धि ने भी लोगों के मन में असुरक्षा की भावना पैदा कर दी थी। साथ ही, साल 2020 में लगे कोविड लॉकडाउन की यादें और उस समय के माहौल ने भी इस अफवाह को खाद-पानी देने का काम किया, जिससे लोगों ने इस फर्जी नोटिस को आसानी से सच मान लिया।
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