Google AI Overviews को लेकर पिछले कुछ महीनों से हर ब्लॉगर और डिजिटल मार्केटर के मन में एक ही सवाल है, क्या SEO का पुराना खेल अब खत्म हो रहा है? गूगल के सर्च रिजल्ट्स में अब टॉप पर AI द्वारा जनरेट किया गया जवाब दिख जाता है, जिससे यूजर को वेबसाइट पर क्लिक करने की जरूरत ही नहीं पड़ती। आइए समझते हैं कि Google AI Overviews असल में SEO पर कितना और कैसे असर डाल रहे हैं।
Google AI Overviews है क्या?
Google AI Overviews गूगल के सर्च रिजल्ट पेज पर सबसे ऊपर दिखने वाला एक AI-जनरेटेड सारांश है, जो कई वेबसाइटों की जानकारी को मिलाकर यूजर के सवाल का सीधा जवाब दे देता है। यह गूगल के Search Generative Experience (SGE) का ही अगला विकसित रूप है।
पहले यूजर को जवाब पाने के लिए किसी वेबसाइट पर क्लिक करना पड़ता था, लेकिन अब Google AI Overviews की वजह से जवाब सीधे सर्च पेज पर ही मिल जाता है।
असली आंकड़े क्या कहते हैं?
Google AI Overviews अब भारत में करीब 47 प्रतिशत इंफॉर्मेशनल सर्च क्वेरीज़ पर दिखने लगे हैं। इसका सीधा असर यह हुआ है कि रैंकिंग पहले जैसी बने रहने के बावजूद, कई वेबसाइटों का ऑर्गेनिक ट्रैफिक 25 से 40 प्रतिशत तक गिर चुका है।
इसके अलावा ChatGPT जैसे AI टूल्स का इस्तेमाल भी भारत में तेजी से बढ़ रहा है, जो हर तिमाही करीब 31 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है, जबकि Perplexity जैसे AI सर्च इंजन पर भारत से रोजाना करीब 1.8 करोड़ क्वेरीज़ आ रही हैं।
किस तरह का कंटेंट सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ?
Google AI Overviews का सबसे ज्यादा असर उन “What is” यानी बुनियादी जानकारी देने वाले आर्टिकल्स पर पड़ा है। अगर आपकी वेबसाइट पर सिर्फ सामान्य परिभाषा वाला कंटेंट है, तो अब उस पर क्लिक मिलना पहले से काफी मुश्किल हो गया है।
इसके उलट, “vs”, “alternative”, “for [इंडस्ट्री]”, “near me”, “pricing” और “reviews” जैसे मिड-फनल और बॉटम-फनल कीवर्ड्स पर अभी भी अच्छा ट्रैफिक मिल रहा है, क्योंकि AI इन जटिल तुलनात्मक सवालों का पूरी तरह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाता।
क्या SEO खत्म हो रहा है?
Google AI Overviews के बावजूद, SEO पूरी तरह खत्म नहीं हो रहा, बल्कि इसका स्वरूप बदल रहा है। अब असली सवाल यह नहीं है कि “ज्यादा कीवर्ड्स के लिए कैसे रैंक करें”, बल्कि यह है कि “AI सिस्टम्स आपकी वेबसाइट को इतना भरोसेमंद कैसे मानें कि वे आपको जवाब में कोट करें।”
विशेषज्ञों का मानना है कि जो ब्रांड्स असली एक्सपर्टीज दिखाते हैं, ऑथर की पहचान साफ रखते हैं, और स्ट्रक्चर्ड डेटा का सही इस्तेमाल करते हैं, उन्हें Google AI Overviews में कोट होने का बेहतर मौका मिलता है।
Google AI Overviews के दौर में क्या रणनीति अपनाएं?
Google AI Overviews के असर से बचने के लिए एक्सपर्ट्स कुछ खास रणनीतियां सुझाते हैं। पहला, हर पेज पर FAQ सेक्शन और स्ट्रक्चर्ड डेटा (schema markup) जरूर लगाएं, ताकि AI सिस्टम आपकी जानकारी को आसानी से समझ और कोट कर सके।
दूसरा, सिर्फ “What is” जैसे बेसिक टॉपिक्स की जगह डीप कंपैरिजन, रिव्यू और इंडस्ट्री-स्पेसिफिक कंटेंट पर फोकस करें। तीसरा, ब्रांडेड सर्च यानी लोग सीधे आपके ब्रांड नाम से सर्च करें, इसे बढ़ाने पर काम करें, क्योंकि यह भरोसे का एक बड़ा संकेत माना जाता है।
AI टूल्स खुद भी बन सकते हैं सहारा
दिलचस्प बात यह है कि जहां Google AI Overviews कंटेंट क्रिएटर्स के लिए चुनौती बन रहे हैं, वहीं सही AI टूल्स का इस्तेमाल करके बेहतर, ज्यादा स्ट्रक्चर्ड कंटेंट बनाना भी अब पहले से आसान हो गया है। इसके साथ ही सही प्रॉम्प्ट लिखने की तकनीक सीखकर कंटेंट क्रिएटर्स अपने काम को और बेहतर बना सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. Google AI Overviews क्या है?
यह गूगल सर्च रिजल्ट में सबसे ऊपर दिखने वाला एक AI-जनरेटेड सारांश है, जो कई स्रोतों की जानकारी मिलाकर सीधा जवाब देता है।
2. क्या Google AI Overviews से वेबसाइट ट्रैफिक कम हो रहा है?
हां, खासकर बेसिक इंफॉर्मेशनल कंटेंट पर ट्रैफिक 25-40 प्रतिशत तक गिरा है, भले ही रैंकिंग पहले जैसी बनी रहे।
3. क्या इसका मतलब SEO अब बेकार हो गया है?
नहीं, SEO खत्म नहीं हो रहा बल्कि बदल रहा है, अब फोकस भरोसे, एक्सपर्टीज और AI-फ्रेंडली स्ट्रक्चर्ड कंटेंट पर शिफ्ट हो गया है।
4. किस तरह का कंटेंट अभी भी अच्छा ट्रैफिक ला रहा है?
तुलनात्मक (vs), रिव्यू, प्राइसिंग और इंडस्ट्री-स्पेसिफिक कंटेंट अभी भी अच्छा परफॉर्म कर रहा है।
उपरोक्त जानकारी गूगल और विभिन्न वेबसाइट/समाचार माध्यमों से ली गई है। सटीकता की गारंटी नहीं है।
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