/ Feb 20, 2026
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AI SUMMIT PROTEST: दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में चल रहे ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ के दौरान शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) के कार्यकर्ताओं ने अचानक विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। कार्यकर्ताओं ने समिट के हॉल नंबर 5 में घुसकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने अपनी शर्ट उतारकर (शर्टलेस होकर) विरोध दर्ज कराया और ‘पीएम इज कॉम्प्रोमाइज्ड’ लिखे स्लोगन वाली टी-शर्ट्स लहराईं।
पुलिस जांच में सामने आया है कि प्रदर्शनकारियों ने बहुत ही योजनाबद्ध तरीके से इस घटना को अंजाम दिया। इन कार्यकर्ताओं ने समिट के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया था और क्यूआर कोड वाले एंट्री पास के जरिए हॉल में प्रवेश किया। सुरक्षा जांच से बचने के लिए उन्होंने नारों वाली टी-शर्ट के ऊपर जैकेट और स्वेटर पहने हुए थे। दोपहर करीब 12:30 बजे जैसे ही वे हॉल नंबर 5 के पास पहुँचे, उन्होंने अपने ऊपरी वस्त्र उतार दिए और नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों के हाथों में जो टी-शर्ट थीं, उन पर प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीरें छपी थीं।

हंगामे की सूचना मिलते ही सुरक्षा कर्मियों और दिल्ली पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप किया। पुलिस ने करीब 10 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और उन्हें तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन ले जाया गया। हिरासत में लिए गए प्रमुख व्यक्तियों में यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव कृष्णा हरी, राष्ट्रीय समन्वयक नरसिम्हा यादव, कुंदन यादव और अजय कुमार शामिल हैं। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त देवेश कुमार महला ने बताया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है और अन्य शामिल लोगों की पहचान के लिए फेशियल रिकग्निशन टेक्नोलॉजी (FRT) का सहारा लिया जा रहा है।

इस घटना के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। भाजपा सांसद संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि यह प्रदर्शन अचानक नहीं हुआ, बल्कि इसकी योजना राहुल गांधी के आवास पर बनाई गई थी। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की छवि धूमिल करने का एक ‘प्रयोग’ करार दिया। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और किरेन रिजिजू ने भी कांग्रेस की आलोचना करते हुए इसे ‘राष्ट्र विरोधी विचारधारा’ और ‘राष्ट्रीय शर्म’ बताया। भाजपा नेताओं का कहना है कि कांग्रेस के लिए ‘AI’ का मतलब ‘एंटी-इंडिया’ है।
दूसरी ओर, इंडियन यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने प्रदर्शन का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन देश के बेरोजगार युवाओं का गुस्सा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील से किसानों और राष्ट्रीय हितों को नुकसान पहुँच रहा है। यूथ कांग्रेस ने इसे शांतिपूर्ण विरोध का लोकतांत्रिक अधिकार बताते हुए कहा कि उनके कार्यकर्ता ‘राहुल गांधी के सिपाही’ हैं और वे डरने वाले नहीं हैं। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी इस प्रदर्शन की निंदा करते हुए इसे करोड़ों देशवासियों के स्वाभिमान को चुनौती देने वाला कृत्य बताया।

AI SUMMIT PROTEST की इस छोटी घटना के बावजूद, इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के कार्यक्रम बिना किसी बाधा के जारी रहे। सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा की गई है और परिसर में निगरानी बढ़ा दी गई है। यह समिट, जो 16 फरवरी को शुरू हुआ था, भारी भीड़ और वैश्विक रुचि को देखते हुए अब 21 फरवरी तक बढ़ा दिया गया है। दुनिया भर की तकनीक कंपनियां यहाँ अपने आधुनिक एआई समाधानों का प्रदर्शन कर रही हैं।

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