बीते गुरुवार की देर रात उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे (TEHRI GARHWAL ACCIDENT) की सूचना मिली है। एक डंपर बेकाबू होकर लम्बगांव थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम क्यारी के पास चारगांव वाली रोड पर करीब 100 मीटर गहरी खाई में जा गिरा। इस हादसे में डंपर चालक समेत दो लोगों की मौत हो गई। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक ये हादसा रात करीब 12:05 बजे हुआ।
कैसे हुआ TEHRI GARHWAL ACCIDENT?
प्राप्त जानकारी के अनुसार डंपर (वाहन संख्या UK09CA-0639) माजफ से माल खाली करके वापस लौट रहा था। लेकिन जब वाहन क्यारी गांव के ऊपर मंदिर के पास तीखी चढ़ाई चढ़ रहा था, तभी अचानक डंपर के ब्रेक फेल हो गए। इसके बाद ब्रेक न लगने और चढ़ाई न चढ़ पाने के कारण डंपर अनियंत्रित होकर सीधे 100 मीटर नीचे खाई में जा गिरा।
TEHRI GARHWAL ACCIDENT में मृतकों की पहचान
इस हादसे में जान गँवाने वाले दोनों व्यक्तियों की पहचान हुई है। इनमें डंपर चालक सूरज राठौड़, उम्र लगभग 44 वर्ष, बहराइच उत्तर प्रदेश के निवासी थे। उनके साथ डंपर में सवार गजेंद्र सिंह रांगड़, उम्र लगभग 36 वर्ष, पुत्र स्वर्गीय धन सिंह रांगड़, ग्राम रौणिया निवासी थे। बता दें कि डंपर अभिषेक राणा पुत्र जयवीर राणा, निवासी ओनालगांव हाल निवासी लम्बगांव के नाम है।

हादसे की सूचना पुलिस को नगर पंचायत अध्यक्ष लम्बगांव रोशन रांगड ने दी। इसके अलावा पुलिस को 112 पर भी सूचना प्राप्त हुई। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस टीम आपदा उपकरणों के साथ मौके पर पहुँची। पुलिस टीम और स्थानीय लोगों ने मिलकर दोनों घायलों को खाई से बाहर निकाला और नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र CHC चौंड पहुंचाया, जहाँ डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
उत्तराखंड में बढ़ रही है हादसों की संख्या
बीते कुछ समय से उत्तराखंड की सड़कें एक बड़ा खतरा बन चुकी है। यहां की खड़ी चढ़ाई, घुमावदार सड़कें, मौसम की मार और बढ़ते वाहन यातायात के कारण सड़क हादसों में लगातार बढ़ोत्तरी हुई है। आंकड़ों पर नजर डालें तो परिवहन विभाग और एकीकृत सड़क दुर्घटना डेटाबेस (iRAD) के अनुसार, 2025 में उत्तराखंड में कुल 1,846 सड़क दुर्घटनाएं हुई, जिनमें 1,242 लोगों की मौत हुई और 2,056 लोग घायल हुए।
2024 के मुकाबले 2025 में दुर्घटनाओं में लगभग 5.7% की वृद्धि हुई, मौतों में 13.9% और घायलों में 32.9% की वृद्धि हुई है। इस से पहले 2024 में राज्य में 1,747 दुर्घटनाएं, 1,090 मौतें और 1,547 घायल हुए थे। 2023 में 1,691 दुर्घटनाएं और 1,054 मौतें हुई थीं।(TEHRI GARHWAL ACCIDENT)
इसके अलावा राज्य की सड़क सुरक्षा गंभीरता (प्रति 100 दुर्घटनाओं पर मौतें) राष्ट्रीय औसत से काफी ऊपर है। इस साल भी 1 जनवरी से 20 फरवरी 2026 तक 36 लोगों की मौत हुई, 138 घायल हुए।
3 फरवरी को देहरादून जिले के कालसी क्षेत्र (क्वानू-मीनस रोड) में हिमाचल रोडवेज की बस अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई थी। इस हादसे में तीन यात्रियों की मौत हो गई और 10 गंभीर रूप से घायल हुए।(TEHRI GARHWAL ACCIDENT)

इसके अलावा 9 मार्च को देहरादून-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग पर मोतीचूर फ्लाईओवर के पास पर वाहनों की भीषण टक्कर हुई। इसमें रोडवेज बस ने ट्रैक्टर ट्रॉली को टक्कर मारी, जिससे स्कॉर्पियो और दो अन्य वाहनों में चेन रिएक्शन हुआ और CNG सिलेंडर फटने से आग लग गई। इस हादसे में 1 मौत और 15 लोग घायल हुए, जिनमें सात बच्चे शामिल थे।
उसी दिन यानि 9 मार्च को ही देहरादून के मोहब्बेवाला इलाके में एक तेज रफ्तार ट्रक टायर फटने से अनियंत्रित होकर रोड डिवाइडर से टकरा गया। इस हादसे में ट्रक चालक और एक स्कूटी सवार युवती घायल हुईं।
पिथौरागढ़-मुनस्यारी रोड पर 15 मार्च को मड़कोट के पास एक कार 50 मीटर गहरी खाई में गिर गई। जिसमें दो लोग मौके पर ही मारे गए, जबकि 2 लोग गंभीर रूप से घायल हुए। नैनीताल जिले के भवाली रोड पर खूपी गांव के पास 27 मार्च को KMOU बस अनियंत्रित होकर पलट गई थी। हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई और आठ अन्य घायल हुए।
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