NCRB 2023 REPORT: नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) ने 30 सितंबर 2025 को अपनी वार्षिक रिपोर्ट ‘क्राइम इन इंडिया 2023’ जारी की। इस रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2023 के दौरान देशभर में कुल 62,41,569 संज्ञेय अपराध दर्ज किए गए, जो 2022 की तुलना में 7.2% की वृद्धि दर्शाते हैं। अपराध दर प्रति लाख आबादी 422.2 से बढ़कर 448.3 हो गई। रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया है कि जहां पारंपरिक हिंसक अपराधों में कमी आई है, वहीं साइबरक्राइम, आर्थिक अपराध और अन्य विविध अपराधों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

NCRB 2023 REPORT: हत्या और दुष्कर्म के आंकड़े
रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2023 में कुल 27,721 हत्या के मामले दर्ज हुए। यह संख्या 2022 के 28,522 मामलों की तुलना में 2.8% कम रही। राज्यों में उत्तर प्रदेश 3,491 हत्या के मामलों के साथ सबसे ऊपर रहा, जबकि बिहार में 2,930, महाराष्ट्र में 2,295 और मध्य प्रदेश में 1,978 मामले सामने आए। वहीं दुष्कर्म के मामलों में राजस्थान सबसे आगे रहा, जहां प्रति लाख महिला आबादी पर अपराध दर 114.8 दर्ज की गई। कुल 29,670 दुष्कर्म मामलों में से 97.5% मामलों में अपराधी पीड़िता का परिचित था।
महिलाओं के खिलाफ अपराधों का 10 साल का रिकॉर्ड
महिलाओं के खिलाफ अपराधों में मामूली 0.7% की वृद्धि दर्ज की गई, जो 2022 में 4,45,256 मामलों से बढ़कर 2023 में 4,48,211 पर पहुंच गई। प्रति लाख महिला आबादी पर अपराध दर 66.2 रही। यह आंकड़े पिछले 10 साल का रिकॉर्ड तोड़ते हैं। महिलाओं के खिलाफ सबसे अधिक मामले पति या ससुराल वालों द्वारा क्रूरता के रहे, जिनकी संख्या 1,33,676 रही। इसके अलावा अपहरण के 88,605 और शील भंग के प्रयास से जुड़े 83,891 मामले दर्ज किए गए। चार्जशीटिंग दर 77.6% रही, जो न्यायिक प्रक्रिया की गति को दर्शाती है।

बच्चों के खिलाफ अपराधों में इजाफा
NCRB रिपोर्ट के अनुसार, 2023 में बच्चों के खिलाफ अपराधों में 9.2% की वृद्धि दर्ज की गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि औसतन हर तीन मिनट में एक बच्चा अपराध का शिकार हुआ। बच्चों के खिलाफ कुल अपराधों में सबसे अधिक यौन अपराध दर्ज किए गए। इनमें POCSO एक्ट के तहत 40,046 दुष्कर्म के मामले शामिल रहे। दिल्ली में सबसे अधिक 1,048 बच्चियों के दुष्कर्म के मामले दर्ज किए गए।
दिल्ली अपराधों में सबसे ऊपर
महानगरों में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में दिल्ली सबसे आगे रही। यहां 13,439 मामले दर्ज हुए, जो प्रति लाख महिला आबादी पर 133.6 की दर दर्शाते हैं। यह राष्ट्रीय औसत 66.2 से दोगुना से अधिक है। दिल्ली में दहेज हत्या और दुष्कर्म के मामले भी सबसे अधिक रहे। समग्र रूप से देखा जाए तो दिल्ली महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों के खिलाफ अपराधों में शीर्ष पर रही।

अनुसूचित जनजातियों के खिलाफ अपराध
NCRB 2023 REPORT के अनुसार, अनुसूचित जनजाति (ST) समुदाय के खिलाफ अपराधों में 28.8% की वृद्धि दर्ज की गई। वर्ष 2022 में 10,064 मामले दर्ज हुए थे, जबकि 2023 में यह संख्या बढ़कर 12,960 हो गई। प्रति लाख ST आबादी पर अपराध दर 9.6 से बढ़कर 12.4 हो गई। इन मामलों में सबसे अधिक साधारण चोट के 21.3%, दंगे के 13.2% और दुष्कर्म के 9.2% मामले शामिल रहे। रिपोर्ट इस वृद्धि को सामाजिक और आर्थिक असमानताओं से जुड़ा मानती है।

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