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RBI MPC: रेपो रेट 5.5% पर स्थिर, ईएमआई में कोई बदलाव नहीं, जीडीपी वृद्धि अनुमान बढ़ाकर 6.8%

RBI MPC: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने अपनी द्विमासिक समीक्षा बैठक में प्रमुख ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखा है। समिति ने रेपो रेट को 5.5 प्रतिशत पर स्थिर बनाए रखने का निर्णय लिया। यह लगातार दूसरी बार है जब फरवरी से जून के बीच 100 आधार अंकों की कटौती के बाद दरों को यथावत रखा गया। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि मुद्रास्फीति की स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है, लेकिन वैश्विक अनिश्चितताओं को देखते हुए सतर्कता बरतना जरूरी है।

RBI MPC
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RBI MPC: लोन और जीडीपी वृद्धि

रेपो रेट स्थिर रहने का सीधा असर यह होगा कि बैंकों द्वारा दिए जाने वाले लोन की ईएमआई में कोई बदलाव नहीं होगा। यानी उधारकर्ताओं को तत्काल राहत की उम्मीद कम है। वहीं, बैंक जमा पर मिलने वाला ब्याज भी फिलहाल समान स्तर पर ही रहेगा। विकास के मोर्चे पर आरबीआई ने सकारात्मक संकेत दिए हैं। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए जीडीपी वृद्धि अनुमान को 6.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 6.8 प्रतिशत कर दिया गया है। यह संशोधन अप्रैल-जून तिमाही में दर्ज 7.8 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि के आधार पर किया गया, जो उम्मीद से कहीं ज्यादा थी।

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मुद्रास्फीति अनुमान में कमी

समिति ने खुदरा मुद्रास्फीति (सीपीआई) अनुमान को भी संशोधित करते हुए 3.1 प्रतिशत से घटाकर 2.6 प्रतिशत कर दिया। यह कमी खाद्य पदार्थों की कीमतों में गिरावट और जीएसटी तर्कसंगतकरण की वजह से आई है। गवर्नर ने कहा कि मुद्रास्फीति का स्तर अभी 4 प्रतिशत (±2 प्रतिशत बैंड) के भीतर है, लेकिन वैश्विक परिस्थितियों से सावधानी बरतनी होगी। अगली मौद्रिक नीति समिति की बैठक दिसंबर 2025 में होगी। तब तक आरबीआई वैश्विक और घरेलू दोनों आर्थिक संकेतकों पर करीबी नजर रखेगा।

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DevbhoomiNews Desk
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Abhishek Semwal is a news writer with 1–2 years of experience. He covers multiple categories and focuses on delivering accurate, timely, and easy-to-understand news content.
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