उत्तराखंड में CHARDHAM YATRA 2026 पूरी आस्था, श्रद्धा और उत्साह के अपनी गति पकड़ने लग गई है। देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंच रहे हैं और बाबा केदार, बदरी विशाल, मां गंगा और मां यमुना के दर्शन कर रहे हैं। यात्रा के 11वें दिन यानी 28 अप्रैल 2026 तक चारों धामों में कुल 4 लाख 7 हजार 961 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।
इस बार भी सबसे अधिक भीड़ केदारनाथ धाम में देखने को मिली, जहां अब तक 2 लाख 7 हजार 452 श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। वहीं बदरीनाथ धाम में 84 हजार 942, गंगोत्री धाम में 57 हजार 863 और यमुनोत्री धाम में 57 हजार 704 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं। लगातार बढ़ती संख्या यह दिखा रही है कि इस वर्ष CHARDHAM YATRA 2026 को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह बना हुआ है।
CHARDHAM YATRA 2026 के आंकड़े
- 28 अप्रैल को अकेले केदारनाथ धाम में 21 हजार 134 श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। इनमें 13 हजार 422 पुरुष, 7 हजार 640 महिलाएं और 72 बच्चे शामिल रहे।
- बदरीनाथ धाम में इसी दिन 15 हजार 898 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए, जिनमें 9 हजार 050 पुरुष, 6 हजार 014 महिलाएं और 834 बच्चे शामिल थे।
- गंगोत्री धाम में 7 हजार 110 और यमुनोत्री धाम में 6 हजार 812 श्रद्धालु पहुंचे।
- गंगोत्री और यमुनोत्री दोनों धामों को मिलाकर अब तक 1 लाख 15 हजार 567 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।
केदारनाथ यात्रा
केदारनाथ मंदिर से केवल 50 कदम की दूरी पर कुछ युवकों ने जन्मदिन मनाने के दौरान हैवी पटाखे और स्काई शॉट जलाकर हंगामा खड़ा कर दिया। धाम की पवित्रता और सुरक्षा को देखते हुए सेना और प्रशासन ने यहां पटाखे जलाने पर सख्त प्रतिबंध लगाया हुआ है।

इसके बावजूद नियमों का उल्लंघन किया गया। इस मामले में धाम की पवित्रता भंग करने के आरोप में इंस्टाग्राम यूजर ‘SUMIT_KE_BLOG’ के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। प्रशासन ने साफ किया है कि धार्मिक स्थलों की गरिमा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
भीड़ नियंत्रण के लिए हल्का बल प्रयोग
केदारनाथ धाम में लगातार बढ़ रही भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रुद्रप्रयाग पुलिस को हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ा। प्रशासन ने इसे केवल भीड़ प्रबंधन का हिस्सा बताया और कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया। हालांकि कुछ श्रद्धालुओं ने वीआईपी कल्चर को लेकर नाराजगी जताई और कहा कि सामान्य यात्रियों को अधिक देर तक इंतजार करना पड़ रहा है।
सोनप्रयाग-गौरीकुंड में 200 शटल वाहन
CHARDHAM YATRA 2026 के यात्रियों की बढ़ती संख्या और परिवहन के दबाव को देखते हुए प्रशासन ने सोनप्रयाग से गौरीकुंड के बीच चलने वाले शटल वाहनों की संख्या 90 से बढ़ाकर 200 करने का फैसला लिया है। इससे यात्रियों को आवागमन में राहत मिलेगी और लंबी प्रतीक्षा से भी बचा जा सकेगा।
बारिश में भीगे 10 हजार श्रद्धालु
केदारनाथ धाम में लगातार हो रही बारिश ने यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। तेज बारिश के बीच लगभग 10 हजार श्रद्धालु भीग गए। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तापमान तेजी से गिरा है और कई जगह ओलावृष्टि भी हुई, जिससे ठंड काफी बढ़ गई। ऐसे मौसम में यात्रा करना श्रद्धालुओं के लिए चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
गुजरात के श्रद्धालु की हार्ट अटैक से मौत
केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के पहले दिन 22 अप्रैल को गुजरात के वडोदरा निवासी दिलीप भाई की यात्रा के दौरान हार्ट अटैक से मौत हो गई। इस घटना ने सभी को दुखी कर दिया। उत्तराखंड सरकार की ओर से हेलिकॉप्टर की मुफ्त सेवा उपलब्ध कराई गई थी, ताकि आवश्यक स्थिति में तत्काल सहायता दी जा सके।
बदरीनाथ यात्रा
बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को सुबह 6 बजकर 15 मिनट पर वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक विधि-विधान के साथ खोले गए थे। कपाट खुलने के साथ ही अलकनंदा नदी और तप्त कुंड के पास ITBP के जवानों ने विशेष सफाई अभियान चलाया, जिससे श्रद्धालुओं को स्वच्छ वातावरण मिल सके।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बदरीनाथ में हेलीपैड विस्तार के लिए 1.74 करोड़ रुपये की राशि भी स्वीकृत की है। बदरी-केदार मंदिर समिति यानी BKTC ने मंदिर परिसर में मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग और रील बनाने पर सख्त निगरानी रखी है।

प्रवेश द्वार पर आधार कार्ड और पंजीकरण की जांच भी अनिवार्य रूप से की जा रही है। ऊंचे पहाड़ी शिखरों पर हल्की बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में बारिश के कारण यहां भी श्रद्धालुओं को ठंड का सामना करना पड़ रहा है।
गंगोत्री-यमुनोत्री यात्रा
CHARDHAM YATRA 2026 के दौरान यमुनोत्री यात्रा मार्ग पर दो तीर्थयात्रियों की मौत की खबर ने सभी को दुखी कर दिया। नासिक के 65 वर्षीय एक श्रद्धालु को हार्ट अटैक आया, जबकि इंदौर की 40 वर्षीय महिला घोड़े से गिर गईं, जिससे उनकी मौत हो गई। गंगोत्री धाम में कल शाम तापमान गिरकर -7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे ठंड बेहद बढ़ गई।
CHARDHAM YATRA 2026 के दौरान गंगोत्री मार्ग पर उत्तरकाशी प्रशासन ने गेटवे सिस्टम लागू किया है, जिसके तहत डाबरानी और लिमचागाड में वाहनों को रुक-रुककर आगे भेजा जा रहा है, ताकि ट्रैफिक और भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। वहीं यमुनोत्री के पैदल मार्ग पर घोड़े-खच्चरों के संचालन के लिए रोटेशन प्रणाली लागू की गई है, जिससे व्यवस्थाएं बेहतर बनी रहें।
डिस्क्लेमर: ऊपर दी गई CHARDHAM YATRA 2026 की जानकारी सोशल मीडिया, गूगल और विभिन्न वेबसाइट्स/न्यूज़ मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। सटीकता की गारंटी नहीं है।
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