PARLIAMENT WINTER SESSION: आज संसद के शीतकालीन सत्र का 11वाँ दिन भी समाप्त हो गया है। इस दौरान विपक्षी दलों ने एक बड़ा कदम उठाते हुए राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश करने की तैयारी कर ली है। विपक्षी सांसदों ने राज्यसभा के जनरल सेक्रेटरी पीसी मोदी को धनखड़ के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस सौंपा। उनका आरोप है कि धनखड़ सदन की कार्यवाही में पक्षपाती व्यवहार कर रहे हैं।

PARLIAMENT WINTER SESSION: ये दल हैं अविश्वास प्रस्ताव में शामिल
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के 60 से ज्यादा सांसदों ने नोटिस पर हस्ताक्षर किए हैं, और विपक्ष को आरजेडी, टीएमसी, सीपीआई, सीपीआई (एम), जेएमएम, आप, और डीएमके का समर्थन भी मिल रहा है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने राज्यसभा के सभापति पर पक्षपात करने का आरोप लगाया है।

सदन की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित
इस हंगामे के बीच, मंगलवार को सुबह 11 बजे दोनों सदनों की कार्यवाही शुरू हुई, लेकिन लोकसभा में जारी हंगामे के कारण कार्यवाही को पहले 12 बजे तक स्थगित कर दिया गया। 12 बजे कार्यवाही फिर से शुरू हुई, लेकिन अडाणी और जॉर्ज सोरोस के मुद्दे पर विरोध जारी रहा, जिसके चलते स्पीकर ने सदन को बुधवार तक के लिए स्थगित कर दिया। इसी तरह, राज्यसभा की कार्यवाही भी हंगामे के कारण बुधवार तक स्थगित कर दी गई।

क्या है अविश्वास प्रस्ताव का नियम?
राज्यसभा के सभापति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव संविधान के अनुच्छेद 67(बी) के तहत लाया जाता है, जिसमें कहा गया है कि इसे राज्यसभा के सदस्यों के बहुमत से पारित किया जा सकता है और लोकसभा की सहमति से सभापति को हटा भी सकते हैं। हालांकि, इसके लिए 14 दिन पहले नोटिस देना जरूरी है।

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