Laxmi Narayan Chaudhary Biography 2026|| यूपी की राजनीति का चर्चित जाट चेहरा, जिसने दल बदले लेकिन अपनी राजनीतिक ताकत बनाए रखी

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Laxmi Narayan Chaudhary Biography
Laxmi Narayan Chaudhary

 Laxmi Narayan Chaudhary biography उत्तर प्रदेश के एक प्रमुख भारतीय राजनेता हैं, जो लंबे समय से राजनीति में सक्रिय हैं। वे Bharatiya Janata Party (BJP) से जुड़े हुए हैं और संगठन के विश्वसनीय नेताओं में गिने जाते हैं। उनका जन्म उत्तर प्रदेश के Mathura district में हुआ था, जिससे Laxmi Narayan Chaudhary क्षेत्रीय राजनीति में भी मजबूत पकड़ रखते हैं।

लक्ष्मी नारायण चौधरी ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत स्थानीय स्तर से की और धीरे-धीरे राज्य स्तर की राजनीति में पहचान बनाई। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में उन्हें एक बड़े जाट चेहरे के रूप में देखा जाता है। Laxmi Narayan Chaudhary अब तक 5 बार MLA चुने जा चुके हैं और कई बार कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ले चुके हैं। अपने सरल स्वभाव, संगठन के प्रति निष्ठा और जनसेवा के कारण वे अपने क्षेत्र में लोकप्रिय हैं।

Laxmi Narayan Chaudhary भाजपा की नीतियों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं।

Laxmi Narayan Chaudhary Biography || प्रारंभिक जीवन

Laxmi Narayan Chaudhary early life Sanchauli village Mathura
लक्ष्मी नारायण चौधरी – मथुरा के सांचौली गांव

Laxmi Narayan Chaudhary (पूरा नाम- चौधरी लक्ष्मी नारायण सिंह) का जन्म 22 जुलाई 1951 को उत्तर प्रदेश के Mathura district के सांचौली (Sanchauli) गांव में हुआ था। वे जाट समुदाय से हैं और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक प्रमुख चेहरा माने जाते हैं।

उनके पिता का नाम स्व. रतीराम चौधरी था। परिवार कृषि से जुड़ा रहा, जिसके कारण लक्ष्मी नारायण भी शुरू से ही कृषि कार्यों में सक्रिय रहे। उनके प्रारंभिक जीवन का अधिकांश समय गांव सांचौली (Sanchauli) में बीता, जहां उन्होंने ग्रामीण परिवेश में शिक्षा और सामाजिक गतिविधियों की शुरुआत की। 1979 में उनका विवाह ममता चौधरी से हुआ, उनका एक बेटा है।

Laxmi Narayan Chaudhary अपनी प्रारंभिक शिक्षा स्थानीय विद्यालयों से प्राप्त की और उच्च शिक्षा के लिए आगरा विश्वविद्यालय (वर्तमान डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय) गए, जहाँ से उन्होंने एलएलबी (L.L.B.) की डिग्री हासिल की। शिक्षा पूरी करने के बाद वे कृषि, व्यापार (कुकिंग गैस डिस्ट्रीब्यूटर सहित) और राजनीति में सक्रिय हो गए।

उनका प्रारंभिक जीवन सरल, ग्रामीण और कर्मठता से भरा रहा, जहां परिवार की कृषि भूमि, शिक्षा और स्थानीय सामाजिक मुद्दों ने उन्हें राजनीति की ओर प्रेरित किया। Laxmi Narayan Chaudhary एक अनुभवी नेता के रूप में आज भी मथुरा-छाता क्षेत्र में प्रभावशाली माने जाते हैं।

Field Details
Full Name Laxmi Narayan Chaudhary
Popular As Laxmi Narayan Chaudhary BJP Leader
Date of Birth 22 July 1951
Age 74 years
Birthplace Sanchauli Village, Mathura, Uttar Pradesh, India
Nationality Indian
Profession Politician
Political Party Bharatiya Janata Party (BJP)
Education LLB
Father’s Name Ratiram Chaudhary
Constituency Chhata
Current Position Cabinet Minister
Political Debut Won Uttar Pradesh Assembly Election in 1985
MLA Terms 1985, 1996, 2007, 2017, 2022
Known For Development projects, strong political presence in Uttar Pradesh
Religion Hinduism
Marital Status Married
Net Worth (Approx) ₹14 Crore (as per election affidavit)

 

1985 में बने पहली बार विधायक

Laxmi Narayan Chaudhary political journey MLA cabinet minister
Laxmi Narayan with Yogi Adityanath

Laxmi Narayan Chaudhary उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक अनुभवी और प्रभावशाली जाट नेता हैं। उनका राजनीतिक सफर चार दशकों से अधिक पुराना है और Laxmi Narayan Chaudhary मथुरा जिले के Chhata Assembly constituency से पांच बार विधायक चुने जा चुके हैं। 1985 में उन्होंने लोकदल के टिकट पर Chhata Assembly constituency से पहली बार MLA बनकर राजनीति में प्रवेश किया।

1996 में Laxmi Narayan Chaudhary कांग्रेस से दूसरी बार Chhata Assembly constituency से विधायक चुने गये। 1996 के विधानसभा चुनाव के बाद उत्तर प्रदेश में किसी को बहुमत नहीं मिला था। अक्टूबर 1997 में जब बसपा ने कल्याण सिंह सरकार से समर्थन वापस ले लिया, तब सरकार बचाने के लिए कांग्रेस में बड़ी टूट हुई।

तब Laxmi Narayan Chaudhary उन 22 विधायकों में शामिल थे, जिन्होंने जगदंबिका पाल के नेतृत्व में कांग्रेस छोड़कर ‘उत्तर प्रदेश लोकतांत्रिक कांग्रेस’ नाम से एक नया दल बनाया था। इस नए गुट (लोकतांत्रिक कांग्रेस) ने Bharatiya Janata Party (BJP) के कल्याण सिंह को समर्थन दिया, जिससे उनकी सरकार गिरने से बच गई।

सरकार बचाने में मदद करने के बदले में कल्याण सिंह ने इस गुट के लगभग सभी सदस्यों को अपनी कैबिनेट में जगह दी। इसी राजनीतिक घटनाक्रम के तहत Laxmi Narayan Chaudhary अक्टूबर 1997 में सरकार गठन के समय में कैबिनेट मंत्री बनाए गए।

 2006 में Laxmi Narayan Chaudhary फिर से बहुजन समाज पार्टी (BSP) में शामिल हो गए। 2007 के विधानसभा चुनाव में बसपा के टिकट पर Chhata Assembly constituency से तीसरी बार जीते और मायावती सरकार में कृषि मंत्री बने। मीडिया में उन्हें बसपा का “जाट चेहरा” कहा गया। 2012 में बसपा टिकट पर वे हार गए।

जुलाई 2015 में वे Bharatiya Janata Party (BJP) में शामिल हो गए। 2017 के चुनाव में Bharatiya Janata Party (BJP) के टिकट पर Chhata Assembly constituency से चौथी बार जीतकर MLA बने और योगी आदित्यनाथ सरकार में पशुपालन, दुग्ध विकास एवं मत्स्य पालन मंत्री बने। 2022 में Laxmi Narayan Chaudhary भाजपा के टिकट पर पांचवीं बार Chhata Assembly constituency से जीते और गन्ना विकास एवं चीनी मिल विभाग के कैबिनेट मंत्री बने। यह उनका छठा कैबिनेट पोर्टफोलियो था।

Laxmi Narayan Chaudhary 9वीं, 13वीं, 15वीं और 17वीं उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य रह चुके हैं। राजनीति के अलावा वे कृषि, व्यापार (कुकिंग गैस डिस्ट्रीब्यूटर) और सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय रहे हैं। पश्चिमी यूपी, खासकर मथुरा-छाता क्षेत्र में जाट समुदाय के बीच उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है।

तीन हजार महिला स्वयं सहायता समूहों का किया गठन

Laxmi Narayan Chaudhary के कार्यकाल (2024 तक) के दौरान, उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों को लगभग ₹2.89 लाख करोड़ का भुगतान किया गया, जो पिछले 22 वर्षों के कुल भुगतान से अधिक है। 2023-24 के सीजन में लगभग 90% बकाया भुगतान समय पर किया गया। उनके नेतृत्व में राज्य में गन्ना खेती का क्षेत्रफल 20 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 29 लाख हेक्टेयर हो गया।

 Laxmi Narayan Chaudhary के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश एथेनॉल और शीरा उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य बना। 2017 से पहले वार्षिक उत्पादन 42 करोड़ लीटर था, जो अब बढ़कर 180 करोड़ लीटर हो गया है।

 गन्ना विभाग के माध्यम से लगभग 3,000 महिला स्वयं सहायता समूहों का गठन किया गया है, जिसमें 58,000 से अधिक महिलाएँ गन्ने की पौध तैयार कर आय अर्जित कर रही हैं।

 योगी सरकार के पहले कार्यकाल में पशुपालन मंत्री के रूप में उन्होंने “गुजरात मॉडल” की तर्ज पर डेयरी विकास को बढ़ावा दिया और अवैध बूचड़खानों पर रोक लगाने में सक्रिय भूमिका निभाई।

लक्ष्मी नारायण चौधरी कौन हैं?

लक्ष्मी नारायण चौधरी उत्तर प्रदेश के एक वरिष्ठ भाजपा नेता हैं, जो मथुरा जिले की छाता विधानसभा सीट से कई बार विधायक रह चुके हैं।

लक्ष्मी नारायण चौधरी का जन्म कब और कहाँ हुआ था?

उनका जन्म 22 जुलाई 1951 को उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के सांचौली गांव में हुआ था।

लक्ष्मी नारायण चौधरी कितनी बार विधायक बने हैं?

वह अब तक 5 बार विधायक चुने जा चुके हैं – 1985, 1996, 2007, 2017 और 2022 में।

लक्ष्मी नारायण चौधरी किस राजनीतिक पार्टी से जुड़े हैं?

वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता हैं।

लक्ष्मी नारायण चौधरी की कुल संपत्ति (Net Worth) कितनी है?

उनकी अनुमानित कुल संपत्ति लगभग ₹14 करोड़ के आसपास है, जो चुनावी हलफनामे के अनुसार है।

लक्ष्मी नारायण चौधरी ने किन-किन पदों पर कार्य किया है?

उन्होंने कृषि, पशुपालन, डेयरी विकास और गन्ना विकास जैसे विभागों में कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्य किया है।

लक्ष्मी नारायण चौधरी किस समुदाय से आते हैं?

वह जाट समुदाय से आते हैं और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एक मजबूत राजनीतिक चेहरा माने जाते हैं।

Sources & References

Last Updated: April 16, 2026

 

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