/ Feb 10, 2026
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EKAL MAHILA SWAROJGAR YOJANA: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को देहरादून स्थित मुख्यमंत्री आवास के मुख्य सेवक सदन में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित ‘मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना’ का औपचारिक शुभारंभ किया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर मुख्यमंत्री ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से राज्य के छह जनपदों की 484 लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में कुल 3 करोड़ 45 लाख 34 हजार 500 रुपये की धनराशि हस्तांतरित की। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभाग के वार्षिक कैलेंडर का भी विमोचन किया।
योजना के तकनीकी पहलुओं की जानकारी देते हुए सचिव चंद्रेश यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना के अंतर्गत लाभार्थी महिलाएं 2 लाख रुपये तक की परियोजनाओं के लिए आवेदन कर सकती हैं। सरकार इस परियोजना लागत का 75 प्रतिशत या अधिकतम 1.50 लाख रुपये तक की सब्सिडी (अनुदान) प्रदान कर रही है। शेष 25 प्रतिशत धनराशि का प्रबंध लाभार्थी महिला को स्वयं के स्रोतों या बैंक ऋण के माध्यम से करना होगा। इस भारी सब्सिडी का उद्देश्य महिलाओं को वित्तीय बोझ से मुक्त कर उन्हें सफल उद्यमी बनाना है।

प्रथम चरण में बागेश्वर (42), देहरादून (191), नैनीताल (75), पौड़ी (66), टिहरी (23) और उधम सिंह नगर (87) की महिलाओं को लाभान्वित किया गया है। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि शेष सात जनपदों की 540 पात्र महिलाओं को भी इस महीने के अंत तक लगभग 4 करोड़ रुपये की धनराशि डीबीटी के माध्यम से भेज दी जाएगी। योजना के दायरे में विधवा, परित्यक्ता, तलाकशुदा महिलाओं के अलावा एसिड अटैक पीड़ितों, आपराधिक घटनाओं की शिकार महिलाओं और ट्रांसजेंडर्स को भी शामिल किया गया है, ताकि समाज का हर उपेक्षित वर्ग मुख्यधारा से जुड़ सके।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि EKAL MAHILA SWAROJGAR YOJANA केवल वित्तीय सहायता नहीं है, बल्कि यह एकल महिलाओं को सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता प्रदान करने का एक जरिया है। उन्होंने कहा कि जब एक महिला सशक्त होती है, तो पूरा परिवार और समाज सशक्त होता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का उल्लेख करते हुए उन्होंने 33 प्रतिशत महिला आरक्षण, उज्ज्वला योजना और लखपति दीदी जैसी योजनाओं को महिला जीवन में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने वाला बताया। मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ साझा किया कि उत्तराखंड में अब तक 1 लाख 68 हजार से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं।

मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि राज्य सरकार महिलाओं की भागीदारी शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्यमिता में बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश में वर्तमान में लगभग 5 लाख महिलाएं 70 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक गतिविधियों में शामिल हैं। उत्पादों की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम तैयार किया गया है। कार्यक्रम में निदेशक बीएल राणा सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और लाभार्थी महिलाएं उपस्थित रहीं।

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