/ Jan 12, 2026
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INDIGO AIRLINE: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी इंडिगो इस वक्त अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रही है। लगातार तीसरे दिन यानी गुरुवार को भी कंपनी को क्रू की कमी के चलते भारी परिचालन संकट का सामना करना पड़ा है। इसके कारण देशभर में इंडिगो का फ्लाइट ऑपरेशन बुरी तरह चरमरा गया है। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद समेत देश के तमाम बड़े एयरपोर्ट्स पर यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गुरुवार को भी देश भर में 170 से अधिक उड़ानें रद्द होने की आशंका जताई जा रही है, जिससे हजारों यात्री हवाई अड्डों पर फंस गए हैं।

गुरुवार सुबह का नजारा देश के कई हवाई अड्डों पर अफरा-तफरी भरा रहा। राजधानी दिल्ली से रवाना होने वाली इंडिगो की 30 से ज्यादा उड़ानें सुबह ही रद्द कर दी गईं। इसके चलते दिल्ली एयरपोर्ट पर यात्रियों की लंबी कतारें लग गईं और चेक-इन काउंटरों पर भीड़ बेकाबू होती दिखी। हैदराबाद एयरपोर्ट पर भी आज लगभग 33 उड़ानें रद्द होने की संभावना है। कई यात्रियों ने अपनी फ्लाइट के इंतजार में पूरी रात एयरपोर्ट पर ही गुजारी। इससे पहले मंगलवार और बुधवार को भी करीब 200 इंडिगो फ्लाइट्स कैंसिल हुई थीं। आंकड़ों पर नजर डालें तो बेंगलुरु में 42, दिल्ली में 67, मुंबई से 33, हैदराबाद में 40 और अहमदाबाद में 25 फ्लाइट्स कैंसिल हुई हैं।

इस संकट की मुख्य वजह नागरिक उड्डयन महानिदेशालय के नए नियम और क्रू मेंबर्स की कमी बताई जा रही है। डीजीसीए ने 1 नवंबर से पायलटों और केबिन क्रू के लिए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन के नए नियम लागू किए हैं। नए नियमों के मुताबिक, क्रू सदस्य अब एक दिन में 8 घंटे, हफ्ते में 35 घंटे और महीने में 125 घंटे से ज्यादा उड़ान नहीं भर सकते। पायलटों की नाइट लैंडिंग की संख्या भी घटाकर दो कर दी गई है और लगातार दो नाइट शिफ्ट के बाद रेस्ट अनिवार्य कर दिया गया है। INDIGO AIRLINE के पास क्रू की कमी पहले से थी और इन नए नियमों के लागू होने के बाद एयरलाइन संभाल नहीं पा रही है।

हालात को बिगड़ता देख डीजीसीए ने सख्त रुख अपनाया है और इंडिगो के शीर्ष अधिकारियों को तलब कर जवाब मांगा है। वहीं, पायलटों की संस्था ‘एयरलाइन पायलट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया’ (ALPA) ने इसे एयरलाइंस की खराब प्लानिंग का नतीजा बताया है। इंडिगो ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए यात्रियों से माफी मांगी है। कंपनी ने एक बयान जारी कर कहा कि तकनीकी खराबी, खराब मौसम और नए एफडीटीएल नियमों के पालन की वजह से ऑपरेशन पर असर पड़ा है। कंपनी ने भरोसा दिलाया है कि अगले 48 घंटों में परिचालन स्थिर हो जाएगा और हालात सामान्य हो जाएंगे।

इंडिगो एयरलाइन आम तौर पर अपनी समयबद्धता (On-Time Performance) के लिए जानी जाती है, लेकिन नवंबर महीने के आंकड़े कंपनी की खराब हालत बयां कर रहे हैं। नवंबर में इंडिगो की कुल 1,232 उड़ानें रद्द हुईं, जिनमें से 755 उड़ानें सिर्फ क्रू की कमी और नए नियमों के कारण कैंसिल करनी पड़ीं। अक्टूबर में जहां 84 प्रतिशत फ्लाइट्स समय पर थीं, वहीं मंगलवार को यह आंकड़ा गिरकर मात्र 35 प्रतिशत रह गया। देश की 60 प्रतिशत घरेलू उड़ानों की हिस्सेदारी रखने वाली और एक दिन में 2300 से ज्यादा उड़ानें संचालित करने वाली इंडिगो का यह संकट पूरे एविएशन सेक्टर पर असर डाल रहा है।

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