ARMY DAY 2025: भारत में हर साल 15 जनवरी को थल सेना दिवस मनाया जाता है। यह दिन भारतीय सेना के जवानों के बलिदान और देश सेवा के प्रति समर्पण को याद करने के लिए समर्पित है। 15 जनवरी, 1949 को भारतीय सेना में एक ऐतिहासिक बदलाव हुआ जब अंतिम ब्रिटिश कमांडर-इन-चीफ जनरल फ्रांसिस बुचर के स्थान पर लेफ्टिनेंट जनरल के. एम. करियप्पा भारतीय सेना के पहले भारतीय कमांडर इन चीफ बने। बाद में उन्हें फील्ड मार्शल की उपाधि दी गई। इसी महत्वपूर्ण घटना की स्मृति में हर साल यह दिवस मनाया जाता है।

भारतीय सेना का इतिहास और क्षमता
भारतीय सेना की स्थापना ब्रिटिश इंडिया की सरकार ने 1 अप्रैल 1895 को की थी। वर्तमान में, भारतीय सेना दुनिया की सबसे बड़ी और ताकतवर सेनाओं में से एक मानी जाती है। एक रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय सशस्त्र बलों में सक्रिय सैनिकों की कुल संख्या 14,55,550 है, जबकि 11,55,000 रिजर्व सैनिकों की संख्या है। सेना के पास अत्याधुनिक हथियार और उपकरण हैं, जिनमें 4205 टैंक, 1,48,594 बख्तरबंद वाहन, 3975 टो आर्टिलरी और 264 रॉकेट लॉन्चर शामिल हैं।

ARMY DAY 2025 का कार्यक्रम पुणे में हो रहा
इस साल का थल सेना दिवस समारोह पुणे में आयोजित किया जा रहा है, जो कि दिल्ली के बाहर आयोजित होने वाला तीसरा समारोह है। समारोह में थल सेना की छह टुकड़ियाँ परेड में भाग ले रही हैं। परेड के दौरान विभिन्न रेजिमेंट अपनी ताकत का प्रदर्शन करेंगी, और नेपाल की सेना का बैंड भी इस मौके पर भाग लेगा। इस कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए हैं।

इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय सेना के जवानों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को शुभकामनाएँ दीं। प्रधानमंत्री मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में भारतीय सेना के साहस और बलिदान को सलाम करते हुए कहा कि केंद्र सरकार सशस्त्र बलों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। सेना दिवस भारतीय जवानों की वीरता और देशभक्ति का उत्सव है, जो देश की सुरक्षा और अखंडता के लिए समर्पित रहते हैं।
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