MEDICAL INFLATION INDIA: देश में लगातार बढ़ रही चिकित्सा महंगाई और स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम में तेजी से हो रही बढ़ोतरी को नियंत्रित करने के लिए वित्तीय सेवाओं विभाग ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विभाग के सचिव एम. नागराजू ने गुरुवार को बीमा कंपनियों और निजी अस्पताल समूहों के शीर्ष प्रतिनिधियों के साथ उच्च-स्तरीय बैठक की, जिसमें स्वास्थ्य बीमा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और किफायती बनाने के उपायों पर व्यापक चर्चा की गई। बैठक के दौरान सचिव ने कहा कि अस्पतालों और बीमा कंपनियों के बीच अधिक सहयोग, लागत नियंत्रण और मानकीकरण चिकित्सा महंगाई को कम करने की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदम हैं।

MEDICAL INFLATION INDIA: स्वास्थ्य बीमा सेवाओं में पारदर्शिता लाई जाए
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य बीमा सेवाओं में पारदर्शिता तभी आएगी जब उपचार लागत से लेकर क्लेम प्रक्रिया तक हर स्तर पर स्पष्टता और समानता सुनिश्चित की जाएगी। सचिव ने कहा कि मरीजों और पॉलिसीधारकों को बेहतर सेवा मिले, यही सरकार की प्राथमिकता है। सचिव ने बीमा कंपनियों और अस्पतालों को सलाह दी कि वे नेशनल हेल्थ क्लेम्स एक्सचेंज पर तेजी से ऑनबोर्डिंग सुनिश्चित करें। इससे पॉलिसीधारकों के कैशलेस क्लेम तेज़ी और सरलता के साथ निपट सकेंगे। उन्होंने कहा कि अलग-अलग अस्पतालों और बीमाकर्ताओं के नियमों में अंतर के कारण मरीजों को अक्सर परेशानी उठानी पड़ती है, इसलिए क्लेम अनुमोदन प्रक्रिया को एकरूप और त्वरित बनाना अत्यंत आवश्यक है।

सचिव नागराजू ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि सभी बीमा कंपनियों में अस्पतालों के लिए एक जैसे एम्पैनलमेंट मानक बनाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि अस्पतालों के पैनल से जुड़े नियम एक जैसे होंगे तो पॉलिसीधारकों को पूरे देश में कहीं भी सुचारू और भरोसेमंद कैशलेस सुविधा मिल सकेगी। साथ ही अस्पतालों पर भी अलग-अलग कंपनियों के जटिल नियमों का प्रशासनिक बोझ कम होगा और सेवा की गुणवत्ता बढ़ेगी। बैठक में सचिव ने यह भी कहा कि बीमा कंपनियों को पॉलिसीधारकों के लिए सेवा का उच्चतम मानक सुनिश्चित करना होगा। विशेषकर अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में क्लेम अनुमोदन और कैशलेस सुविधा की प्रक्रिया में देर नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि बेहतर टर्नअराउंड टाइम और पारदर्शी प्रक्रिया से पॉलिसीधारकों का भरोसा मजबूत होगा और स्वास्थ्य बीमा क्षेत्र की विश्वसनीयता बढ़ेगी। बैठक में जनरल इंश्योरेंस काउंसिल, एसोसिएशन ऑफ हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स इन इंडिया (AHPI), मैक्स हेल्थकेयर, फोर्टिस हेल्थकेयर, अपोलो हॉस्पिटल्स, न्यू इंडिया एश्योरेंस, स्टार हेल्थ इंश्योरेंस और बजाज Allianz जैसी बड़ी संस्थाओं के शीर्ष अधिकारियों ने भाग लिया। चर्चा में इंडरजीत सिंह, डॉ. सुनीता रेड्डी, शिवकुमार पट्टाभिरामन, अभय सोई, डॉ. गिरधर ज्ञानी, कृष्णन रामचंद्रन, अमिताभ जैन और मीरा पार्थसारथी सहित कई प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया, जिन्होंने अपनी-अपनी संस्थाओं के अनुभव और सुझाव साझा किए।

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