UTTARAKHAND NEW YEAR 2026 GUIDELINES: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नव वर्ष 2026 के जश्न को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए प्रशासन और पुलिस विभाग को सख्त निर्देश जारी किए हैं। सचिवालय में अधिकारियों के साथ हुई एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में सीएम ने साफ कर दिया है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसी भी आपात स्थिति या घटना की सूचना मिलने पर पुलिस को मात्र 5 मिनट के भीतर मौके पर पहुंचना होगा।

सड़कों से अतिक्रमण हटाने के लिए बनेगा टास्क फोर्स
मुख्यमंत्री ने 5 जनवरी 2026 तक पूरे प्रदेश में यातायात प्रबंधन पर विशेष फोकस रखने की बात कही है, ताकि नए साल का जश्न मनाने आ रहे पर्यटकों और स्थानीय लोगों को जाम से न जूझना पड़े। देहरादून में सड़कों पर लग रहे जाम और अतिक्रमण को लेकर मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि जिन स्थानों पर अतिक्रमण की वजह से यातायात बाधित हो रहा है, वहां सख्ती से कार्रवाई की जाए। इसके लिए जिला प्रशासन, नगर निगम, पुलिस, परिवहन विभाग और एमडीडीए (MDDA) को मिलाकर एक संयुक्त ‘टास्क फोर्स’ बनाने का आदेश दिया गया है।

UTTARAKHAND NEW YEAR 2026 GUIDELINES: हुड़दंग पर जीरो टॉलरेंस
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में आने वाले सभी पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाए और ‘अतिथि देवो भव’ की परंपरा निभाई जाए। उन्होंने पुलिस को हिदायत दी कि चेकिंग के नाम पर आम जनता और पर्यटकों को बेवजह परेशान न किया जाए। आपराधिक कृत्य करने वालों और हुड़दंग मचाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों (ड्रंक एंड ड्राइव) और वाहनों के अनियंत्रित संचालन पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी। शराब के ठेकों के आसपास भी सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।

होटलों की फायर सेफ्टी और रात की गश्त
भीड़भाड़ वाले पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा के लिहाज से मुख्यमंत्री ने होटलों और रिसॉर्ट्स में फायर सेफ्टी के इंतजामों को जांचने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पुलिस के आला अधिकारियों को आदेश दिया है कि वे केवल कार्यालयों में न बैठें, बल्कि समय-समय पर खुद फील्ड में उतरकर कानून व्यवस्था और यातायात का स्थलीय निरीक्षण करें। रात के समय पुलिस की गश्त (पेट्रोलिंग) को और अधिक बढ़ाने को कहा गया है। इसके अलावा, शीतकालीन यात्रा और कड़ाके की ठंड को देखते हुए रैन बसेरों, अलाव और स्ट्रीट लाइट की समुचित व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

सफाई और प्लास्टिक मुक्ति पर जोर
बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सफाई व्यवस्था और प्लास्टिक मुक्ति अभियान पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस मुहिम में सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक संगठनों के साथ-साथ आम जनता का भी सहयोग लिया जाए। पर्यटकों की सुविधा के लिए जानकारी केंद्रों को दुरुस्त रखने की बात भी कही गई। बैठक में अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, डीजीपी दीपम सेठ, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम और गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय सहित शासन और पुलिस के तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

देहरादून में एंजल चकमा हत्याकांड: जानिए मामले में अबतक क्या-क्या हुआ?
देश दुनिया से जुड़ी हर खबर और जानकारी के लिए क्लिक करें-देवभूमि न्यूज

