DHARALI ISRO SATELLITE PHOTO: धराली और हर्षिल क्षेत्रों में 5 अगस्त 2025 को आई भीषण बाढ़ की तस्वीर अब और स्पष्ट हो गई है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अपनी उच्च-रिज़ॉल्यूशन सैटेलाइट इमेज जारी की हैं, जिनमें बाढ़ से हुई तबाही का भयावह दृश्य साफ नजर आ रहा है। इन तस्वीरों में डूबी हुई इमारतें, फैला हुआ मलबा और भगीरथी नदी का बदला हुआ रास्ता दिखाई दे रहा है। ISRO के नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर (NRSC) ने Cartosat-2S सैटेलाइट से प्राप्त डेटा के आधार पर आपदा आकलन किया।

DHARALI ISRO SATELLITE PHOTO: आपदा प्रबंधन के लिए वरदान
रिपोर्ट के अनुसार, करीब 20 हेक्टेयर क्षेत्र में मलबा फैल चुका है और कई इमारतें पूरी तरह से जलमग्न या ढह गई हैं। खासतौर पर धराली गांव को नदी के बदले मार्ग से गंभीर नुकसान हुआ है, जहां घरों और बुनियादी ढांचे का बड़ा हिस्सा नष्ट हो गया है। इन तस्वीरों ने राहत एवं बचाव दलों को जमीनी हालात का सटीक आकलन करने और रणनीति बनाने में अहम मदद दी है।

राहत कार्यों में जुटी राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमों ने ISRO के डेटा की मदद से मलबे और जलमग्न क्षेत्रों तक तेजी से पहुंच बनाई, जिससे फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने में सफलता मिली। ISRO की तकनीकी सहायता एक बार फिर आपदा प्रबंधन के लिए वरदान साबित हुई है। इससे पहले भी, 2021 की चमोली ग्लेशियर आपदा और 2025 के म्यांमार भूकंप में सैटेलाइट डेटा से मिली जानकारी ने राहत कार्यों को दिशा दी थी।

धराली-हर्षिल में राहत और बचाव कार्य जारी, लोगों को सुरक्षित निकाला जा रहा
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