INDIA CENSUS 2027: भारत में 16वीं राष्ट्रीय जनगणना की प्रक्रिया शुरु हो गई है। ये देश के इतिहास की पहली ऐसी जनगणना बनने जा रही है, जो पूरी तरह डिजिटल तरीके से कराई जा रही है। 1 अप्रैल 2026 से इसकी औपचारिक शुरुआत हो चुकी है और इस बार सबसे खास बात यह है कि आम नागरिकों को घर बैठे अपने परिवार की जानकारी खुद भरने की सुविधा दी गई है।
इसे सेल्फ एन्यूमरेशन यानी स्व-गणना कहा जा रहा है। यह पहली बार है जब लोग बिना किसी सरकारी कर्मचारी के आने का इंतजार किए, खुद ही ऑनलाइन अपनी पारिवारिक जानकारी दर्ज कर सकते हैं। 28 अप्रैल 2026 तक देशभर में 26 लाख से अधिक परिवार इस प्रक्रिया को पूरा कर चुके हैं, जो इस नई व्यवस्था को लेकर लोगों की बढ़ती भागीदारी को दिखाता है।
क्यों महत्वपूर्ण है INDIA CENSUS 2027?
साल 2011 में देश की आखिरी जनगणना हुई थी। इसके बाद 2021 में अगली जनगणना होनी थी, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण इसे स्थगित करना पड़ा। अब 2027 में होने वाली यह जनगणना बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इसके आधार पर आने वाले वर्षों की सरकारी नीतियां तय होंगी।
सरकार INDIA CENSUS 2027 के आंकड़ों के आधार पर योजनाएं बनाएगी, संसाधनों का बंटवारा करेगी, बजट तय करेगी और विकास कार्यों की रूपरेखा तैयार करेगी। यह केवल जनसंख्या गिनने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इससे लोगों के आवास, जीवन स्तर, बुनियादी सुविधाओं, संपत्तियों और सामाजिक-आर्थिक स्थिति की विस्तृत तस्वीर भी सामने आएगी।

दो चरणों में होगी INDIA CENSUS 2027
इस बार जनगणना दो अलग-अलग चरणों में कराई जा रही है। पहले चरण को हाउसलिस्टिंग ऑपरेशन कहा गया है, जो अप्रैल 2026 से सितंबर 2026 तक चलेगा। इस दौरान हर राज्य और केंद्रशासित प्रदेश में 30 दिनों तक घर-घर जाकर सर्वे किया जाएगा।
इसमें मकानों, सुविधाओं और घरेलू व्यवस्थाओं से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी। INDIA CENSUS 2027 का दूसरा चरण जनसंख्या गणना का होगा, जो फरवरी 2027 में आयोजित किया जाएगा। हालांकि हिमालयी और अत्यधिक बर्फबारी वाले कुछ क्षेत्रों में यह प्रक्रिया सितंबर 2026 में ही पूरी कर ली जाएगी, ताकि मौसम की बाधाएं काम में रुकावट न बनें।
SELF ENUMERATION क्या है और कैसे करें?
SELF ENUMERATION इस जनगणना की सबसे बड़ी और नागरिकों को सीधे जोड़ने वाली पहल मानी जा रही है। इसमें परिवार का कोई एक सदस्य आधिकारिक वेब पोर्टल se.census.gov.in पर जाकर अपने पूरे परिवार की जानकारी खुद भर सकता है।

आमतौर पर एक परिवार को यह फॉर्म भरने में 15 से 20 मिनट का समय लगता है। फॉर्म पूरा भरकर सबमिट करने के बाद मोबाइल नंबर या ईमेल पर एक सेल्फ एन्यूमरेशन आईडी यानी SE ID प्राप्त होती है। बाद में जब सरकारी एन्यूमरेटर घर पर आएगा, तब यह आईडी उसे दिखानी होगी। इसके बाद वह जानकारी की पुष्टि करके अंतिम सबमिशन करेगा।
यह सुविधा पूरी तरह वैकल्पिक है। जो लोग खुद यह फॉर्म नहीं भर पाएंगे, उनके लिए सरकारी एन्यूमरेटर मोबाइल ऐप के माध्यम से घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे। यानी INDIA CENSUS 2027 में किसी भी परिवार की जानकारी छूटने नहीं दी जाएगी।
SELF ENUMERATION की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया
- सबसे पहले se.census.gov.in पर जाएं।
- वहां मोबाइल नंबर दर्ज करके OTP वेरिफिकेशन के जरिए लॉगिन करें।
- इसके बाद नक्शे पर अपनी लोकेशन पहचानें और अपने परिवार की पूरी जानकारी सावधानीपूर्वक भरें।
- सभी विवरण सही तरीके से भरने के बाद फॉर्म सबमिट करें।
- सबमिट होते ही आपको SE ID प्राप्त होगी।
- इस SE ID को सुरक्षित रखें और एन्यूमरेटर के आने पर उसे दिखाएं, ताकि डेटा की पुष्टि की जा सके।
16 भाषाओं में उपलब्ध है पोर्टल
इस बार INDIA CENSUS 2027 पोर्टल को देशभर के लोगों के लिए आसान बनाने के उद्देश्य से 16 भाषाओं में उपलब्ध कराया गया है। इनमें असमिया, बंगाली, अंग्रेजी, गुजराती, हिंदी, कन्नड़, कोंकणी, मलयालम, मणिपुरी, मराठी, नेपाली, ओड़िया, पंजाबी, तमिल, तेलुगु और उर्दू शामिल हैं।
यानी अलग-अलग राज्यों के लोग अपनी सुविधानुसार भाषा चुनकर जानकारी भर सकते हैं। एक परिवार केवल एक मोबाइल नंबर से ही रजिस्ट्रेशन कर सकता है। पोर्टल पर यूजर गाइड, फ्लोचार्ट, FAQs, ट्यूटोरियल वीडियो और वैलिडेशन चेक जैसी सुविधाएं भी दी गई हैं, ताकि लोगों को प्रक्रिया समझने में कोई परेशानी न हो।
प्रथम चरण में पूछे जाएंगे 33 प्रश्न
जनगणना अधिनियम 1948 के तहत INDIA CENSUS 2027 पहले चरण के लिए कुल 33 प्रश्न अधिसूचित किए गए हैं। इन सवालों में-
भवन और घर की संरचना,
मकान का उपयोग और उसकी स्थिति,
परिवार के मुखिया का नाम,
लिंग,
अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की स्थिति,
परिवार में कुल सदस्यों की संख्या,
कमरों की संख्या,
पीने के पानी का स्रोत,
बिजली की उपलब्धता,
शौचालय की सुविधा,
कूड़ा प्रबंधन,
रसोई और खाना बनाने के ईंधन से जुड़ी जानकारी
घर में टेलीविजन,
रेडियो, इंटरनेट,
कंप्यूटर,
मोबाइल फोन और वाहन जैसी संपत्तियों की जानकारी

राज्यवार शेड्यूल
उत्तराखंड में SELF ENUMERATION की विंडो 10 अप्रैल से 24 अप्रैल 2026 तक रखी गई थी, जबकि हाउसलिस्टिंग ऑपरेशन 25 अप्रैल से 24 मई 2026 तक चलेगा।
वहीं मध्य प्रदेश और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में SELF ENUMERATION 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक और HLO यानी हाउसलिस्टिंग ऑपरेशन 1 मई से 30 मई तक चलेगा। अलग-अलग राज्यों में यह पूरी प्रक्रिया 30 सितंबर 2026 तक जारी रहेगी।
ताजा आंकड़े और अपडेट
10 अप्रैल 2026 तक 5.72 लाख से अधिक परिवारों ने सेल्फ एन्यूमरेशन की प्रक्रिया पूरी कर ली थी। 15 अप्रैल तक 11 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में लगभग 12 लाख परिवार इस प्रक्रिया में शामिल हो चुके थे। 22 अप्रैल तक यह संख्या बढ़कर 26 लाख से अधिक पहुंच गई।
रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों द्वारा दी गई सभी जानकारी जनगणना अधिनियम 1948 के तहत पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। INDIA CENSUS 2027 का उपयोग केवल सांख्यिकीय विश्लेषण, विकास योजनाओं और सरकारी नीति निर्माण के लिए ही किया जाएगा।
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