KANWAD YATRA 2025: उत्तराखंड में 11 जुलाई से शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा 2025 को देखते हुए राज्य सरकार ने खाद्य सुरक्षा को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इस वर्ष यात्रा मार्ग पर किसी भी दुकान, होटल, ढाबे, ठेले या भंडारे में खाद्य सामग्री बेचने वाले सभी कारोबारियों को अपने फूड लाइसेंस या पंजीकरण प्रमाणपत्र के साथ-साथ मालिक का नाम और पहचान स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना अनिवार्य कर दिया गया है। सीएम के अनुसार यह नियम इसलिए लागू किया गया है ताकि लाखों श्रद्धालुओं को शुद्ध, स्वच्छ और सुरक्षित भोजन मिल सके।

KANWAD YATRA 2025: नियमों का पालन न करने पर होगी ये कार्यवाई
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत की अगुवाई में सरकार ने यह निर्णय लिया है, जिससे यात्रा के दौरान होने वाले किसी भी प्रकार के खाद्य मिलावट या मानकों से नीचे भोजन पर सख्ती की जा सके। स्वास्थ्य सचिव और आयुक्त, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन डॉ. आर. राजेश कुमार ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार कांवड़ यात्रा में श्रद्धालुओं की सेहत को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। बिना वैध फूड लाइसेंस या पंजीकरण के चलने वाले किसी भी खाद्य प्रतिष्ठान पर दो लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है और जरूरत पड़ने पर दुकान को सील भी किया जाएगा।

राज्य सरकार ने इस बार हरिद्वार, देहरादून, टिहरी, पौड़ी और उत्तरकाशी जैसे जिलों में खाद्य सुरक्षा की व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारी की है। इन जिलों में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीमें विशेष रूप से तैनात की गई हैं, जो लगातार निरीक्षण करेंगी और मौके पर खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र करेंगी। दूध, मिठाई, तेल, मसाले और पेय पदार्थ जैसे सभी खाद्य उत्पादों की प्रयोगशाला जांच की जाएगी। यदि किसी खाद्य सामग्री में मिलावट या गुणवत्ता में कमी पाई जाती है, तो संबंधित प्रतिष्ठान को तत्काल प्रभाव से बंद किया जाएगा।

सरकार द्वारा तय किए गए नए नियमों के अनुसार, प्रत्येक खाद्य दुकानदार को अपने प्रतिष्ठान पर अपने फूड लाइसेंस या पंजीकरण प्रमाणपत्र की प्रति ऐसे स्थान पर लगानी होगी, जिसे उपभोक्ता आसानी से देख सके। इसके अलावा दुकान के मालिक का नाम और उसकी पहचान भी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित होनी चाहिए। यदि कोई दुकान इन निर्देशों का पालन नहीं करती है, तो उस पर खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 की धारा 55 के तहत कार्रवाई की जाएगी, जिसमें आर्थिक दंड के साथ-साथ आपराधिक मामला भी दर्ज किया जा सकता है।

स्वास्थ्य विभाग ने सभी खाद्य कारोबारियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले अपने लाइसेंस और पंजीकरण से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी कर लें और सभी दस्तावेजों की कॉपी दुकान पर प्रमुख स्थान पर लगाएं ताकि किसी भी प्रकार की जांच या शिकायत की स्थिति में उन्हें परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार ने भी अपने राज्य में कांवड़ यात्रा को लेकर सख्ती शुरू कर दी है। वहां भी खाद्य दुकानों, ठेलों और भंडारों की जांच के आदेश दिए गए हैं। मिलावटी या खराब गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और आवश्यकतानुसार लाइसेंस रद्द या प्रतिष्ठान सील भी किए जा सकते हैं।

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