श्री झंडे जी के आरोहण के साथ ही ऐतिहासिक झंडा मेला शुरू, उमड़े श्रद्धालु

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दो साल बाद कोरोना के साए में पहले की तरह नहीं थी मेले की रौनक
देश-विदेश से उमड़े श्रद्धालु और संगतें, महंत देवेंद्र दास की अगुवाई में लगवाया गया नया दर्शनी गिलाफ

देहरादून, ब्यूरो। आज धूमधाम से झंडा मेले की शुरूआत हो गई है। श्री झंडे जी का आरोहण होते ही देहरादून के ऐतिहासिक झंडे मेले का आगाज श्रीमहंत देवेंद्र दास की अगुवाई में हो गया है। देश-विदेश के साथ पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश आदि राज्यों से श्रद्धालु और संगतें देहरादून की हृदय स्थली दरबार साहिब पहुंचे हुए हैं। 90 फीट ऊंचे ध्वज दंड पर आज नया दर्शनी गिलाफ दरबार साहिब के महंत देवेंद्र दास की अगुवाई में लगवाया गया। कोरोना के कारण दो साल तक झंडा मेला या तो आधी अवधि में ही समाप्त कर दिया गया था या फिर काफी कम लोग यहां आए थे, लेकिन इस बार देश-विदेश से लेकर तमाम राज्यों से श्रद्धालुओं की भीड़ दून पहुंच चुकी है। वहीं, 24 मार्च को नगर परिक्रमा होनी है।

श्री झंडे जी के आरोहण के साथ ही ऐतिहासिक झंडा मेला शुरू, उमड़े श्रद्धालु

jhnda ji

आपको बता दें कि सुबह सात बजे से पुराने श्री झंडे जी को उतारने का कार्यक्रम शुरू हुआ। दूध, दही, घी, मक्खन, गंगाजल और पंचगव्यों से नए श्री झंडे जी को स्नान करवाया गया। विधि-विधान से पूजा अर्चना के बाद अरदास हुई। दस बजे से श्री झंडे जी पर गिलाफ चढ़ाने का काम शुरू किया गया। फिर श्री झंडे जी का विधिवत आरोहण किया गया। इसका एलईडी स्क्रीन के माध्यम से प्रसारण किया जा रहा है। ऐतिहासिक मेले के लिए 90 फीट ऊंचा ध्वजदंड कंधों पर उठाकर संगत पहुंची थी।

देहरादून के इतिहास को अपने में समेटे झंड़ा मेला करीब एक माह तक चलता रहेगा। यहां दूर-दूर से लोग खरीरददारी करने के साथ ही अपनी दुकान लगाने के लिए पहुंचते हैं। दो साल तक कोरोना के कारण झंडा मेला फीका ही रहा, लेकिन इस बार कोरोना कम होने के कारण लोग बेरोकटोक झंड़ा मेले के लिए पहुंच रहे हैं।