जनता दर्शन में 1000 से अधिक फरियादी पहुंचे, सारे मामले तहसील और थाना स्तर के

गोरखपुर, ब्यूरो। जनता दर्शन में भारी भीड़ देख यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ का पारा चढ़ गया और उन्होंने अफसरों को जमकर फटकार लगाने के साथ ही यह भी सवाल किया कि क्या स्थानीय स्तर के अफसर और कार्मिक लोगों के काम नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता दरबार में तहसील स्तर की समस्याएं देख सीएम योगी आदित्यनाथ ने तमाम सवाल अफसरों की कार्यशैली पर उठाए हैं। करीब 2 घंटे तक सीएम योगी ने हर फरियादी से मिलकर उसकी समस्या का समाधान किया। अधिकतर मामले तहसील एवं थाना स्तर के थे। जमीन से जुड़े विवाद, पुलिस द्वारा कार्रवाई न करने एवं घरेलू समस्याएं लेकर भी लोग जनता दर्शन कार्यक्रम में पहुंचे थे। इतनी बड़ी संख्या में लोगों के जनता दर्शन में आने को लेकर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से सवाल भी किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर समस्याओं का निस्तारण कर दिया जाये तो लोगों को यहां आने की जरूरत नहीं होगी।

बता दें कि सुबह से ही विभिन्न जिलों के लोग गोरखनाथ मंदिर पहुंचने लगे थे। मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी समस्या बताने के लिए उनमें उत्सुकता नजर आ रही थी। सुरक्षा व्यवस्था में लगे पुलिस के जवानों को लाइन लगवाकर जनता दर्शन हाल तक पहुंचाने में मशक्कत करनी पड़ी। पहले हिन्दू सेवाश्रम फिर यात्री निवास में लगी कुर्सियों पर लोगों को बैठाया गया। करीब 100 से अधिक लोग बाहर लाइन में रह गए। मुख्यमंत्री सुबह करीब सात बजे जनता दर्शन में पहुंचे। बाहर लाइन देखकर सीएम ने निर्देश दिया कि जगह होने पर सभी को अंदर बुलाएं।

दरअसल, आज सोमवार को मुख्यमंत्री के जनता दर्शन में पुराने सारे रिकार्ड टूट गए। सीएम योगी आदित्यनाथ के जनता दर्शन कार्यक्रम में 1000 ज्यादा फरियादी पहुंचे थे। उन्हें गोरखनाथ मंदिर के हिन्दू सेवाश्रम के साथ यात्री निवास में भी बैठाया गया था। जो बाहर लाइन में रह गए थे, उन्हें बाद में बुलाया गया। करीब दो घण्टे से अधिक समय तक मुख्यमंत्री ने एक-एक व्यक्ति तक पहुंचकर उनकी बात सुनी और अधिकारियों को निस्तारण का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों की समस्याओं का निस्तारण तहसील एवं थाना स्तर पर ही कर दिया जाये। निस्तारण समयबद्ध तरीके से पूरी गुणवत्ता के साथ होना चाहिए।