KARUR STAMPEDE: तमिलनाडु के करूर जिले में थलापति विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) की रैली के दौरान मची भगदड़ मामले में अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में TVK के जिला सचिव मथियाझागन, शहर सचिव पावुनराज और एक बीजेपी नेता शामिल हैं। मथियाझागन पर हत्या (IPC धारा 304) और जन सुरक्षा को खतरे में डालने के आरोप लगाए गए हैं। वहीं, अन्य पर अफवाहें फैलाकर भीड़ को भड़काने का आरोप है। 27 सितंबर 2025 को वेलुसामीपुरम में हुई इस घटना में अब तक 41 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 60 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं।
KARUR STAMPEDE मामले में तीन गिरफ्तारियां, विजय पर गंभीर आरोप
प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। रैली के दिन हजारों समर्थक सुबह से विजय का इंतजार कर रहे थे, लेकिन भीड़ के बीच हालात बिगड़ने पर यह हादसा हो गया। एफआईआर में एक्टर विजय पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पुलिस का कहना है कि विजय जानबूझकर चार घंटे देरी से पहुंचे ताकि अधिक भीड़ इकट्ठी हो और ताकत का प्रदर्शन हो सके। रैली दोपहर 12 बजे शुरू होनी थी, लेकिन विजय शाम 7:40 बजे पहुंचे।

इसके चलते इंतजार कर रही भीड़ में बेचैनी और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। इसके अलावा विजय का रोड शो भी बिना अनुमति आयोजित किया गया था, जबकि केवल मीटिंग की अनुमति दी गई थी। आयोजकों पर यह भी आरोप है कि उन्होंने भोजन-पानी की व्यवस्था नहीं की और केवल 500 सुरक्षाकर्मी तैनात किए, जबकि 30,000 से अधिक लोग मौजूद थे।

जांच और राजनीतिक विवाद
राज्य सरकार ने रिटायर्ड जस्टिस अरुणा जगदीश की अगुवाई में एक सदस्यीय जांच आयोग गठित किया है। TVK ने मदुरै बेंच में याचिका दायर कर KARUR STAMPEDE जांच को CBI या SIT को सौंपने की मांग की है और DMK पर साजिश का आरोप लगाया है। विजय ने सोशल मीडिया पर घटना पर दुख जताया और मृतकों के परिवारों को 20 लाख रुपये तथा घायलों को 2 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने भी अफवाहें फैलाने वालों को चेतावनी दी है। इस बीच, NDA का एक प्रतिनिधिमंडल 30 सितंबर को करूर जाकर प्रभावित परिवारों से मुलाकात करेगा।

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