JAYA BACHCHAN BIRTHDAY: भारतीय सिनेमा की प्रसिद्ध अभिनेत्री और राज्यसभा की सांसद जया अमिताभ बच्चन किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं। आज 9 अप्रैल 2026 को जया बच्चन अपना 78वां जन्मदिन मना रही हैं। जया बच्चन ने अपनी सहज और प्रभावशाली अभिनय शैली से दशकों तक दर्शकों के दिलों पर राज किया है और आज वो भारतीय राजनीति के गलियारों में अपनी चमक बिखेर रहीं हैं।
JAYA BACHCHAN का प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
जया बच्चन का जन्म 9 अप्रैल 1948 को मध्य प्रदेश के जबलपुर में एक बंगाली परिवार में हुआ था। उनका नाम जया भादुड़ी था। उनके पिता तरुण कुमार भादुड़ी एक प्रख्यात पत्रकार और लेखक थे। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा भोपाल और शिलांग से पूरी की। जया बचपन से ही प्रतिभावान थीं, उन्हें 1966 के गणतंत्र दिवस समारोह में ‘सर्वश्रेष्ठ अखिल भारतीय NCC कैडेट’ का पुरस्कार मिला था। इसके बाद उन्होंने पुणे स्थित फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII) से अभिनय की बारीकियां सीखीं और वहाँ से Gold Medal के साथ स्नातक किया।

फिल्मी दुनिया का सफर
जया बच्चन ने मात्र 14 वर्ष की आयु में महान निर्देशक सत्यजीत रे की बंगाली फिल्म ‘महानगर’ (1963) से पर्दे पर कदम रखा था। इसके बाद ऋषिकेश मुखर्जी की फिल्म ‘गुड्डी’ (1971) ने उन्हें रातों-रात घर-घर में लोकप्रिय बना दिया। उनकी Girl-next-door वाली छवि दर्शकों के दिलों में उतर गई। उन्होंने ‘उपहार’, ‘कोशिश’, ‘कोरा कागज’ और ‘बावर्ची’ जैसी फिल्मों के माध्यम से मध्यमवर्गीय संवेदनशीलता को पर्दे पर बखूबी जिया।
इसके साथ ही अमिताभ बच्चन के साथ जोड़ी ने भी उन्हें सिनेमा की दुनिया में बुलंदियों पर पहुंचाया। जया ने अमिताभ बच्चन के साथ कई यादगार फिल्में कीं, जिनमें ‘अभिमान’, ‘चुपके चुपके’, ‘मिली’ और भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्म ‘शोले’ शामिल है। ‘शोले’ में एक शांत और शालीन विधवा की उनकी भूमिका को आज भी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनों में गिना जाता है।

शादी के बाद एक लंबे अंतराल के बाद उन्होंने ‘हज़ार चौरासी की माँ’ (1998) से वापसी की। इसके बाद उन्होंने ‘फिज़ा’, ‘कभी खुशी कभी ग़म’ और ‘कल हो ना हो’ जैसी फिल्मों में माँ की चुनौतीपूर्ण भूमिकाएँ निभाईं और लगातार तीन बार फिल्मफेयर पुरस्कार जीते। हाल ही में वे ‘रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’ (2023) में एक सख्त दादी के किरदार में नजर आईं।
जब फ्लॉप हो रहे थे अमिताभ बच्चन, तब जया के एक फैसले ने बदल दी बॉलीवुड की तकदीर
अमिताभ और JAYA BACHCHAN की प्रेम कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। जया ने जब अमिताभ को पहली बार देखा था, तो उनकी सादगी की दीवानी हो गई थीं, जबकि उनकी सहेलियां अमिताभ को ‘लकड़ी’ कहकर चिढ़ाती थीं। जब अमिताभ की फिल्में फ्लॉप हो रही थीं और बड़ी अभिनेत्रियां उनके साथ काम करने से मना कर रही थीं, तब जया ने ‘जंजीर’ (1973) में उनके साथ काम किया। इस फिल्म ने अमिताभ को ‘एंग्री यंग मैन’ बनाया। दोनों ने 3 जून 1973 को सादगी से शादी की। आज उनके दो बच्चे, अभिषेक बच्चन और श्वेता बच्चन नंदा, और पोते-पोतियां उनके जीवन की खुशियां हैं।
राजनीतिक सफलता की सीढ़ियां
साल 2004 में JAYA BACHCHAN ने राजनीति में प्रवेश किया। वे समाजवादी पार्टी की ओर से राज्यसभा सदस्य बनीं और तब से लगातार संसद में सक्रिय हैं। संसद में वे अक्सर महिलाओं के अधिकार, फिल्म उद्योग की समस्याओं और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखने के लिए जानी जाती हैं। उन्हें भारत सरकार द्वारा पद्म श्री से सम्मानित किया जा चुका है।

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JAYA BACHCHAN के आगामी प्रोजेक्ट्स
काम के मोर्चे पर JAYA BACHCHAN जल्द ही विकास बहल द्वारा निर्देशित रोमांटिक कॉमेडी फिल्म ‘दिल का दरवाज़ा खोल ना डार्लिंग’ में नजर आएंगी। इस फिल्म में उनके साथ सिद्धांत चतुर्वेदी और वामिका गब्बी मुख्य भूमिकाओं में होंगे।
FAQs: जया बच्चन के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- जया बच्चन का जन्मदिन कब है?
जया बच्चन का जन्म 9 अप्रैल 1948 को हुआ था। वे आज अपना 78वां जन्मदिन मना रही हैं।
- जया बच्चन ने कितनी बार फिल्मफेयर पुरस्कार जीता है?
उन्होंने कुल 10 फिल्मफेयर पुरस्कार जीते हैं, जिनमें अभिनय के विभिन्न वर्गों और लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार शामिल हैं।
- क्या जया बच्चन अभी भी फिल्मों में सक्रिय हैं?
हाँ, 2023 में वे ‘रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’ में नजर आई थीं और उनकी अगली फिल्म ‘दिल का दरवाज़ा खोल ना डार्लिंग’ पाइपलाइन में है।
- जया बच्चन किस राजनीतिक दल से जुड़ी हैं?
वे साल 2004 से समाजवादी पार्टी से जुड़ी हैं और राज्यसभा सदस्य के रूप में कार्यरत हैं।

