DEHRADUN TIBETAN MARKET MURDER: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के पॉश इलाके में हुए चर्चित अर्जुन शर्मा हत्याकांड का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। अमरजीत गैस एजेंसी के मालिक और कर्नल के बेटे अर्जुन शर्मा की हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि उनकी अपनी सगी मां बीना शर्मा ने अपने करीबियों के साथ मिलकर कराई थी। पुलिस ने इस मामले में मृतक की मां बीना शर्मा, उनके साथी विनोद उनियाल और एसके मेमोरियल हॉस्पिटल के संचालक डॉ. अजय खन्ना को गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले, बुधवार तड़के पुलिस ने मुठभेड़ के बाद दो शूटरों को भी गिरफ्तार किया था।

DEHRADUN TIBETAN MARKET MURDER: करोड़ों की संपत्ति और गैस एजेंसी बना विवाद का कारण
पुलिस जांच में सामने आया कि मां-बेटे के बीच रिश्तों में खटास करीब 15 साल पहले शुरू हुई थी, जब अर्जुन ने व्यवसाय की बागडोर संभाली। मुख्य विवाद जीएमएस रोड स्थित पैतृक संपत्ति और अमरजीत गैस एजेंसी की जमीन को लेकर था। दरअसल, बीना शर्मा ने इस संपत्ति का सौदा डॉ. अजय खन्ना के साथ करीब 14 करोड़ रुपये में किया था। सौदे के अनुसार 8 करोड़ रुपये का भुगतान हो चुका था, जिसमें से 4 करोड़ रुपये बैंक का लोन चुकाने में इस्तेमाल हुए और बाकी रकम बीना ने अपने साथी विनोद उनियाल को ट्रांसफर कर दी थी।

अर्जुन इस संपत्ति में अपना आधा हिस्सा चाहता था और उसने इस सौदे के खिलाफ अदालत से स्टे (रोक) हासिल कर लिया था। डॉ. अजय खन्ना और बीना के बीच करार था कि यदि सौदा पूरा नहीं हुआ, तो रकम दोगुनी वापस करनी होगी। इसी दबाव और विवाद के चलते बीना शर्मा, विनोद उनियाल और डॉ. खन्ना ने मिलकर अर्जुन को रास्ते से हटाने की साजिश रची।

12 लाख की सुपारी और मुठभेड़ में शूटर गिरफ्तार
एसएसपी अजय सिंह के अनुसार, अर्जुन की हत्या के लिए 12 लाख रुपये की सुपारी तय की गई थी, जिसमें से 3 लाख रुपये एडवांस दिए गए थे। विनोद उनियाल ने अपने ड्राइवर पंकज राणा को इस काम के लिए तैयार किया, जिसने अपने भाई राजू (राजीव) राणा को भी शामिल कर लिया। बुधवार को तिब्बती मार्केट के पास राजू ने अर्जुन के सीने में गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद दोनों भाई फरार हो गए थे, जिन्हें पुलिस ने बुधवार तड़के एक मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया। मुठभेड़ के दौरान दोनों बदमाशों के पैरों में गोली लगी है।

शूटरों का आपराधिक इतिहास
गिरफ्तार शूटर राजू और पंकज सगे भाई हैं और मूल रूप से पौड़ी के निवासी हैं। राजू का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है; उसने 1997 में अपने सौतेले पिता की हत्या की थी और वह सहारनपुर जेल में भी बंद रहा था। पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि हत्या में इस्तेमाल किए गए देसी तमंचे ये दोनों मेरठ से लेकर आए थे। पुलिस को बीना शर्मा के खाते से विनोद उनियाल को करोड़ों रुपये के लेनदेन के पुख्ता सबूत मिले हैं। मृतक की पत्नी अभिलाषा ने आरोप लगाया है कि विनोद को अब तक करीब 20-25 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं।

देहरादून तिब्बती मार्केट हत्याकांड के दोनों शूटर गिरफ्तार, पुलिस के साथ मुठभेड़ में पकड़े गये
देश दुनिया से जुड़ी हर खबर और जानकारी के लिए क्लिक करें-देवभूमि न्यूज

