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उत्तराखण्ड में जनगणना का पहला चरण खत्म, भवनों की संख्या में भारी इजाफा

UTTARAKHAND CENSUS: उत्तराखण्ड में जनगणना 2027 के पहले चरण के तहत मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का बड़ा काम तय समय सीमा के भीतर सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। 25 अप्रैल 2026 से शुरू हुआ यह अभियान 24 मई 2026 की रात समाप्त हुआ।

सर्वे में राज्य की आबादी, भवनों और परिवारों की संख्या में बड़ा इजाफा सामने आया है। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक प्रदेश में अब आवासीय और गैर-आवासीय भवनों की संख्या बढ़कर लगभग 45 लाख तक पहुंच गई है। पिछली 2011 की जनगणना में यह आंकड़ा 33.18 लाख था। यानी इस बार भवनों की संख्या में करीब 36 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

UTTARAKHAND CENSUS के पहले चरण के आंकड़ें 

सिर्फ भवन ही नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड की आबादी में भी उल्लेखनीय वृद्धि का अनुमान लगाया गया है। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार राज्य की जनसंख्या अब 1.27 करोड़ से ज्यादा पहुंच चुकी है, जबकि 2011 में यह करीब 1.008 करोड़ थी। इस तरह बीते 15 वर्षों में प्रदेश की आबादी में 26 लाख से अधिक लोगों की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

परिवारों की संख्या में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला है। 2011 में जहां राज्य में लगभग 20.12 लाख परिवार थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर करीब 28.03 लाख से 28.3 लाख के बीच आंकी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि एकल परिवारों का बढ़ता चलन भी इस बढ़ोतरी की एक बड़ी वजह माना जा रहा है।

हालांकि विभाग ने यह भी साफ किया है कि UTTARAKHAND CENSUS के पहले चरण से सामने आए ये सभी आंकड़े अभी प्रारंभिक और अनुमानित हैं। अंतिम और आधिकारिक आंकड़े बाद में केंद्र सरकार द्वारा जारी किए जाएंगे।

UTTARAKHAND CENSUS
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बड़े स्तर पर तकनीकी और प्रशासनिक तैयारियां

UTTARAKHAND CENSUS को सफल बनाने के लिए जनगणना निदेशालय की ओर से बड़े स्तर पर तकनीकी और प्रशासनिक तैयारियां की गई थीं। पूरे उत्तराखण्ड को 29,665 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स यानी एचएलबी में बांटा गया था।

इनमें से 24,625 ब्लॉक्स ग्रामीण इलाकों में और 5,040 ब्लॉक्स शहरी क्षेत्रों और नगर निगमों में बनाए गए थे। सभी ब्लॉक्स को डिजिटल तरीके से HLBC पोर्टल पर मैप किया गया था ताकि डेटा संग्रहण में पारदर्शिता और सटीकता बनी रहे।

राज्यभर में इस अभियान को पूरा करने के लिए 27 हजार से ज्यादा कर्मचारियों और अधिकारियों की तैनाती की गई थी। इनमें 20,859 प्रगणक और 3,670 पर्यवेक्षक शामिल रहे। इन टीमों ने दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों और खराब मौसम जैसी चुनौतियों के बीच घर-घर पहुंचकर भवनों और परिवारों का विवरण तैयार किया।

जनगणना कार्य एवं नागरिक पंजीकरण उत्तराखण्ड की निदेशक इवा आशीष श्रीवास्तव ने कहा कि सभी प्रगणकों, पर्यवेक्षकों और जिला प्रशासन के सहयोग से यह बड़ा काम समय पर पूरा हो सका। उन्होंने कहा कि इतने कम समय में 1.27 करोड़ आबादी और 45 लाख भवनों का सर्वे पूरा करना प्रशासनिक स्तर पर एक बड़ी उपलब्धि है।

सभी 13 जिलों में यह कार्य शत-प्रतिशत पूरा

UTTARAKHAND CENSUS के पहले चरण के तहत राज्य के सभी 13 जिलों में यह कार्य शत-प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। पौड़ी गढ़वाल में सबसे ज्यादा 3,501 एचएलबी बनाए गए थे। इसके अलावा हरिद्वार में 3,077 और उधम सिंह नगर में 2,643 एचएलबी के तहत गणना का काम पूरा हुआ।

अल्मोड़ा में 2,429, टिहरी गढ़वाल में 2,185, देहरादून में 1,981, पिथौरागढ़ में 1,846 और नैनीताल में 1,775 एचएलबी के जरिए सर्वे कराया गया। वहीं चमोली में 1,469, बागेश्वर में 1,069, उत्तरकाशी में 950, चम्पावत में 904 और रुद्रप्रयाग में 793 एचएलबी के तहत मकानों की गणना पूरी हुई।

शहरी क्षेत्रों में भी सभी 11 नगर निगमों में यह अभियान पूरी तरह संपन्न हो गया। देहरादून नगर निगम में सबसे ज्यादा 1,957 एचएलबी बनाए गए थे। इसके अलावा हल्द्वानी में 678, रुद्रपुर में 577 और हरिद्वार नगर निगम में 446 एचएलबी के जरिए डेटा संग्रह किया गया।

रुड़की में 350, काशीपुर में 317, कोटद्वार में 244 और ऋषिकेश में 181 एचएलबी के तहत काम पूरा हुआ। वहीं पिथौरागढ़ नगर निगम में 143, अल्मोड़ा में 89 और श्रीनगर नगर निगम में 58 एचएलबी बनाए गए थे।

UTTARAKHAND CENSUS
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निदेशालय अगले चरण की तैयारियों में जुटा

अब पहले चरण का काम पूरा होने के बाद जनगणना निदेशालय UTTARAKHAND CENSUS के अगले चरण की तैयारियों में जुट गया है। राज्य के चार ऊंचाई वाले बर्फबारी प्रभावित स्नोबाउंड जिलों में विशेष योजना के तहत समय से पहले व्यक्तिगत गणना कराई जाएगी।

प्रस्तावित कार्यक्रम के मुताबिक इन दुर्गम क्षेत्रों में 1 सितंबर से 30 सितंबर 2026 के बीच व्यक्तिगत जनगणना कराई जा सकती है। हालांकि इसकी अंतिम अधिसूचना भारत सरकार की ओर से जारी की जाएगी।

इसके बाद UTTARAKHAND CENSUS के दूसरे चरण में 9 फरवरी से 28 फरवरी 2027 के बीच पूरे उत्तराखण्ड सहित देशभर में व्यक्तिगत जनगणना यानी पॉपुलेशन एन्यूमरेशन का कार्य किया जाएगा। इसी चरण के बाद देश और राज्य की वास्तविक तथा आधिकारिक जनसंख्या के आंकड़े सामने आएंगे।

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Abhishek Semwal is Postgraduate in Mass Communication with over three years of experience across digital and print media. Covering a wide range of subjects, with a strong focus on local and regional issues, delivering clear, insightful and engaging content.
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