महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा राजनीतिक विवाद सामने आया है। भारतीय जनता पार्टी के नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री NITESH RANE ने ऐसा बयान दिया है, जिसने सियासी माहौल को पूरी तरह गरमा दिया है। अपने तीखे बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहने वाले नितेश राणे ने इस बार सीधे तौर पर AIMIM और उसके प्रमुख ASADUDDIN OWAISI पर निशाना साधा है।
मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने असदुद्दीन ओवैसी की तुलना वैश्विक आतंकी संगठन अलकायदा के सरगना रहे OSAMA BIN LADEN से कर दी। उनके इस बयान के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है और विभिन्न दलों के बीच बयानबाजी का दौर भी शुरू हो गया है।
AIMIM को बताया ‘आतंकवादी संगठन’
NITESH RANE ने मीडिया से बातचीत करते हुए AIMIM को सीधे तौर पर एक “आतंकवादी संगठन” बताया। उन्होंने कहा कि एआईएमआईएम और उसके प्रमुख ASADUDDIN OWAISI की कार्यशैली में उन्हें वही सोच दिखाई देती है, जो कभी ओसामा बिन लादेन और उसके संगठन में देखने को मिलती थी।

राणे ने दावा किया कि जिस प्रकार अलकायदा अपने एजेंडे को आगे बढ़ाता था, उसी तरह ओवैसी भी अपनी राजनीति के जरिए वैचारिक एजेंडा चला रहे हैं। उनके मुताबिक दोनों के काम करने के तरीके में कोई बुनियादी अंतर नहीं है।
चुनाव जीतने के बाद किए गए कामों पर भी उठाए सवाल
NITESH RANE ने असदुद्दीन ओवैसी के राजनीतिक करियर और उनके सार्वजनिक कामकाज को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने के बाद ओवैसी ने ऐसा कौन-सा बड़ा विकास कार्य किया है, जिसे जनता याद रख सके।
राणे ने आरोप लगाया कि ओवैसी केवल धार्मिक कट्टरता और जिहादी सोच को बढ़ावा देने की राजनीति करते हैं। उन्होंने दावा किया कि ओवैसी की राजनीति का केंद्र केवल जिहाद की भाषा और उसी तरह की विचारधारा है। राणे ने यहां तक कहा कि ओवैसी के घोषणापत्र और सार्वजनिक बयानों में भी उन्हें केवल वही मानसिकता दिखाई देती है।
पीएफआई और अलकायदा की तरह बैन लगाने की मांग
अपने बयान के दौरान नितेश राणे ने AIMIM पर प्रतिबंध लगाने की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार केंद्र सरकार ने POPULAR FRONT OF INDIA जैसे संगठनों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें बैन किया था और जिस तरह अलकायदा जैसे आतंकी संगठनों पर प्रतिबंध लगाया गया है, उसी प्रकार AIMIM पर भी कार्रवाई की जानी चाहिए।
कौन है NITESH RANE?
NITESH RANE महाराष्ट्र की राजनीति का एक चर्चित चेहरा हैं और वर्तमान में BJP से विधायक तथा महाराष्ट्र सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्य कर रहे हैं। वे सिंधुदुर्ग जिले की कणकवली विधानसभा सीट के विधायक हैं। अपनी आक्रामक राजनीतिक शैली और तीखे बयानों के कारण वे अक्सर राजनीतिक चर्चाओं में बने रहते हैं।
NITESH RANE का जन्म 23 जून 1982 को मुंबई में हुआ था। वे महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री NARAYAN RANE के छोटे बेटे हैं। उनकी माता का नाम नीलम राणे है। उनके बड़े भाई NILESH RANE भी राजनीति में सक्रिय रहे हैं।
शिक्षा की बात करें तो उन्होंने शुरुआती पढ़ाई अमेरिका के कनेक्टिकट स्थित सैलिसबरी स्कूल से की, जहां से उन्होंने 1998 में एसएससी पास किया। इसके बाद पुणे से एचएससी की पढ़ाई पूरी की। आगे चलकर उन्होंने लंदन से एमबीए की डिग्री हासिल की।

NITESH RANE का राजनीतिक सफर
राजनीति में सक्रिय होने से पहले नितेश राणे ने “स्वाभिमान संघटना” नामक एक संगठन की शुरुआत की, जिसके जरिए उन्होंने सामाजिक और क्षेत्रीय मुद्दों पर काम करना शुरू किया। बाद में यही संगठन उनकी राजनीतिक पहचान का आधार बना।
उन्होंने 2014 में पहली बार कणकवली विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और विधायक बने। उस समय वे कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीते थे। इसके बाद 2019 में भी उन्होंने अपनी सीट बरकरार रखी। इसी दौरान उनके पिता नारायण राणे के साथ उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया।
2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भी नितेश राणे ने कणकवली सीट से जीत हासिल की। इसके बाद 15 दिसंबर 2024 को DEVENDRA FADNAVIS के नेतृत्व वाली महायुति सरकार में उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया।
डिस्क्लेमर: ऊपर दी गई NITESH RANE से जुड़ी जानकारी सोशल मीडिया, गूगल और विभिन्न वेबसाइट्स/न्यूज़ मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है।
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