KVIC BANKERS MEETING: खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) के राज्य कार्यालय, देहरादून द्वारा प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में 29 दिसंबर को हल्द्वानी में एक विशेष बैंकर्स समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक हल्द्वानी के रामपुर रोड स्थित मेडिकल कॉलेज परिसर में एमडीटीसी कार्यालय के सभा कक्ष में संपन्न हुई। बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत लंबित आवेदनों की समीक्षा करना और योजना के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं को दूर करना था।
बैठक का शुभारंभ और योजना की प्रगति रिपोर्ट
समीक्षा बैठक की अध्यक्षता खादी और ग्रामोद्योग आयोग के नोडल अधिकारी (पीएमईजीपी) राकेश कुमार ने की। कार्यक्रम की शुरुआत एमडीटीसी, केवीआईसी हल्द्वानी के प्राचार्य गगन तिवारी द्वारा की गई, जिन्होंने बैठक में पधारे सभी प्रतिभागियों और बैंक अधिकारियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके पश्चात सहायक निदेशक जे.एस. मलिक ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) की वर्तमान स्थिति और प्रगति के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने एक सजीव प्रस्तुतीकरण (प्रेजेंटेशन) के माध्यम से योजना के विभिन्न पहलुओं और अब तक की उपलब्धियों से सदन को अवगत कराया।

KVIC BANKERS MEETING: बैंकों को 15 जनवरी तक आवेदन निस्तारण के सख्त निर्देश
KVIC BANKERS MEETING के दौरान यह बात सामने आई कि बैंकों के स्तर पर कई आवेदन लंबित पड़े हैं। इस पर संज्ञान लेते हुए बैठक में सभी बैंकों से आग्रह किया गया कि वे अपनी-अपनी शाखाओं में लंबित पड़े PMEGP आवेदनों का निस्तारण हर हाल में 15 जनवरी 2026 तक करना सुनिश्चित करें। इसके अलावा, बैंकों द्वारा जो मार्जिन मनी (सब्सिडी) के दावे पोर्टल पर आयोग को भेजे गए हैं और जिन पर आयोग द्वारा कुछ आपत्तियां लगाई गई हैं, उनका समाधान भी इसी तारीख यानी 15 जनवरी 2026 तक करने के निर्देश दिए गए हैं।
डाक विभाग और सत्यापन की समय सीमा तय
योजना के तहत स्थापित इकाइयों के भौतिक सत्यापन में भी तेजी लाने के निर्देश दिए गए। बैठक में मौजूद डाक विभाग के प्रतिनिधियों को निर्देशित किया गया कि वे 31 जनवरी 2026 तक भौतिक सत्यापन के लिए लंबित सभी इकाइयों की जांच प्रक्रिया पूरी कर लें। भौतिक सत्यापन योजना का एक अनिवार्य हिस्सा है, जिसके बाद ही सब्सिडी की प्रक्रिया पूर्ण होती है। इसलिए, डाक विभाग को इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के लिए कहा गया है ताकि लाभार्थियों को किसी प्रकार की देरी का सामना न करना पड़े।

KVIC BANKERS MEETING: अनुसूचित जाति और जनजाति के दावों पर विशेष फोकस
KVIC BANKERS MEETING में सामाजिक समावेश और वंचित वर्गों को लाभ पहुंचाने पर भी विशेष जोर दिया गया। बैंकों और क्रियान्वयन विभागों ने आश्वासन दिया कि अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के लाभार्थियों के मार्जिन मनी दावों का शीघ्र अति शीघ्र निस्तारण किया जाएगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि इन वर्गों के आवेदकों को योजना का लाभ लेने में कोई प्रशासनिक अड़चन न आए। बैठक के दौरान सभी बैंकों ने एक स्वर में आश्वासन दिया कि वे इस वित्तीय वर्ष में भी प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त करने का पूरा प्रयास करेंगे।
बैठक में इन प्रमुख अधिकारियों की रही भागीदारी
KVIC BANKERS MEETING में खादी और ग्रामोद्योग आयोग, जिला उद्योग केंद्र और विभिन्न बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया और रोजगार सृजन के लक्ष्यों को समय सीमा के भीतर प्राप्त करने की रणनीति पर विचार-विमर्श किया।इनमें जिला उद्योग केंद्र, हल्द्वानी की महाप्रबंधक पल्लवी गुप्ता, नैनीताल व चंपावत के जिला ग्रामोद्योग अधिकारी आर.एस. करमियाल और राजीव पाठक विशेष रूप से मौजूद रहे।
इसके अलावा अल्मोड़ा के लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (LDM) अनिरुद्ध शाह, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की मुख्य प्रबंधक नेहा चतुर्वेदी, यूको बैंक के मुख्य प्रबंधक खेम सिंह, बैंक ऑफ बड़ौदा के नवीन खुसवाह, नैनीताल बैंक के उप महाप्रबंधक दिग्विजय सिंह, बैंक ऑफ इंडिया के मुख्य प्रबंधक हिमांशु राज और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के गिरजा नंदन शामिल थे। साथ ही डाक विभाग और आरसेटी (RSETI) के प्रतिनिधियों ने भी चर्चा में भाग लिया। बैठक के अंत में नोडल अधिकारी राकेश कुमार ने सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया और उम्मीद जताई कि तय समय सीमा के भीतर सभी लक्ष्यों को पूरा कर लिया जाएगा।

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