Big Breaking: रिश्वत लेते हुए इस अधिकारी को पुलिस ने रंगे हाथों धरदबोचा

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देहरादून ब्यूरो। विजलेंस विभाग ने बड़ी कार्यवाही करते हुए सिंचाई विभाग के समीक्षा अधिकारी को रंगे हाथ रिश्वत लेते हुए अरेस्ट किया। आरोपी कमलेश्वर प्रसाद थपलियाल को सचिवालय

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गेट के बाहर से गिरफ्तार किया गया। कमलेश्वर प्रसाद थपलियाल को 75 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा गया।

आपको बता दें कि 25 फरवरी को शिकायतकर्ता ने एक शिकायती प्रार्थना पत्र पुलिस अधीक्षक, सतर्कता सैक्टर देहरादून को इस आशय का दिया गया कि वह सिचाई विभाग उत्तराखण्ड के अन्तर्गत मनेरी भॉली परियोजना से कनिष्ठ अभियन्ता के पद से दिनांक 30 अप्रैल 2008 को सेवानिवृत्त हुये थे, शिकायतकर्ता को स्टोर से सम्बन्धित कुछ मदों मे सामान की कमी के चलते शिकायतकर्ता की ग्रेच्युटी से वर्ष 2013 मे कटौती की गयी। उपरोक्त कटौती के सन्दर्भ मे शिकायतकर्ता द्वारा मा0 न्यायालय ट्रिब्यूनल उत्तराखण्ड मे याचिका दाखिल की गयी, माननीय ट्रिब्यूनल न्यायालय द्वारा शिकायतकर्ता के पक्ष मे निर्णय दिया गया। इस निर्णय के विरूद्ध सिंचाई विभाग (उत्तराखण्ड शासन) द्वारा उच्च न्यायालय उत्तराखण्ड नैनीताल मे अपील योजित की गई, उच्च न्यायालय उत्तराखण्ड नैनीताल द्वारा भी शिकायतकर्ता के पक्ष निर्णय दिया गया तथा स्पष्ट किया की पीडित को देय धनराशि शीघ्र भुगतान की जाये।

मा0 उच्च न्यायालय के आदेश के क्रम मे दिनांक 22.02.2022 को उत्तराखण्ड शासन के सिंचाई विभाग के अनुभाग अधिकारी श्री अनिल पुरोहित द्वारा शिकायतकर्ता को फोन किया तथा अनुभाग अधिकारी श्री अनिल कुमार पुरोहित द्वारा शिकायतकर्ता को भुगतान किये जाने के सम्बन्ध मे कुछ स्पष्टीकरण जानने के लिए 24 फरवरी 2022 को सचिवालय मे बुलाया गया। शिकायतकर्ता अपने पुत्र कृष्ण चन्द्र अग्रवाल के साथ सिंचाई अनुभाग उत्तराखण्ड शासन मे गया, अनुभाग मे अनुभाग अधिकारी श्री अनिल पुरोहित व समीक्षा अधिकारी श्री के0पी0 थपलियाल मौजूद थे। जिन्होने हाई कोर्ट के आदेश के विरूद्ध सर्वोच्च न्यायालय मे एस0एल0पी0 दाखिल न करने तथा देय भुगतान कराने के लिए शिकायतकर्ता से 1,00,000/-रूपये उत्कोच धनराशि की मांग की गयी।

शिकायतकर्ता द्वारा उक्त धनराशि देने मे असमर्थता जताते हुये अनुग्रह के बाद पहले 75,000/- उत्कोच धनराशि लेने की बात तय की गयी। यह सारी बात मेरे पुत्र कृष्ण चन्द्र अग्रवाल के समक्ष हुई और 75,000/- लेकर 28 फरवरी 2022 को सांय सचिवालय गेट के बाहर बुलाया गया। अनुभाग अधिकारी श्री अनिल पुरोहित द्वारा समीक्षा अधिकारी श्री के0पी0 थपलियाल को रिश्वत के पैसे लेने हेतु सचिवालय गेट के बाहर भेजा गया। परन्तु शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता है, बल्कि ऐसे भ्रष्ट अधिकारी को रिश्वत लेते पकड़वाना चाहता है। जिसके बाद 25 फरवरी 2022 को शिकायतकर्ता महेश चंद्र अग्रवाल ने पत्र के माध्यम से विजिलेंस विभाग को शिकायत की और कल यानी 28 फरवरी की देर रात कमलेश्वर प्रसाद थपलियाल को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया गया और जिसके बाद आरोपी के ख़िलाफ़ सर्तकता सेक्टर में मुकदमा दर्ज कर दिया गया है।

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