HIMALAYA GURUKUL PATHSHALA: उत्तराखंड के सीमांत जनपद चमोली के जोशीमठ ब्लॉक स्थित तपोवन क्षेत्र में राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) तपोवन के प्रांगण में छात्र-छात्राओं के लिए दो दिवसीय योग शिविर का शुभारंभ किया गया। यह आयोजन स्वामी चित्प्रकाशानंद जी (जिन्हें स्थानीय लोग श्रद्धा से मौनी बाबा के नाम से जानते हैं) द्वारा स्थापित हिमालय गुरुकुल पाठशाला, ग्राम ढाक के सौजन्य से किया जा रहा है। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य आगामी बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को मानसिक तनाव से मुक्त करना और उनकी एकाग्रता को बढ़ाना है।
दीप प्रज्वलन और वंदना के साथ हुई शुरुआत
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ क्षेत्र के सम्मानित सामाजिक कार्यकर्ता और व्यवसायी कांति प्रसाद थपलियाल, स्वामी मौनी बाबा और प्रवीण डोभाल ने दीप प्रज्वलित करके किया। भारतीय संस्कृति की परंपरा का निर्वहन करते हुए कार्यक्रम की शुरुआत माँ शारदा और गुरु वन्दना के साथ हुई, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक हो गया। इस अवसर पर जीआईसी तपोवन में पहले से संचालित की जा रही बोर्ड परीक्षा की तैयारी कक्षाओं के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। विद्यालय प्रांगण में सुबह 10 बजे से 11:30 बजे तक चले इस सत्र में योग की विभिन्न क्रियाओं का अभ्यास किया गया।
स्वामी चित्प्रकाशानंद का संदेश: निरोगी काया ही सच्ची पूंजी
शिविर के दौरान स्वामी चित्प्रकाशानंद (मौनी बाबा) का लिखित संदेश पढ़कर सुनाया गया। स्वामी जी ने अपने संदेश में ‘ॐ नमः शिवाय’ के उद्घोष के साथ छात्रों और अभिभावकों का स्वागत किया। उन्होंने शास्त्रों के ‘शतम् जीवेत’ यानी सौ वर्ष तक जीने के उपदेश का जिक्र करते हुए कहा कि इस योग शिविर का मुख्य ध्येय ‘करें योग रहें निरोग’ है। स्वामी जी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ‘हेल्थ इज वेल्थ’ यानी स्वास्थ्य ही धन है। निरोग शरीर ही मनुष्य की सबसे अनमोल पूंजी है, चाहे वह अमीर हो या गरीब। उन्होंने छात्रों को आगाह किया कि स्वास्थ्य को बनाना और बिगाड़ना मनुष्य के अपने हाथों में है।
HIMALAYA GURUKUL PATHSHALA: विशेषज्ञों ने सिखाए योग के गुर
शिविर में संस्कृत विश्वविद्यालय देवप्रयाग से आए मोहित सिंह ने छात्रों को ’10 अच्छी आदतों का विकास’ विषय पर महत्वपूर्ण जानकारी दी। वहीं, हठयोग आश्रम गुप्तकाशी (तालतोली) से आए शिवानंद गिरी जी ने छात्रों को सूर्य नमस्कार, आसन, प्राणायाम और ॐ के उच्चारण के साथ ध्यान का अभ्यास कराया। उन्होंने बताया कि कैसे योग के माध्यम से स्मरण शक्ति और एकाग्रता को कई गुना बढ़ाया जा सकता है, जो परीक्षा के समय छात्रों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा। इसके अलावा प्रशिक्षक दर्शन और अंकुश ने भी छात्रों को योगाभ्यास कराया। योग निद्रा के सत्र ने बच्चों को मानसिक शांति का अनुभव कराया।

HIMALAYA GURUKUL PATHSHALA: बालिकाओं के स्वास्थ्य और मानसिक सशक्तिकरण पर जोर
HIMALAYA GURUKUL PATHSHALA द्वारा आयोजित शिविर में बालिकाओं के लिए विशेष सत्र का आयोजन भी किया गया। योग प्रशिक्षिका अपेक्षा राणा ने छात्राओं को संबोधित करते हुए बताया कि योग किस प्रकार किशोरियों और बालिकाओं के स्वस्थ शरीर निर्माण में सहायक है। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास बालिकाओं को मानसिक रूप से सशक्त बनाता है और उनमें आत्मविश्वास भरता है। उन्होंने भी बालिकाओं को दिनचर्या में अच्छी आदतों को शामिल करने के टिप्स दिए।

HIMALAYA GURUKUL PATHSHALA
क्षेत्रवासियों ने की HIMALAYA GURUKUL PATHSHALA की सराहना
इस दो दिवसीय शिविर के पहले दिन अभिभावकों और स्थानीय बुद्धिजीवियों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। कार्यक्रम का सफल संचालन रामेश्वर डोभाल द्वारा किया गया। इस मौके पर शिक्षक और अभिभावक सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। तपोवन और ढाक क्षेत्र के निवासियों ने स्वामी मौनी बाबा और HIMALAYA GURUKUL PATHSHALA द्वारा किए जा रहे इस पुनीत कार्य की जमकर सराहना की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुदूर पर्वतीय क्षेत्र में छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए इस तरह के प्रयास मील का पत्थर साबित होंगे। रविवार, 4 जनवरी को भी यह शिविर इसी उत्साह के साथ जारी रहेगा।

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