STF UTTARAKHAND: उत्तराखंड एसटीएफ की साइबर क्राइम टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पंजाब से तीन अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम हेनरी जेरी, नाकिगोज़ी फीज़ा और एलिज़ाबेथ हैं, जो क्रमशः घाना और यूगांडा के नागरिक हैं। आरोपियों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग कर लोगों को झांसे में लेने और करोड़ों रुपये की अंतरराष्ट्रीय पार्सल धोखाधड़ी करने का जाल फैलाया था।

STF UTTARAKHAND की बड़ी कार्रवाई
एसटीएफ ने बताया कि यह मामला जुलाई 2025 में देहरादून निवासी एक शिकायतकर्ता की रिपोर्ट के आधार पर सामने आया। आरोपियों ने फेसबुक पर नकली प्रोफाइल बनाकर खुद को रॉयल इन्फर्मरी, ब्रिस्टल और Abbott Pharmaceuticals से जुड़े वरिष्ठ पेशेवरों के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने शिकायतकर्ता से दोस्ती कर विश्वास हासिल किया और फिर औषधीय हर्बल बीजों के बड़े अंतरराष्ट्रीय निर्यात का भ्रामक सौदा दिखाया। पार्सल और ऑर्डर के बहाने अनेक औपचारिकताओं का बहाना बनाकर स्कैनिंग शुल्क, गोल्ड/लाइसेंस फी, करेंसी कन्वर्ज़न चार्ज, बीमा, जीएसटी और क्लियरेंस शुल्क के नाम पर लगातार धनराशि वसूली गई।
जब शिकायतकर्ता ने भुगतान नहीं किया तो आरोपियों ने सहयोग बंद कर दिया और “राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा अधिकारी” होने का बहाना देकर अतिरिक्त भुगतान भी करवा लिया। इस योजना में कई फर्जी मोबाइल नंबर, बैंक खाते, सोशल मीडिया प्रोफाइल और पार्सल-ट्रैकिंग डोमेन का उपयोग किया गया। जांच में पता चला कि 14 जून से 29 जून 2025 के बीच कुल ₹89,11,297/- की राशि पीड़ित और उनके परिवार के विभिन्न बैंक खातों से स्थानांतरित करवाई गई।पुलिस ने अभियुक्तों से मोबाइल फोन, लैपटॉप, पासपोर्ट, इंडियन ई-वीज़ा और संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए।
STF UTTARAKHAND की जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी देश के विभिन्न राज्यों में पहले भी साइबर अपराधों में शामिल रहे हैं। गिरफ्तार आरोपियों की तकनीकी और डिजिटल जानकारी का विश्लेषण किया गया, जिसमें व्हाट्सएप चैट, फेसबुक मैसेंजर वार्तालाप, बैंक खाते और पार्सल ट्रैकिंग डोमेन शामिल हैं। जांच से यह स्पष्ट हुआ कि अपराधियों ने फर्जी अंतरराष्ट्रीय पार्सल और सरकारी अधिकारी होने का दावा करके लाखों की धोखाधड़ी अंजाम दी।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक STF UTTARAKHAND ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी लोक लुभावने अवसर, फर्जी साइट, धन दोगुना करने वाले प्रस्ताव या अन्जान कॉल पर विश्वास न करें। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन जॉब या निवेश के अवसरों की सत्यता पूरी तरह जांचे बिना कोई जानकारी या दस्तावेज साझा न करें। तेजी से बढ़ रहे इन्वेस्टमेंट स्कैम्स ने लाखों लोगों को अपना शिकार बनाया है। किसी भी संदेह की स्थिति में तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन से संपर्क करें और वित्तीय साइबर अपराध की सूचना 1930 नंबर पर दें।

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