भारतीय राजनीति में बहुत कम नेता ऐसे हैं जो एक ही राज्य में 20 साल से ज्यादा सत्ता में टिके रहें। नीतीश कुमार उन्हीं में से एक हैं — और शायद सबसे जटिल भी।
एक तरफ वो नेता हैं जिसने बिहार को अराजकता के दलदल से निकाला, सड़कें बनाईं, बिजली दी, लड़कियों को साइकिल दी, महिलाओं को आरक्षण दिया — और “सुशासन बाबू” का खिताब कमाया। दूसरी तरफ वो नेता हैं जिसने NDA-महागठबंधन के बीच इतनी बार पलटी मारी कि विरोधियों ने उन्हें “पलटू राम” बुला दिया।
10 अप्रैल 2026 — आज के दिन नीतीश कुमार ने राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली और बिहार के इतिहास का एक पूरा अध्याय बंद हो गया।
Nitish Kumar Biography
Here is the complete biography of Nitish Kumar in a table format:-
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| पूरा नाम | नीतीश कुमार |
| जन्म तिथि | 1 मार्च 1951 |
| जन्म स्थान | बख्तियारपुर, पटना, बिहार |
| उम्र (2026) | 75 वर्ष |
| शिक्षा | B.Sc. Electrical Engineering, Bihar College of Engineering (NIT Patna) |
| पार्टी | जनता दल (यूनाइटेड) — JDU |
| वर्तमान पद | राज्यसभा सांसद (10 अप्रैल 2026 से) |
| बिहार CM | 10 बार शपथ (2000-2026) |
| जाति | कुर्मी कृषक |
| पत्नी | मंजू कुमारी सिन्हा (निधन 2007) |
| पुत्र | निशांत कुमार (Software Engineer) |
| कुल संपत्ति | ₹1.66 करोड़ (2025 election affidavit) |
| लोकप्रिय उपनाम | सुशासन बाबू, पलटू राम |
प्रारंभिक जीवन — बख्तियारपुर से बिहार की राजनीति तक
1 मार्च 1951 को बिहार के बख्तियारपुर में जन्मे नीतीश कुमार का बचपन का नाम “मुन्ना” था। उनका मूल गांव नालंदा जिले का कल्याण बिगहा है — वही नालंदा जो आज भी उनकी राजनीतिक पहचान का केंद्र है।
पिता कविराज रामलखन सिंह एक प्रसिद्ध आयुर्वेदिक चिकित्सक और स्वतंत्रता सेनानी थे। वे गांधीवादी नेता अनुग्रह नारायण सिन्हा के करीबी थे। घर का माहौल राजनीतिक था, लेकिन नीतीश की शुरुआती पहचान एक मेधावी छात्र के रूप में थी — राजनेता के रूप में नहीं।
22 फरवरी 1973 को उन्होंने मंजू कुमारी सिन्हा से विवाह किया, जो एक शिक्षिका थीं। दंपति का एक बेटा हुआ — निशांत कुमार। 2007 में निमोनिया से मंजू जी का निधन हो गया। उसके बाद नीतीश ने न दूसरी शादी की, न अपनी व्यक्तिगत जिंदगी को राजनीति में आने दिया — यह उनके चरित्र का एक पहलू है जो उनके समर्थक अक्सर उद्धृत करते हैं।

शिक्षा — वो इंजीनियर जिसे सत्ता ने बुलाया
बख्तियारपुर के श्री गणेश हाई स्कूल से शुरुआत, फिर पटना साइंस कॉलेज और अंत में 1972 में Bihar College of Engineering (आज का NIT Patna) से Electrical Engineering में डिग्री।
इंजीनियरिंग के बाद वे Bihar State Electricity Board में नौकरी पर लगे। लेकिन दफ्तर की कुर्सी उन्हें रोक नहीं सकी — उनके मन में कुछ और ही था।
बिहार की गरीबी, जातिगत असमानता, और उसी दौर में सुलगता JP आंदोलन — इन सबने एक इंजीनियर को राजनेता बना दिया।
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JP आंदोलन — राजनीति में कदम
1974-77 — जयप्रकाश नारायण का संपूर्ण क्रांति आंदोलन बिहार की धरती से उठा था। इस आंदोलन ने एक पूरी पीढ़ी को राजनीति की तरफ मोड़ा — नीतीश कुमार उसी पीढ़ी का हिस्सा थे।
आपातकाल के दौरान उन्होंने विरोध में हिस्सा लिया। जेल गए। MISA (Maintenance of Internal Security Act) के तहत हिरासत में रहे। यह वो दौर था जब राजनीति करने की कीमत जेल की सलाखें थीं।
1977 में Janata Party join की और पहली बार Harnaut से विधानसभा चुनाव लड़े — हार गए। 1980 में फिर लड़े — फिर हार। लेकिन 1985 में तीसरी कोशिश में Harnaut से पहली बार विधायक बने।
बिहार की राजनीति में यह सबक बहुत काम का है: नीतीश कुमार ने लगातार दो हार के बाद हार नहीं मानी।
केंद्रीय मंत्री काल — Railway Minister की वो उपलब्धियां जो सब भूल गए
1989 में Barh लोकसभा सीट से सांसद बने। VP सिंह सरकार में केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री बने।
1998 में Atal Bihari Vajpayee सरकार में Railway Minister और Surface Transport Minister बने। रेल मंत्री के रूप में उनका कार्यकाल छोटा था, लेकिन उपलब्धियां बड़ी थीं:
- तत्काल योजना (Tatkal Scheme) — आखिरी मिनट ticket booking की सुविधा, जिसे आज भी लाखों यात्री use करते हैं
- Internet Ticket Booking (2002) — भारतीय रेलवे पर online booking की शुरुआत उनके दौर में हुई
- Record number of railway booking counters खोले गए
अगस्त 1999 — Gaisal train disaster हुआ। दो ट्रेनें आपस में टकराईं, सैकड़ों जानें गईं। नीतीश कुमार ने बिना किसी दबाव के नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए रेल मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।
यह वो moment था जिसने उनकी छवि “जिम्मेदार नेता” के रूप में स्थापित की। आज के दौर में, जब नेता किसी भी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेते हैं, 1999 का यह इस्तीफा इतिहास में दर्ज है।
बाद में उन्होंने 2001 से 2004 तक फिर रेल मंत्री की जिम्मेदारी संभाली।

Samata Party और JDU की स्थापना
1994 — नीतीश कुमार ने लालू प्रसाद यादव से अलग होकर जॉर्ज फर्नांडिस के साथ Samata Party की स्थापना की। यह उनके राजनीतिक जीवन का पहला बड़ा जोखिम था।
Samata Party ने कुर्मी-कोइरी जातियों को एक नया राजनीतिक मंच दिया — वो जातियां जो यादव वर्चस्व से थक चुकी थीं। यही नीतीश की असली electoral base की नींव थी।
2003 में Samata Party, लोक शक्ति और जनता दल के एक गुट के विलय से जनता दल (यूनाइटेड) — JDU बना। नीतीश इसके सबसे बड़े नेता बनकर उभरे।
2005 — “सुशासन बाबू” का उदय
मार्च 2000 में पहली बार बिहार CM बने — लेकिन सिर्फ 7 दिन। बहुमत नहीं था। सरकार गिर गई। लेकिन वे रुके नहीं।
नवंबर 2005 में NDA को पूर्ण बहुमत मिला और नीतीश कुमार दूसरी बार मुख्यमंत्री बने — इस बार पूरे mandate के साथ।
जिस बिहार को उन्होंने संभाला, वह था:
- बाहुबलियों का राज, किडनैपिंग आम बात
- बिजली नदारद, सड़कें टूटी हुईं
- सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर नहीं
- स्कूलों में शिक्षक नहीं
और जो बिहार उन्होंने बनाया:
- 1 लाख से ज्यादा स्कूल शिक्षकों की भर्ती
- महिला साक्षरता आधी से ज्यादा बढ़ी
- बिहार का GSDP growth rate देश में दूसरे नंबर पर
- औसत बिहारी की आय दोगुनी
- गांवों तक बिजली और पक्की सड़कें
2007 में CNN-IBN और Hindustan Times ने उन्हें “Best Chief Minister of India” चुना। “सुशासन बाबू” नाम उन्हें इसी दौर में मिला।

गठबंधन का खेल — “पलटू राम” क्यों कहा जाता है?
नीतीश कुमार की राजनीतिक जिंदगी में एक विरोधाभास है — वे बिहार के सबसे विश्वसनीय प्रशासक भी रहे हैं और सबसे अविश्वसनीय गठबंधन साथी भी।
राजनीतिक टाइमलाइन
इतनी पलटियों के बाद “पलटू राम” नाम तो मिला — लेकिन गौर करने वाली बात यह है कि हर बार पलटी के बाद भी वे CM बने रहे। गठबंधन की राजनीति के इस खेल में नीतीश कुमार से माहिर कोई नहीं।
बिहार में नीतीश युग — 20 साल की प्रमुख उपलब्धियां
महिला सशक्तिकरण
स्थानीय निकायों में 50% महिला आरक्षण और सरकारी नौकरियों में 35% आरक्षण — देश में अनोखा। साइकिल योजना ने लड़कियों की school dropout rate को नाटकीय रूप से घटाया।
कन्याश्री जैसी योजनाएं से प्रेरित Bihar की schemes
मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना, मुख्यमंत्री बालिका साइकिल योजना — इन योजनाओं ने महिला मतदाताओं को नीतीश का सबसे मजबूत समर्थन आधार बना दिया।
शराबबंदी (2016)
5 अप्रैल 2016 से बिहार में complete prohibition लागू हुई। controversial decision — लेकिन महिला मतदाताओं में इससे नीतीश की लोकप्रियता और बढ़ी।
Infrastructure क्रांति
सड़कें, पुल, बिजली — 2005 से पहले जो बिहार था और 2015 का बिहार — जमीन-आसमान का फर्क। Bihar का road network और rural electrification इस दौर में देश के benchmark बन गए।
Anti-dynasty राजनीति
20 साल तक मुख्यमंत्री रहे लेकिन न पत्नी को आगे किया, न बेटे को। यह उनकी एक विशेषता थी जो उन्हें लालू प्रसाद यादव जैसे नेताओं से अलग करती थी। (हालांकि 2026 में CM पद छोड़ने के बाद बेटे निशांत ने JDU join किया।)
विवाद और आलोचनाएं
किसी भी balanced जीवन-परिचय में सिर्फ तारीफ नहीं होती। नीतीश कुमार के कार्यकाल में कुछ विवाद भी रहे:
प्रवासी मजदूरों की समस्या: बिहार में infrastructure जरूर बना, लेकिन उद्योग नहीं आए। बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा नहीं हुआ। आज भी लाखों बिहारी बाहर काम करते हैं — यह नीतीश युग की सबसे बड़ी विफलता के रूप में आलोचक देखते हैं।
शराबबंदी की कठोर implementation: Prohibition के बाद जेलें भर गईं — बड़ी संख्या में गरीब दलित पुरुष। कानून के लागू होने के तरीके पर सवाल उठे।
December 2025 veil incident: एक government ceremony में उन्होंने एक Muslim महिला डॉक्टर का घूंघट उठाया — यह video viral हुआ और तीखी आलोचना हुई।
Dynasty की शुरुआत? 2026 में CM पद छोड़ने के ठीक बाद बेटे निशांत का JDU में शामिल होना — जिस anti-dynasty छवि पर उन्होंने 20 साल काम किया, उसपर सवाल खड़े हुए।
10 अप्रैल 2026 — राज्यसभा शपथ और “नीतीश युग” का अंत (ताजा अपडेट)
यह वो तारीख है जो बिहार की राजनीति में हमेशा याद रखी जाएगी।
16 मार्च 2026 — नीतीश कुमार राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुने गए। 30 मार्च 2026 — बिहार विधान परिषद (MLC) से इस्तीफा दिया। 9 अप्रैल 2026 — नई दिल्ली पहुंचे। 10 अप्रैल 2026 — राज्यसभा अध्यक्ष C.P. Radhakrishnan के chamber में राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली।
दिल्ली पहुंचने पर reporters से बोले — “मैंने बिहार में बहुत काम किया। अब लगा कि यहाँ रहना चाहिए। अब वहाँ का काम छोड़ूंगा और यहाँ काम करूंगा।”
उनके राज्यसभा oath के बाद अब Bihar में NDA का नया Chief Minister बनेगा — अनुमान है कि पहली बार Bihar में BJP का CM होगा। April 13-14 के आसपास नई सरकार बन सकती है।
बिहार के Deputy CM Vijay Kumar Chaudhary ने कहा — “Bihar में ‘Nitish Model’ के तहत काम जारी रहेगा।”
20 साल का “नीतीश युग” खत्म हुआ। लेकिन राष्ट्रीय राजनीति में एक नई भूमिका शुरू हो रही है।
पुरस्कार और सम्मान
| पुरस्कार | साल | संस्था |
|---|---|---|
| Forbes India — “India’s Person of the Year” | 2010 | Forbes India |
| NDTV Indian of the Year (Politics) | 2009, 2010 | NDTV |
| CNN-IBN Indian of the Year (Politics) | 2008, 2010 | CNN-IBN |
| Best Chief Minister | 2007 | HT State of the Nation Poll + CNN-IBN |
| Economic Times Business Reformer of the Year | 2009 | Economic Times |
| Sir Jehangir Gandhi Medal | 2011 | XLRI Jamshedpur |
| Foreign Policy — Top 100 Global Thinkers | 2012 | Foreign Policy Magazine (77वां स्थान) |
| JP Memorial Award | 2013 | Nagpur Manav Mandir |
| Polio Eradication Championship Award | 2009 | Rotary International |
परिवार और निजी जीवन
नीतीश कुमार की निजी जिंदगी उनकी राजनीति जितनी ही सादगी से भरी है।
पत्नी मंजू कुमारी सिन्हा शिक्षिका थीं। 2007 में निमोनिया से उनका निधन हुआ। नीतीश कुमार ने दूसरी शादी नहीं की।
बेटे निशांत कुमार Software Engineer हैं। नीतीश ने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में बेटे को राजनीति से दूर रखा। लेकिन 2026 में — जब नीतीश CM पद छोड़ने की तैयारी में थे — निशांत JDU में शामिल हो गए। राजनीतिक विश्लेषक इसे anti-dynasty छवि से departure के रूप में देख रहे हैं।
नीतीश कुमार खुद किताबें पढ़ने और फिल्में देखने के शौकीन हैं। अपनी सादगी के लिए मशहूर — कोई बड़ा बंगला नहीं, कोई दिखावा नहीं।
नीतीश कुमार FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q: नीतीश कुमार की उम्र कितनी है?
A: नीतीश कुमार का जन्म 1 मार्च 1951 को हुआ था। अप्रैल 2026 में वे 75 वर्ष के हैं।
Q: नीतीश कुमार कितनी बार बिहार के मुख्यमंत्री बने?
A: नीतीश कुमार रिकॉर्ड 10 बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले चुके हैं — पहली बार मार्च 2000 में (7 दिन) और आखिरी बार नवंबर 2025 में।
Q: नीतीश कुमार अभी (2026 में) क्या कर रहे हैं?
A: 10 अप्रैल 2026 को नीतीश कुमार ने राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ली। वे जल्द ही बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे। अब वे दिल्ली से राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय रहेंगे।
Q: नीतीश कुमार को “पलटू राम” क्यों कहते हैं?
A: नीतीश कुमार ने 2005 से अब तक NDA और महागठबंधन के बीच 5 बार पाला बदला है — इसीलिए विरोधी उन्हें “पलटू राम” कहते हैं। लेकिन हर पलटी के बाद भी वे CM बने रहे, जो उनकी गठबंधन राजनीति की महारत को दर्शाता है।
Q: नीतीश कुमार की पत्नी का क्या हुआ?
A: नीतीश कुमार की पत्नी मंजू कुमारी सिन्हा का 2007 में निमोनिया के कारण निधन हो गया। उनकी मृत्यु के बाद नीतीश ने दूसरी शादी नहीं की।
Q: नीतीश कुमार की कुल संपत्ति (Net Worth) कितनी है?
A: 2025 चुनावी हलफनामे के अनुसार नीतीश कुमार की कुल घोषित संपत्ति लगभग ₹1.66 करोड़ है।
Q: नीतीश कुमार की शिक्षा क्या है?
A: उन्होंने Bihar College of Engineering (अब NIT Patna) से 1972 में Electrical Engineering में B.Sc. की डिग्री हासिल की।
Q: नीतीश कुमार के बेटे का नाम क्या है?
A: नीतीश कुमार के बेटे का नाम निशांत कुमार है। वे Software Engineer हैं और 2026 में JDU में शामिल हुए हैं।
Q: नीतीश कुमार के बाद बिहार का नया CM कौन होगा?
A: नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद NDA की बैठक में नया CM तय होगा। Deputy CM समराट चौधरी प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं। अनुमान है कि पहली बार Bihar में BJP का मुख्यमंत्री बन सकता है। April 14 (Baisakhi के बाद) नई सरकार संभावित है।
Q: Tatkal scheme किसने शुरू की?
A: Tatkal scheme की शुरुआत नीतीश कुमार ने ही की थी जब वे रेल मंत्री थे (1998-99, 2001-2004)। साथ ही Indian Railways पर internet ticket booking की शुरुआत भी उनके कार्यकाल में 2002 में हुई।
Sources & References
Last Updated: April 11, 2026
यह लेख 10 अप्रैल 2026 की नवीनतम जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। बिहार में नई सरकार बनने पर इसे अपडेट किया जाएगा।


