हिमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma Biography) — एक ऐसा नाम जो एक साथ विकास और विवाद दोनों का पर्याय बन चुका है। असम के मुख्यमंत्री के रूप में जहाँ उन्होंने राज्य में स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाए, वहीं अपने विवादित बयानों से वे हमेशा सुर्खियों में बने रहे।
Himanta Biswa Sarma की जीवनी में जानिए कैसे एक साहित्यकार के बेटे ने कांग्रेस से BJP तक का सफर तय कर असम के सबसे शक्तिशाली मुख्यमंत्री का ताज पहना।
Himanta Biswa Sarma Biography
| विवरण (Field) | जानकारी (Details) |
|---|---|
| पूरा नाम | हिमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) |
| जन्म तिथि | 1 फरवरी 1969 |
| आयु (2026) | 57 वर्ष |
| जन्म स्थान | जोरहाट, असम (Jorhat Mission Hospital) |
| राष्ट्रीयता | भारतीय |
| राजनीतिक दल | भारतीय जनता पार्टी (BJP) |
| शिक्षा | PhD (राजनीति शास्त्र), Gauhati University |
| पिता का नाम | कैलाश नाथ सरमा (प्रसिद्ध कवि) |
| चुनाव क्षेत्र | जालुकबारी (Jalukbari), गुवाहाटी |
| वर्तमान पद | असम के 15वें मुख्यमंत्री |
| विधायक कार्यकाल | 2001, 2006, 2011, 2016, 2021 (लगातार 5 बार) |
| वैवाहिक स्थिति | विवाहित (पत्नी: रिनिकी भुयान सरमा) |
| अनुमानित संपत्ति | ₹35.16 करोड़ (चुनाव हलफनामे के अनुसार) |
प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
Himanta Biswa Sarma का जन्म 1 फरवरी 1969 को असम के जोरहाट मिशन अस्पताल में हुआ। उनके पिता कैलाश नाथ सरमा असम के जाने-माने कवि, उपन्यासकार और साहित्यकार थे। माता मृणालिनी देवी असम साहित्य सभा से जुड़ी थीं। परिवार की मूल जड़ें नलबाड़ी जिले के लातिमा गांव में हैं।

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प्रारंभिक शिक्षा: कामरूप एकेडमी स्कूल, गुवाहाटी (1985 में सीनियर सेकेंडरी)
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स्नातक: कॉटन कॉलेज, गुवाहाटी से राजनीति शास्त्र (1990)
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परास्नातक: कॉटन कॉलेज, गुवाहाटी (1992)
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एलएलबी: गवर्नमेंट लॉ कॉलेज, गुवाहाटी (1995)
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पीएचडी: गुवाहाटी विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र (2006)
महत्वपूर्ण: कॉटन कॉलेज में वे छात्र संघ के महासचिव (1991-92) रहे। 1996 से 2001 तक गुवाहाटी हाईकोर्ट में वकालत की।
राजनीतिक सफर: कांग्रेस से BJP तक
कांग्रेस का दौर (2001-2015)
हिमंत बिस्वा सरमा ने अपनी राजनीतिक शुरुआत भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से की।
| वर्ष | महत्वपूर्ण घटना |
|---|---|
| 2001 | जालुकबारी से पहली बार विधायक चुने गए |
| 2006-2014 | तरुण गोगोई सरकार में स्वास्थ्य, शिक्षा और वित्त मंत्री |
| 2011 | फिर से विधायक निर्वाचित |
| 2015 | कांग्रेस छोड़ी (नेतृत्व से मतभेद) |
स्वास्थ्य मंत्री के रूप में उपलब्धि: असम के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए कई सुधार किए।
BJP का दौर (2015-वर्तमान)

| वर्ष | महत्वपूर्ण घटना |
|---|---|
| 2015 | भाजपा में शामिल हुए |
| 2016 | असम विधानसभा चुनाव में BJP की ऐतिहासिक जीत में अहम भूमिका |
| 2016-2021 | सरबानंद सोनोवाल सरकार में मंत्री |
| 2021 | असम के मुख्यमंत्री बने (लगातार 5वीं बार जालुकबारी से जीत) |
विशेष भूमिका: NEDA (नॉर्थ-ईस्ट डेमोक्रेटिक एलायंस) के संयोजक के रूप में पूर्वोत्तर के कई राज्यों में BJP की सरकार बनाने में महत्वपूर्ण योगदान।
मुख्यमंत्री के रूप में विकास कार्य
स्वास्थ्य सुधार
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नए मेडिकल कॉलेज: जोरहाट, बारपेटा, तेजपुर में स्थापित
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लक्ष्य: 2030 तक हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज
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आयुष्मान भारत: 26 लाख+ परिवारों को कैशलेस इलाज
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कोविड प्रबंधन: “Prepare and overprepare” मंत्र से सराहना
शिक्षा क्षेत्र में सुधार
| योजना/कार्य | विवरण |
|---|---|
| TET भर्ती | इंटरव्यू सिस्टम खत्म कर 50,000+ शिक्षकों की पारदर्शी भर्ती |
| स्कूल आधुनिकीकरण | 1,000 स्कूलों पर ₹5,000 करोड़ की लागत |
| निजुत मोइना/बाबू | स्नातक/परास्नातक छात्रों को मासिक वित्तीय सहायता |
| चाय बागान | 100 नए हाई स्कूल स्थापित |
बुनियादी ढांचा
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ब्रह्मपुत्र पुल: गुवाहाटी-उत्तर गुवाहाटी, जोरहाट-माजुली सहित 4 नए पुल
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सड़क निर्माण: 2021-26 के बीच 21,500 किमी सड़कें बनीं
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सेमीकंडक्टर यूनिट: टाटा समूह के साथ जागीरोड में भारत की पहली स्वदेशी असेंबली यूनिट
कल्याणकारी योजनाएँ
| योजना | लाभार्थी | लाभ |
|---|---|---|
| ओरुनोदोई (Orunodoi) | 20 लाख+ गरीब परिवारों की महिलाएँ | मासिक वित्तीय सहायता |
| मिशन बसंधरा | 8.5 लाख+ | भूमि विवाद समाधान और डिजिटलीकरण |
| सरकारी नौकरियाँ | 1.6 लाख | पारदर्शी भर्ती |
विवादों से पुराना नाता
Himanta Biswa Sarma हमेशा विवादित बयानों से सुर्खियों में रहे हैं। विपक्ष उन पर कई गंभीर आरोप लगाता है, जबकि वे खुद इसे राजनीतिक साजिश बताते हैं।
भ्रष्टाचार के आरोप
| विवाद | विवरण |
|---|---|
| लुईस बर्जर घोटाला | गुवाहाटी वॉटर सप्लाई प्रोजेक्ट में रिश्वत का आरोप (2015) |
| शारदा चिटफंड घोटाला | कांग्रेस सरकार में मंत्री रहते हुए संबंध के आरोप |
| लैंड स्कैम और फ्लाईओवर घोटाला | पूर्व BJP नेता सिद्धार्थ भट्टाचार्य ने आरोप लगाए |
Himanta Biswa Sarma विवादित बयान
| तारीख | बयान | परिणाम |
|---|---|---|
| फरवरी 2026 | “मियाओं को परेशान करो ताकि वे असम छोड़कर चले जाएं” | गुवाहाटी हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किया |
| फरवरी 2026 | BJP X हैंडल पर वीडियो – सरमा ने राइफल से निशाना साधा | वीडियो हटाया गया, सुप्रीम कोर्ट में याचिका |
अन्य विवाद
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कोविड बयान (2021): “असम में कोरोनावायरस खत्म हो गया, मास्क की जरूरत नहीं” – बेहद विवादास्पद
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पासपोर्ट विवाद (हाल ही में): कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने आरोप लगाया – सरमा ने मुकदमे की धमकी दी
व्यक्तिगत जीवन और परिवार
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पत्नी: रिनिकी भुयान सरमा (उद्यमी और पूर्व पत्रकार)
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बच्चे: दो (एक पुत्र और एक पुत्री)
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धर्म: हिंदू (असमिया ब्राह्मण परिवार)
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लोकप्रिय उपनाम: युवा उन्हें प्यार से “मामा” कहते हैं
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
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Himanta Biswa Sarma को “मामा” क्यों कहते हैं?
युवा उन्हें प्यार से “मामा” कहकर बुलाते हैं, यह उपनाम उनके सुलभ और युवाओं से जुड़ाव के कारण लोकप्रिय हुआ।
हिमंत बिस्वा सरमा कितनी बार विधायक बने?
वे 2001, 2006, 2011, 2016 और 2021 में लगातार 5 बार जालुकबारी सीट से विधायक चुने गए हैं।
हिमंत बिस्वा सरमा की उम्र कितनी है?
1 फरवरी 1969 को जन्मे, 2026 में उनकी उम्र 57 वर्ष है।
Himanta Biswa Sarma ने कांग्रेस क्यों छोड़ी?
पार्टी नेतृत्व से बढ़ते मतभेदों के चलते 2015 में कांग्रेस छोड़ी और BJP में शामिल हो गए।
हिमंत बिस्वा सरमा की शिक्षा क्या है?
उन्होंने कॉटन कॉलेज से राजनीति शास्त्र में स्नातक और परास्नातक, गवर्नमेंट लॉ कॉलेज से LLB और गुवाहाटी विश्वविद्यालय से PhD की है।
हिमंत बिस्वा सरमा की संपत्ति कितनी है?
चुनाव हलफनामे के अनुसार उनकी अनुमानित संपत्ति ₹35.16 करोड़ है।

