CHARDHAM YATRA 2026 की शुरुआत में अब केवल दो दिन शेष हैं और इसी के साथ आज से Haridwar, Dehradun और Rishikesh में ऑफलाइन पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हरिद्वार के Rishikul Maidan में सुबह सात बजे से ही देशभर से पहुंचे श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। यहां जिलाधिकारी Mayur Dixit और एसएसपी Navneet Singh Bhullar ने यात्रियों का फूल-मालाओं, तिलक और मिठाई के साथ स्वागत कर उन्हें शुभ यात्रा की कामनाएं दीं।
CHARDHAM YATRA 2026 का पहला रजिस्ट्रेशन मध्य प्रदेश के दल ने कराया
ऋषिकुल मैदान में सबसे पहला पंजीकरण Madhya Pradesh के शहडोल जिले से आए सात सदस्यीय समूह ने कराया। इस दल में बिसाहू लाल विश्वकर्मा, मुन्नी विश्वकर्मा, प्यारेलाल विश्वकर्मा, रामदीन प्रजापति, दशरथ प्रजापति, शांति प्रजापति और पार्वती प्रजापति शामिल थे। श्रद्धालुओं ने व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया।
तीन शहरों में काउंटर, यात्रा मार्ग पर भी सुविधा
हरिद्वार के ऋषिकुल मैदान में 20 पंजीकरण काउंटर बनाए गए हैं। वहीं Rishikesh के ट्रांजिट कैंप और आईएसबीटी में 30 से अधिक काउंटर स्थापित किए गए हैं, जबकि Dehradun के हरबर्टपुर बस स्टैंड पर भी बड़ा केंद्र तैयार किया गया है। इसके अलावा यात्रा मार्ग के प्रमुख पड़ाव Sonprayag, Jankichatti, Barkot, Joshimath, Badrinath, Gaurikund और Govindghat पर भी रजिस्ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

READ MORE:
- CHARDHAM YATRA 2026 का काउंटडाउन शुरू, तुंगनाथ और मध्यमहेश्वर के कपाट खुलने की तिथि घोषित
- CHARDHAM YATRA 2026 के दौरान बद्री-केदार में अब रील्स नहीं बनेंगी! मोबाइल फोन और वीडियोग्राफी बैन
- CHARDHAM YATRA 2026: ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू, ‘ग्रीन और प्लास्टिक फ्री’ यात्रा बनाने के लिए प्रशासन तैयार
रजिस्ट्रेशन के लिए क्या चाहिए, कैसे होगी प्रक्रिया
पंजीकरण के लिए-
- आधार कार्ड, पैन कार्ड
- ड्राइविंग लाइसेंस या कोई अन्य पहचान पत्र
- एक सक्रिय मोबाइल नंबर
- परिवार के सदस्य का नंबर
- यात्रा की तिथि
प्रक्रिया सात चरणों में पूरी होगी-
- पहले मेडिकल चेकअप
- फिर दस्तावेज सत्यापन
- उसके बाद फिंगरप्रिंट और फेस बायोमेट्रिक
- OTP के माध्यम से मोबाइल सत्यापन
- दर्शन तिथि चयन
- अंत में QR कोड वाली रजिस्ट्रेशन स्लिप जारी की जाएगी।
CHARDHAM YATRA 2026 में तीन स्तरों पर होगी यात्रियों की जांच
यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए तीन स्तरीय जांच व्यवस्था लागू की गई है। पहला पड़ाव हरिद्वार के पंतदीप पार्किंग में होगा, जहां स्वास्थ्य परीक्षण और दस्तावेज जांच होगी। यदि कोई यात्री यहां से छूट जाता है, तो Raiwala में दूसरी जांच होगी और उसके बाद Rishikesh में तीसरा वेरिफिकेशन किया जाएगा। इसके अलावा संबंधित धाम जिले के एंट्री प्वाइंट पर भी अंतिम जांच की जाएगी।
19 अप्रैल से शुरू होगी यात्रा, भीड़ बढ़ने के आसार
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के अनुसार, जैसे-जैसे अन्य धाम खुलेंगे और स्कूलों की छुट्टियां शुरू होंगी, श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ेगी। होटलों और धर्मशालाओं में पहले से ही भारी बुकिंग हो चुकी है और West Bengal, Rajasthan, Gujarat और Uttar Pradesh सहित कई राज्यों से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।

एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए सामान्य दिनों, वीकेंड और पर्वों के लिए अलग-अलग प्लान तैयार किए गए हैं। पंजीकरण केंद्रों पर राजपत्रित अधिकारियों की निगरानी में पुलिस, महिला पुलिसकर्मी और फायर सर्विस की टीमें तैनात हैं। इसके साथ ही चिकित्सा सुविधा, पेयजल, शौचालय और हेल्प डेस्क की भी पर्याप्त व्यवस्था की गई है, जबकि स्वयंसेवक लगातार यात्रियों की मदद कर रहे हैं।
CHARDHAM YATRA 2026
देवभूमि उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध और पवित्र CHARDHAM YATRA 2026 का शुभारंभ 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर हो रहा है। इस दिन गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट विधि-विधान के साथ खोल दिए जाएंगे। इसके पश्चात, 22 अप्रैल को भगवान केदारनाथ के कपाट खुलेंगे और 23 अप्रैल को भगवान बद्रीविशाल के दर्शनों के लिए मंदिर के द्वार श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। यह यात्रा नवंबर माह तक चलेगी, हालांकि कपाट बंद होने की अंतिम तिथियां मौसम और पंचांग के अनुसार बाद में तय की जाएंगी।
देश दुनिया से जुड़ी हर खबर और जानकारी के लिए क्लिक करें-देवभूमि न्यूज

