/ Feb 12, 2026
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RAJPAL YADAV: बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव की कानूनी मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं। गुरुवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने चेक बाउंस मामले में उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्हें राहत देने से साफ इनकार कर दिया। अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि अभिनेता को जेल इसलिए जाना पड़ा क्योंकि उन्होंने अदालत के समक्ष किए गए अपने वादों को पूरा नहीं किया। अब इस मामले में अगली सुनवाई सोमवार को निर्धारित की गई है, तब तक राजपाल यादव को तिहाड़ जेल में ही रहना होगा।

सुनवाई के दौरान दिल्ली हाई कोर्ट ने राजपाल यादव के वकील से तीखे सवाल पूछे। अदालत ने पूछा कि जब अभिनेता ने खुद कर्ज लेने और उसे वापस करने की बात स्वीकार की थी, तो अब किस आधार पर सजा रद्द करने की मांग की जा रही है। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने टिप्पणी की कि अभिनेता को भुगतान के लिए लगभग 25 से 30 मौके दिए गए थे, लेकिन सालों तक भुगतान नहीं किया गया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि कानून सभी के लिए समान है और पिछले आदेशों का पालन न करने की वजह से ही उन्हें जेल में सरेंडर करना पड़ा है।

अभिनेता के वकील ने दलील दी कि राजपाल यादव मामले को सुलझाना चाहते हैं और उन्होंने इसी नेक इरादे से सरेंडर किया है। वकील ने जानकारी दी कि 5 करोड़ रुपये के मूल कर्ज में से अब तक 3 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि चुकाई जा चुकी है। जमानत की मांग के पीछे परिवार में शादी होने का भी तर्क दिया गया, जिसे कोर्ट ने फिलहाल पर्याप्त नहीं माना। अदालत ने कहा कि अगर वे पूरी बकाया राशि जमा करने को तैयार हैं, तभी सुनवाई को आगे बढ़ाने का औचित्य है।

राजपाल यादव इस समय न केवल कानूनी बल्कि गंभीर आर्थिक संकट से भी गुजर रहे हैं। ऐसे में फिल्म इंडस्ट्री के कई बड़े सितारे उनकी मदद के लिए आगे आए हैं। अभिनेता सोनू सूद ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट साझा करते हुए उन्हें अपनी अगली फिल्म का हिस्सा बनाने और ‘साइनिंग अमाउंट’ के जरिए आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है। सोनू सूद ने इसे ‘दान’ नहीं बल्कि एक कलाकार का ‘सम्मान’ बताया है। इसके अलावा सलमान खान, अजय देवगन, वरुण धवन, साजिद नाडियाडवाला और गायक मीका सिंह ने भी उनसे संपर्क कर आर्थिक सहायता की पेशकश की है।

अभिनेता की पत्नी राधा यादव ने इंडस्ट्री से मिल रहे इस सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में जिस तरह से पूरी इंडस्ट्री उनके साथ खड़ी हुई है, उसके लिए वे सभी की बहुत शुक्रगुजार हैं। फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एंप्लॉय्ज (FWICE) ने भी सभी फिल्म निर्माताओं से अपील की है कि वे राजपाल यादव के दशकों लंबे योगदान को देखते हुए एकजुटता दिखाएं और उनकी मदद करें।

इस पूरे विवाद की जड़ 2010 में ली गई 5 करोड़ रुपये की उधारी है। राजपाल यादव ने अपनी पहली निर्देशित फिल्म “अता पता लापता” के लिए व्यवसायी एमजी अग्रवाल से यह लोन लिया था। फिल्म फ्लॉप होने के बाद कर्ज चुकाने में दिक्कत आई और उनके द्वारा जारी किए गए कई चेक बाउंस हो गए। साल 2018 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने उन्हें दोषी करार देते हुए छह महीने की सजा सुनाई थी, जिसे बाद में ऊपरी अदालतों ने भी बरकरार रखा।

समय के साथ ब्याज और जुर्माने को मिलाकर कुल देनदारी लगभग 9 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। कोर्ट के रिकॉर्ड के मुताबिक अभिनेता ने अब तक केवल 1.5 करोड़ रुपये ही आधिकारिक तौर पर जमा किए हैं, जबकि उनके वकील का दावा है कि कुल 3 करोड़ रुपये से ज्यादा दिए जा चुके हैं। हाल ही में फरवरी 2026 की शुरुआत में कोर्ट ने उन्हें सरेंडर करने का आखिरी आदेश दिया था, जिसके बाद 5 फरवरी को उन्होंने तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण किया।

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