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देहरादून में तीन तलाक का मामला, पीड़िता की तहरीर पर पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज

DEHRADUN TRIPLE TALAQ: देहरादून के पटेलनगर इलाके से दहेज उत्पीड़न और तीन तलाक का एक गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही पति ने पत्नी पर मायके से अतिरिक्त पैसे लाने का दबाव बनाना शुरू कर दिया।

जब महिला ने इसका विरोध किया तो उसके साथ मारपीट की गई और बाद में उसे तीन तलाक देकर घर से निकाल दिया गया। पीड़िता की शिकायत के बाद पटेलनगर पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

DEHRADUN TRIPLE TALAQ का पूरा मामला

पुलिस को दी गई DEHRADUN TRIPLE TALAQ की शिकायत के अनुसार मामला पटेलनगर क्षेत्र की पंजाबी कॉलोनी का है। यहां रहने वाली कौसर का निकाह 26 जनवरी 2026 को मुस्लिम रीति-रिवाज के तहत आलसफ नाम के युवक से हुआ था।

महिला का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही पति का व्यवहार बदलने लगा। वह शराब पीकर घर आता था और छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा करता था। आरोप है कि वह लगातार पत्नी पर मायके से नकद पैसे लाने का दबाव भी बना रहा था।

DEHRADUN TRIPLE TALAQ
DEHRADUN TRIPLE TALAQ

तीन तलाक देने की धमकी

DEHRADUN TRIPLE TALAQ मामले में पीड़िता ने अपनी तहरीर में बताया कि जब वह पति की मांग पूरी नहीं कर पाई तो उसे बार-बार तीन तलाक देने की धमकी दी जाने लगी। महिला का कहना है कि उसने अपने रिश्ते और सामाजिक सम्मान को बचाने के लिए लंबे समय तक सब कुछ सहन किया, लेकिन हालात लगातार बिगड़ते चले गए।

महिला के मुताबिक, 18 मई 2026 को पति ने गुस्से में आकर उसे तीन तलाक दे दिया और कहा कि अब दोनों के बीच कोई वैवाहिक संबंध नहीं रहा। आरोप है कि इसके बाद उसे घर में रखने से भी साफ इनकार कर दिया गया और घर से बाहर निकाल दिया गया। पीड़िता का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई वर्तमान कानून और मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ है।

पति और उसके कुछ साथियों से खतरा

घर छोड़ने के बाद महिला ने पुलिस से मदद मांगी। उसने आरोप लगाया कि उसे अपने पति और उसके कुछ साथियों से खतरा महसूस हो रहा है। पीड़िता ने पुलिस से सुरक्षा देने और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

कोतवाली पटेलनगर प्रभारी विनोद गुसाई ने बताया कि DEHRADUN TRIPLE TALAQ मामले में महिला की शिकायत के आधार पर आरोपी पति के खिलाफ दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4, मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

DEHRADUN TRIPLE TALAQ
DEHRADUN TRIPLE TALAQ

तीन तलाक, जिसे तलाक-ए-बिद्दत भी कहा जाता है, इस्लाम में तलाक देने की एक पुरानी प्रथा मानी जाती थी। इस तरीके में पति अपनी पत्नी को एक साथ तीन बार “तलाक” बोलकर शादी खत्म करने की घोषणा कर देता था। इस प्रक्रिया में विवाह को तुरंत समाप्त मान लिया जाता था और इसके लिए किसी लंबी कानूनी प्रक्रिया या इंतजार की जरूरत नहीं होती थी।

साल 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसले में तीन तलाक को असंवैधानिक करार दिया। यह फैसला शायरा बानो बनाम यूनियन ऑफ इंडिया मामले में सुनाया गया था। अदालत ने कहा कि एक साथ तीन तलाक देना संविधान के मूल अधिकारों के खिलाफ है और इसे वैध नहीं माना जा सकता।

डिस्क्लेमर: ऊपर लिखी DEHRADUN TRIPLE TALAQ से जुड़ी खबर विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, गूगल सर्च, अलग-अलग वेबसाइट्स तथा मीडिया/न्यूज़ रिपोर्ट्स के आधार पर संकलित की गई है। जानकारी को अधिकतम सावधानी के साथ प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है, हालांकि समय-समय पर आंकड़ों और रिपोर्ट्स में बदलाव संभव है। किसी भी आधिकारिक निर्णय या निष्कर्ष के लिए संबंधित सरकारी संस्थानों और आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि अवश्य करें।

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Abhishek Semwal is Postgraduate in Mass Communication with over three years of experience across digital and print media. Covering a wide range of subjects, with a strong focus on local and regional issues, delivering clear, insightful and engaging content.
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