HARIDWAR VAISAKHI SNAN 2026: हरिद्वार में आगामी 13, 14 और 15 अप्रैल को वैशाखी स्नान पर्व और सद्भावना सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इस समय हरिद्वार में भारी भीड़ जुटने का अनुमान है। भीड़ प्रबंधन को लेकर हरिद्वार पुलिस ने भी कमर कस ली है, इसके लिए पुलिस ने यातायात प्लान जारी कर दिया है। शहर में 12 अप्रैल रात 12 बजे से सद्भावना सम्मेलन/स्नान पर्व समाप्त होने तक हरिद्वार शहर क्षेत्र में सभी भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
HARIDWAR VAISAKHI SNAN 2026 के लिए हरिद्वार पुलिस की एडवाइजरी
• बैशाखी स्नान पर्व एवं सद्भावना सम्मेलन में यातायात का दबाव बढने पर भारी वाहनों को बॉर्डर पर ही रोक दिया जायेगा।
• बैशाखी स्नान पर्व एवं सद्भावना सम्मेलन में यातायात का दबाव बढ़ने पर नगलाइमरती से वाहनों को डायवर्जन कर बैरागी कैम्प पार्किंग/होर्डिंग एरिया में लाया जायेगा जहां से धीरे-धीरे करके वाहनों को छोड़ा जायेगा।
• चीला मार्ग को ऋषिकेश से केवल एक्जिट के लिए प्रयोग किया जायेगा।
• सामान्य यातायात के दबाव में गुरूकुल कांगड़ी सर्विस लेन से सिंहद्वार होते हुए शंकराचार्य चौक की ओर भेजा जायेगा जिससे वाहनों का प्रवेश शहर में धीमा होगा।
• टोल प्लाजा पर वाहन की एक्जिट का दबाव बढने पर एक्जिट के लिए नहरपटरी का प्रयोग किया जायेगा।
• यातायात का दबाव बढ़ने पर देहरादून, ऋषिकेश जाने वाली प्राईवेट बसों को मोहण्ड के रास्ते भेजा जायेगा।

HARIDWAR VAISAKHI SNAN 2026 एवं सद्भावना सम्मेलन के लिए हरिद्वार शहर का यातायात प्लानः-
HARIDWAR VAISAKHI SNAN 2026 के दौरान विभिन्न शहरों से आने वाले वाहनों के लिए पुलिस ने अलग-अलग रूट और पार्किंग स्थल निर्धारित किए हैं:
1. दिल्ली, मेरठ, मुजफ्फरनगर और पंजाब से आने वाले वाहन:
• सामान्य रूट: नारसन-मंगलौर-गुरूकुल कांगड़ी-शंकराचार्य चौक होते हुए हरिद्वार।
• पार्किंग: अलकनंदा, दीनदयाल, पंतद्वीप और चमगादड़ टापू।
• अत्यधिक भीड़ होने पर: वाहनों को नगला इमरती से लक्सर-फेरूपुर होते हुए बैरागी कैंप पार्किंग भेजा जाएगा।
2. देहरादून और ऋषिकेश से आने वाले वाहन:
• रूट: नेपाली फार्म-रायवाला-हरिद्वार।
• पार्किंग: लालजीवाला, पंतद्वीप और चमगादड़ टापू।
• नोट: यदि दबाव बढ़ा तो देहरादून जाने वाली निजी बसों को मोहंड के रास्ते भेजा जाएगा।
3. मुरादाबाद और नजीबाबाद से आने वाले वाहन:
• छोटे वाहन: चिड़ियापुर-श्यामपुर-चण्डीचौकी होते हुए हरिद्वार। पार्किंग- दीनदयाल और पंतद्वीप।
• बड़े वाहन: इन्हें गौरीशंकर और नीलधारा पार्किंग में पार्क किया जाएगा।

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अत्यधिक दबाव बढ़ने पर ऑटो/विक्रम डायवर्जन-
- HARIDWAR VAISAKHI SNAN 2026 एवं सद्दभावना सम्मेलन के दौरान ट्रैफिक का दबाव बढ़ जाने पर समयानुकूल देहरादून/ऋषिकेश/रायवाला की तरफ से आने वाले विक्रम/ऑटो रिक्शा को फोरलेन जयराम मोड़ तक ही आने दिया जायेगा। जयराम मोड़ से आगे नहीं जायेंगे। यहीं पर सवारी उतार कर वापस जायेंगे।
- बैशाखी स्नान पर्व एवं सद्भावना सम्मेलन के दौरान ट्रैफिक का दबाव बढ़ जाने पर पुल जटवाडा/ज्वालापुर से आने वाले विक्रम/ऑटो रिक्शा रानीपुर मोड, देवपुरा होते हुए बस स्टेशन/रेलवे स्टेशन शिवमूर्ति तिराहा से डायवर्जन यू-टर्न तुलसी चौक की ओर करते हुए कनखल की ओर तथा ज्वालापुर की तरफ जाने वाले विक्रम/ऑटो रिक्शा को मायापुर फायर सर्विस से देवपुरा चौक होते हुए रानीपुर मोड से बीएचईएल तथा ज्वालापुर जा सकेगें।
- HARIDWAR VAISAKHI SNAN 2026 एवं सद्भावना सम्मेलन के दौरान ट्रैफिक का दबाव बढ़ जाने पर बीएचईएल की तरफ से आने वाले विक्रम/ऑटो रिक्शा भगत सिंह चौक होते हुए टिबडी फाटक, पुराना रानीपुर मोड, देवपुरा होते हुए बस स्टेशन/रेलवे स्टेशन शिवमूर्ति तिराह से डायवर्जन यू-टर्न तुलसी चौक की ओर करते हुए कनखल की ओर तथा ज्वालापुर की तरफ जाने वाले विक्रम/ऑटो रिक्शा को मायापुर फायर सर्विस से देवपुरा चौक होते हुए रानीपुर मोड से बीएचईएल तथा ज्वालापुर जा सकेगे
जानिए HARIDWAR VAISAKHI SNAN 2026 के बारे में और बढ़ाइए
वैशाखी स्नान हर साल 13 और 14 अप्रैल को हर की पैड़ी, हरिद्वार में बड़े श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जो मेष संक्रांति के अवसर पर आता है। इस दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पवित्र गंगा में स्नान करते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसी दिन मां गंगा का पृथ्वी पर अवतरण हुआ था, इसलिए इस पावन स्नान को अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है।

ऐसा विश्वास है कि इस दिन गंगा में डुबकी लगाने से व्यक्ति को पुण्य की प्राप्ति होती है और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है। साथ ही, यह पर्व नई फसल और समृद्धि के आगमन का भी प्रतीक माना जाता है। वैशाखी स्नान के दौरान धार्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है, क्योंकि वैशाख मास की शुरुआत सूर्य के मेष राशि में प्रवेश के साथ होती है, जिसे शुभ माना जाता है। इस अवसर पर गंगा स्नान करने से पापों के क्षय की मान्यता प्रचलित है।
इस दिन हर की पैड़ी, भीमगौड़ा और कनखल जैसे प्रमुख घाटों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ती है। लोग पूरे श्रद्धा भाव से गंगा में स्नान कर पूजा-अर्चना करते हैं। इसके साथ ही हरिद्वार में इस अवसर पर विशाल मेला भी लगता है, जहां धार्मिक अनुष्ठानों के साथ दान-पुण्य की परंपरा निभाई जाती है।
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