OCTOBER 2025 RULE CHANGES: आज, 1 अक्टूबर 2025 से भारत में कई महत्वपूर्ण नियम लागू हो गए हैं, जिनका सीधा असर आम जनता की रोजमर्रा की जिंदगी, वित्तीय लेन-देन, यात्रा और पेंशन व्यवस्था पर पड़ेगा। इन बदलावों का मकसद सेवाओं को ज्यादा पारदर्शी, सुरक्षित और प्रभावी बनाना है। रेलवे टिकट बुकिंग से लेकर पेंशन निवेश, डाक सेवाओं और बैंकिंग तक, ये नियम लाखों लोगों को प्रभावित करेंगे।
OCTOBER 2025 RULE CHANGES: रेलवे टिकट बुकिंग में आधार प्रमाणीकरण
भारतीय रेलवे ने ऑनलाइन टिकट बुकिंग को सुरक्षित बनाने के लिए नया नियम लागू किया है। अब 1 अक्टूबर से सामान्य आरक्षण खुलने के पहले 15 मिनट में केवल वही लोग टिकट बुक कर पाएंगे जिनका आईआरसीटीसी अकाउंट आधार से जुड़ा होगा। यह कदम टिकट दलालों की गतिविधियों को रोकने के लिए उठाया गया है। पहले यह नियम सिर्फ तत्काल टिकटों पर लागू था, लेकिन अब सामान्य बुकिंग पर भी लागू होगा। इसके 15 मिनट बाद बाकी सभी पंजीकृत उपयोगकर्ता टिकट बुक कर सकेंगे।

राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) में बदलाव
पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण ने गैर-सरकारी क्षेत्र के ग्राहकों के लिए मल्टीपल स्कीम फ्रेमवर्क लागू कर दिया है। अब एक ही पीआरएएन नंबर के तहत विभिन्न रिकॉर्डकीपिंग एजेंसियों के माध्यम से कई योजनाओं में निवेश किया जा सकेगा। साथ ही, अब एकल योजना में इक्विटी में 100 प्रतिशत तक निवेश की अनुमति है, जो पहले 75 प्रतिशत तक सीमित थी। इस बदलाव से गिग वर्कर्स और कॉर्पोरेट प्रोफेशनल्स को निवेश में ज्यादा विकल्प और लचीलापन मिलेगा।

स्पीड पोस्ट सेवाओं में अपग्रेड
भारत पोस्ट ने स्पीड पोस्ट सेवाओं को आधुनिक बनाने के लिए कई नई सुविधाएं शुरू की हैं। अब ओटीपी आधारित डिलीवरी और ऑनलाइन पेमेंट का विकल्प उपलब्ध होगा, जिससे पार्सल की सुरक्षा और ट्रैकिंग आसान हो जाएगी। इसके साथ ही शुल्क संरचना में बदलाव किया गया है, जिससे कुछ वजन श्रेणियों पर शुल्क बढ़ सकते हैं। इस कदम से 39 साल पुरानी स्पीड पोस्ट सेवा को निजी कूरियर कंपनियों के स्तर पर लाने की कोशिश की गई है।

यूपीआई लेन-देन में बड़ा बदलाव
नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया ने यूपीआई प्लेटफॉर्म पर “कलेक्ट रिक्वेस्ट” फीचर को समाप्त कर दिया है। अब उपयोगकर्ता केवल “पे” विकल्प का इस्तेमाल कर पाएंगे। यह सुविधा इसलिए हटाई गई है क्योंकि इसके जरिए धोखाधड़ी और फिशिंग की घटनाएं बढ़ रही थीं। अब लेन-देन और सुरक्षित हो जाएंगे।

जीएसटी नियमों में सख्ती
केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं शुल्क बोर्ड ने जीएसटी अनुपालन के लिए नई समय-सीमाएं तय की हैं। सितंबर 2022 के जीएसटीआर-1 और जीएसटीआर-3बी रिटर्न अक्टूबर 2025 में समय-सीमा पार कर देंगे। वहीं, वित्तीय वर्ष 2020-21 के वार्षिक रिटर्न भी समाप्त हो जाएंगे। एसईजेड में वेयरहाउस्ड सामानों पर रिफंड की सुविधा खत्म कर दी गई है। अब जीएसटीआर-7 में इनवॉइस-वार रिपोर्टिंग अनिवार्य होगी। करदाताओं को तीन साल की सीमा से पहले सभी लंबित रिटर्न भरने की सलाह दी गई है।

बैंकों में शुल्क और चेक क्लीयरिंग नियमों में बदलाव
कई बैंकों ने सेवा शुल्क और अन्य नियमों में संशोधन किया है। पंजाब नेशनल बैंक ने लॉकर किराया, स्टैंडिंग इंस्ट्रक्शन फेलियर और नामांकन शुल्क बढ़ाए हैं। येस बैंक ने स्मार्ट सैलरी अकाउंट के लिए एटीएम निकासी सीमा और डेबिट कार्ड शुल्क में बदलाव किया है। इसके साथ ही, आरबीआई ने चेक क्लीयरिंग प्रक्रिया को बैच सिस्टम से कंटीन्यूअस क्लीयरिंग सिस्टम में बदल दिया है, जिससे सेटलमेंट तेज होगा।

ऑनलाइन गेमिंग पर सख्त कानून
सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग को नियंत्रित करने के लिए नया कानून लागू किया है। इसके तहत धोखाधड़ी रोकने के लिए गेमिंग कंपनियों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। मनी-बेस्ड अवैध गेम्स पर पूर्ण प्रतिबंध होगा। नियम तोड़ने पर तीन साल की कैद और एक करोड़ रुपये जुर्माने का प्रावधान किया गया है। बैंकों को भी इन प्लेटफॉर्म्स के लेन-देन की सुविधा देने से रोका गया है। यह कदम खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सितंबर में इन नियमों में होने जा रहें हैं बड़े बदलाव, आम आदमी की जेब और ज़िंदगी पर पड़ सकता है असर!
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