TET COMPULSION: उत्तराखंड सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दाखिल करने का निर्णय लिया है, जिसमें प्राथमिक, माध्यमिक और जूनियर हाईस्कूलों के शिक्षकों के लिए टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (टीईटी) को अनिवार्य किया गया था। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। यह कदम राज्य के करीब 18 हजार नियमित शिक्षकों और 300 शिक्षा मित्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए उठाया गया है, जिनकी नौकरी और पदोन्नति इस फैसले से खतरे में पड़ गई थी।

TET COMPULSION: सुप्रीम कोर्ट का आदेश और शिक्षकों की चिंता
सुप्रीम कोर्ट ने 1 सितंबर 2025 को अपने फैसले में कहा था कि जिन शिक्षकों की सेवा में पांच साल से अधिक समय बाकी है, उन्हें दो साल के अंदर टीईटी पास करना अनिवार्य होगा, अन्यथा उनकी नौकरी पर असर पड़ेगा। धामी सरकार को इस याचिका से राहत की पूरी उम्मीद है, क्योंकि यह अनुभवी शिक्षकों के हितों की रक्षा करेगी।

महाराष्ट्र में सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बैचैनी, हाईकोर्ट से राहत
सुप्रीम कोर्ट के टीईटी अनिवार्यता वाले फैसले ने महाराष्ट्र के हजारों शिक्षकों को बैचेन कर दिया है, लेकिन बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कुछ राहत प्रदान की है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि जो शिक्षक 31 मार्च 2019 से 1 सितंबर 2025 के बीच टीईटी या सेंट्रल टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (सीटीईटी) पास कर चुके हैं, वे अपनी सेवा जारी रख सकेंगे और पदोन्नति के लिए भी पात्र होंगे। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के 1 सितंबर 2025 के आदेश के बाद आया है, जिसमें गैर-अल्पसंख्यक स्कूलों के शिक्षकों के लिए टीईटी को अनिवार्य बताया गया था।

महाराष्ट्र में अखिल महाराष्ट्र प्राथमिक शिक्षक संघ ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर नाराजगी जताई है और राज्य सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। संघ का कहना है कि पांच साल से कम सेवा शेष वाले शिक्षकों के लिए यह अनिवार्यता अव्यवहारिक है, जो शिक्षा की गुणवत्ता पर विपरीत असर डाल सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने अल्पसंख्यक संस्थानों पर फैसले को लार्जर बेंच के पास भेज दिया है, लेकिन गैर-अल्पसंख्यक स्कूलों में सेवा में बने रहने के लिए दो साल का समय दिया है। महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद ने 23 नवंबर 2025 को महा टीईटी परीक्षा निर्धारित की है, जिसके लिए आवेदन 15 सितंबर से 3 अक्टूबर तक चले।

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