DEHRADUN BLACKOUT: देहरादून में आज शुक्रवार रात सुरक्षा व्यवस्थाओं की मजबूती और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए एक व्यापक मॉकड्रिल आयोजित की जा रही है। भारत सरकार के निर्देशों के अनुरूप और जिलाधिकारी सविन बंसल के आदेश पर निर्धारित SOP के तहत यह विशेष मॉकड्रिल कराई जाएगी।
इस दौरान राजधानी के कई महत्वपूर्ण हिस्सों में रात 10 बजकर 5 मिनट से 10 बजकर 35 मिनट तक, यानी लगभग 30 मिनट के लिए पूर्ण ब्लैकआउट रहेगा। इस मॉकड्रिल का उद्देश्य एयर रेड, ब्लैकआउट और अन्य आपातकालीन स्थितियों में प्रशासनिक तंत्र की तत्परता और समन्वय क्षमता की वास्तविक जांच करना है।
DEHRADUN BLACKOUT में इन जगहों पर रहेगा अंधेरा
प्रशासन द्वारा जारी DEHRADUN BLACKOUT योजना के अनुसार आईएसबीटी, घंटाघर, दिलाराम चौक और आराघर जैसे प्रमुख क्षेत्रों में यह ब्लैकआउट प्रभावी रहेगा। इन इलाकों में स्ट्रीट लाइट, पार्कों की रोशनी और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर लगी लाइटों को अस्थायी रूप से बंद रखा जाएगा, ताकि वास्तविक आपातकालीन परिस्थितियों जैसा वातावरण तैयार किया जा सके।
मॉकड्रिल शुरू होने से पहले संबंधित क्षेत्रों में आपातकालीन सायरन भी बजाया जाएगा, जिससे लोगों को संकेत मिल सके कि अभ्यास प्रारंभ होने वाला है। इसके साथ ही पुलिस बल और अन्य सुरक्षा एजेंसियां भी मौके पर मौजूद रहकर पूरी स्थिति की निगरानी करेंगी और अपनी आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता का परीक्षण करेंगी।

क्यों हो रहा है DEHRADUN BLACKOUT?
इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य केवल DEHRADUN BLACKOUT करना नहीं, बल्कि पूरे नागरिक सुरक्षा तंत्र की कार्यक्षमता को परखना है। प्रशासन यह जानना चाहता है कि किसी वास्तविक संकट की स्थिति में चेतावनी प्रणाली कितनी तेजी से सक्रिय होती है, संसाधनों का उपयोग कितनी प्रभावशीलता से किया जाता है और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय कितनी सहजता से स्थापित हो पाता है।
प्रशासन की तैयारियां
जिलाधिकारी सविन बंसल ने बताया कि यह मॉकड्रिल देशभर में नागरिक सुरक्षा तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, ताकि किसी भी आपदा या आपातकालीन परिस्थिति में त्वरित और प्रभावशाली प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके। DEHRADUN BLACKOUT मॉकड्रिल की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए एक दिन पहले बृहस्पतिवार को एनआईसी सभागार में टेबल टॉप मीटिंग आयोजित की गई।
इस उच्चस्तरीय बैठक में सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से सौंपी गईं। बैठक में सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सिविल डिफेंस, पुलिस विभाग सहित अन्य प्रमुख एजेंसियों के अधिकारी मौजूद रहे।
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इस DEHRADUN BLACKOUT के दौरान संभावित आपातकालीन परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा की गई और यह सुनिश्चित किया गया कि किसी भी स्थिति में सभी विभागों के बीच बेहतर तालमेल बना रहे। प्रशासन ने सभी संबंधित इकाइयों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करते हुए पहले से पूरी तैयारी रखने के निर्देश भी दिए। मॉकड्रिल के सफल संचालन के लिए जिला स्तर पर इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (EOC) को सक्रिय किया गया है, साथ ही विभिन्न स्थानों पर कंट्रोल रूम भी स्थापित किए गए हैं।
संचार व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए सभी विभागों को दूरसंचार, वायरलेस नेटवर्क और हॉटलाइन के माध्यम से आपस में जोड़ा गया है। इसका उद्देश्य यह है कि किसी भी संभावित स्थिति में तुरंत सूचना का आदान-प्रदान हो सके और बिना किसी देरी के आवश्यक कार्रवाई शुरू की जा सके। प्रशासन का मानना है कि मजबूत संचार व्यवस्था किसी भी आपातकालीन स्थिति में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

नागरिकों से अपील
प्रशासन ने नागरिकों से विशेष अपील की है कि वे DEHRADUN BLACKOUT के दौरान घबराएं नहीं, क्योंकि यह केवल एक अभ्यास है और इसका उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्थाओं को बेहतर बनाना है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने लोगों से कहा है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, शांत रहें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। साथ ही उन्होंने नागरिकों से सहयोग की अपेक्षा जताई है, ताकि यह मॉकड्रिल सफलतापूर्वक संपन्न हो सके और भविष्य में किसी वास्तविक संकट की स्थिति में शहर पूरी तरह तैयार रह सके।
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