चार्जशीट तैयार, इस भ्रष्ट आईएफएस के खिलाफ अभियोग चलाएगी सरकार

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आय से अधिक सम्पत्ति मामले में विजिलेंस ने तैयार की चार्जशीट, केंद्र सरकार से ली जा रही अनुमति

देहरादून, ब्यूरो। दूसरी बार उत्तराखंड के सीएम बने पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार लगातार कई ऐसे निर्णय ले रही है जिससे भ्रष्ट अफसरों में खौफ कायम है। सूत्रों के अनुसार भ्रष्टाचार पर धामी सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। राज्य सरकार ने भ्रष्ट आईएफएस किशनचंद के खिलाफ अभियोग चलाने की दी अनुमति। केंद्र सरकार की अनुमति मिलनी अभी बाकी है। जानकारी के अनुसार आय से अधिक संपत्ति की जाँच कर चुकी है विजिलेंस। विजिलेंस ने तैयार की किशनचंद की चार्जशीट। अब चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर मुकदमा विजिलेंस चलाएगी।

वन विभाग ने ऐसे दो अफसरों को जबरन रिटायरमेंट देने के लिए भी फाइल तैयार की थी। इसमें एक नाम आईएफएस किशनचंद का ही है। किशनचंद ने कई ऐसे काले कारनामें किए हैं जो अक्सर चर्चाओं में भी रहे। आईएफएस किशनचंद की पत्नी जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुकी हैं। वह कांग्रेस के टिकट पर एक बार ज्वालापुर और भगवानपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव भी लड चुकी हैैं। वर्ष 2017 में टिकट न मिलने पर निर्दलीय चुनाव लड़ी थी। हालांकि अभी तक उन्हें जीत नहीं मिल सकी।

kishan chand

ये हैं विजिलेंस की चार्जशीट में आरोप…

आय से 375 गुना ज्यादा संपत्ति अर्जित की। विजिलेंस ने 33 करोड़ की संपत्ति का खुलासा किया। इस संपत्ति में किशनचंद की मात्र सात करोड़ की संपत्ति है। ज्यादातर संपत्ति परिजनों के नाम खरीदी। भोगपुर में बेटे के नाम से अभिषेक स्टोन क्रेशर लगाया। पिरानकलियर में पत्नी के नाम से ब्रज इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल बनाया। स्कूल के लिए पत्नी के नाम पर ट्रस्ट बनाया। अपने नाम संपत्ति खरीदने के लिए ट्रस्ट से लिया ऋण नहीं लौटाया। इस ट्रस्ट में लोगों से बड़ी धनराशि जमा कराई। डीएफओ रहते हुए लैंसडौन प्रभाग में लोगो को नौकरी देने की एवज में उनकी जमीने अपने नाम करा ली। देहरादून बसंत विहार में 2.40 करोड़ का मकान खरीदा। मकान के लिए 60 लाख का स्कूल के ट्रस्ट से ऋण लिया। पत्नी के खाते से 1.80 करोड़ लिए। इस पैसे को एक दिन पहले अलग अलग लोगों से जमा करवाया।