UTTARAKHAND DOCTOR RECRUITMENT: उत्तराखंड मेडिकल सर्विस सिलेक्शन बोर्ड (UKMSSB) ने राज्य में साधारण ग्रेड चिकित्सा अधिकारी के 287 रिक्त पदों की भर्ती के लिए विस्तृत विज्ञापन जारी कर दिया है। आवेदन प्रक्रिया 20 नवंबर 2025 से शुरू होगी और 10 दिसंबर 2025 (शाम 5 बजे तक) ऑनलाइन मोड में पूरी की जाएगी। जारी विज्ञापन के अनुसार 287 रिक्तियों का श्रेणीवार वितरण इस प्रकार है: अनारक्षित श्रेणी में 141 पद, अनुसूचित जाति में 70 पद, अनुसूचित जनजाति में 11 पद, अन्य पिछड़ा वर्ग में 38 पद और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग में 27 पद शामिल हैं।

UTTARAKHAND DOCTOR RECRUITMENT: योग्यता और आयु सीमा
ये पद राज्य के सरकारी चिकित्सा संस्थानों में भरे जाएंगे, जहां डॉक्टरों की कमी लंबे समय से चुनौती बनी हुई है। अधिसूचना में बैकलॉग और सामान्य दोनों श्रेणियों के पद शामिल हैं। भर्ती के पात्रता मानदंडों के अनुसार उम्मीदवार के पास एमबीबीएस डिग्री अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त एमएस/एमडी, डीएम, एम.च., एम.फिल या पीएचडी जैसी उच्च चिकित्सकीय योग्यताएँ रखने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता मिलेगी। आयु सीमा 21 से 42 वर्ष निर्धारित की गई है, जिसकी गणना 1 जुलाई 2025 के आधार पर होगी। उत्तराखंड के निवासी एससी, एसटी और ओबीसी उम्मीदवारों को राज्य नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट दी जाएगी।

चयन प्रक्रिया और वेतनमान
केवल उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल में पंजीकृत डॉक्टर ही आवेदन कर सकेंगे। भर्ती प्रक्रिया में कोई इंटरव्यू नहीं होगा। चयन केवल लिखित परीक्षा, दस्तावेज सत्यापन और मेडिकल परीक्षण के आधार पर किया जाएगा। लिखित परीक्षा 100 अंकों की होगी, जिसमें बहुविकल्पीय प्रश्नों के जरिए चिकित्सा ज्ञान, शैक्षणिक योग्यता और अनुभव का मूल्यांकन किया जाएगा। परीक्षा तिथि बाद में बोर्ड की ओर से घोषित की जाएगी। उम्मीदवारों को ukmssb.org पर जाकर ‘Recruitment’ सेक्शन के माध्यम से पंजीकरण करना होगा।

फॉर्म भरने के बाद फीस का भुगतान नेट बैंकिंग, UPI, डेबिट/क्रेडिट कार्ड से किया जा सकेगा। बोर्ड की ओर से सलाह दी गई है कि आवेदन अंतिम तिथि से पहले जमा करें, क्योंकि किसी भी प्रकार के दस्तावेज बाद में स्वीकार नहीं होंगे। चयनित डॉक्टरों को पे लेवल 10 के अनुसार ₹56,100 से ₹1,77,500 प्रतिमाह वेतन मिलेगा। इसके साथ महंगाई भत्ता, एचआरए और अन्य भत्ते भी शामिल होंगे। तैनाती राज्य के किसी भी जिले में की जा सकती है, विशेष रूप से पहाड़ी और दूरस्थ क्षेत्रों में, जहां डॉक्टरों की कमी सर्वाधिक है।

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