“अग्निपथ योजना युवाओं के साथ धोखा, अंधेरे में तीर मार रही मोदी सरकार; युवाओं में आक्रोश”

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“अग्निपथ योजना युवाओं के साथ धोखा, अंधेरे में तीर मार रही मोदी सरकार; युवाओं में आक्रोश”

पौड़ी गढ़वाल (कुलदीप बिष्ट): अग्निपथ योजना का पूरे देश के साथ उत्तराखंड में भी जमकर विरोध हो रहा है। जगह-जगह हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं। युवा सड़क पर उतरकर केंद्र सरकार की इस योजना के विरोध में प्रदर्शन के साथ ही जगह-जगह टेªनें तक फूंक चुके हैं। वहीं, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी केंद्र सरकार की संविदा पर सैनिकों की भर्ती योजना पर सवाल उठाये हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रावत ने अग्निपथ योजना को युवाओं के साथ धोखा बताया है। पौड़ी में पत्रकारवार्ता करते हुए पूर्व सीएम रावत ने कहा कि केंद्र सरकार एक बार फिर अंधेरे में तीर मारने का काम कर रही है। वहीं, पूरे देश मे इस योजना को लेकर युवाओं में आक्रोश देखने को मिल रहा है। कई युवा ऐसे हैं जो इस योजना के तहत सेना भर्ती के लिए आवेदन भी नहीं कर सकते हैं। दो साल से सेना की सीधी भर्ती भी नहीं हुई है।

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“अग्निपथ योजना युवाओं के साथ धोखा, अंधेरे में तीर मार रही मोदी सरकार; युवाओं में आक्रोश”

दरअसल, केंद्र सरकार ने तीन दिन पहले ही इस योजना की शुरूआत की है। इस योजना के तहत चार साल तक युवाओं को सेना में अच्छे वेतन के साथ तैनात किया जाएगा। इसके बाद रिटायरमेंट पर अच्छा पैसा दिया जाएगा साथ ही अन्य पैरा मिलिट्री और प्रदेश स्तरीय पुलिस भर्ती में रियासत दी जाएगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के ऐलान के एक दिन बाद से ही हिंसक प्रदर्शन लगातार हो रहे हैं। उत्तराखंड के हल्द्वानी में भी युवओं ने जाम लगाकर जमकर प्रदर्शन शुरू कर दिया है। इसके अलावा देहरादून में एक दिन पहले जगह-जगह प्रदर्शन कर युवाओं ने अग्निपथ योजना का विरोध किया है।

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वहीं, दूसरी ओर कांग्रेस भी इस मुद्दे को लेकर लगातार मुखर हो रही है। गढ़वाल मंडल मुख्यालय पौड़ी के सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि केंद्र सरकार एक बार फिर से देश के युवाओं के साथ छल करने जा रही है। कहा कि चार साल के बाद इस योजना से चयनित युवाओं का क्या होगा इसका कहीं कोई जिक्र नहीं है । कहा कि भारतीय सेनाओं के हर रेजीमेंट का अपना इतिहास है। कहा कि रेजीमेंट सभी देशवासियों की शान है। लेकिन संविदा की योजना युवाओं पर कुठाराघात के सिवा कुछ नहीं है।